मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने की पूरी तैयारी चल रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक समिति गठन की है जो पूरे मध्यप्रदेश के समाजिक कार्यकर्ता एवं संस्थानों से राय लेकर मध्यप्रदेश में UCC लागू करवाने में सहायता करेगी। यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने का विचार मध्यप्रदेश में काफी हद तक सही है क्योंकि मध्यप्रदेश में कई अलग धर्म के सामाजिक नेता अपना अपना कानून बताते आ रहे है। वह नहीं चाहते कि उनके धार्मिक कानून के आगे और कोई कानून आए जिससे सदियों से चले आ रहे उनके धार्मिक परम्पराओं एवं कानूनों को कोई नुकसान पहुंचे।
अगर मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होता है तो सबसे ज्यादा प्रभाव मध्यप्रदेश की आम जनता को होगा। दंगे बंद हो जाएंगे और धार्मिक नेता धर्म के नाम पर वोट मांगना बंद कर देंगे। अभी समिति गठन हुई है और सभी से विचार विमर्श कर ucc कानून लागू किया जाएगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पहले ही कह चुके है कि बाकी राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड लाया जाएगा।
क्या है यूनिफार्म सिविल कोड
यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ है कि विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और पारिवारिक मामलों से जुड़े कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों न हो। अभी भारत में अलग-अलग धर्म संप्रदाय के लोगों के लिए अलग-अलग कानून हैं। कई धर्मों में तलाक लेने का कानून अलग-अलग है। ऐसे ही कुछ नियमों के बदलाव के लिए केन्द्र सरकार यूनिफार्म सिविल कोड ला रही है। इसी पहल को आगे बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी विचार विमर्श कर रहे है।
मध्यप्रदेश में हिंदू, मुस्लिम, जैन, सिख की संख्या काफी ज्यादा है जो पहले से ही मध्यप्रदेश में निवास कर रहे है या हाल ही के कुछ वर्षों में यहां आकर निवास कर रहे है। इन सभी धर्मों के लिए यूनिफार्म सिविल कोड लाया जा रहा है जिससे सभी नागरिकों के लिए हर कानून एक जैसा हो। यूनिफॉर्म सिविल कोड के आने से किसी भी धर्म के साथ भेदभाव की दूरी खत्म हो जाएगी।
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मध्यप्रदेश सरकार की पहल
यूनिफॉर्म सिविल कोड अगर मध्यप्रदेश में लागू होता है तो मध्यप्रदेश उत्तराखंड के बाद ऐसा दूसरा राज्य बन जाएगा जहां UCC लागू होगा। अभी उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है जहां UCC सबसे पहले लागू हुआ है। मध्यप्रदेश भी UCC लागू करने के लिए उत्तराखंड मॉडल कर अभी काम कर रहा है। यूसीसी से किसी को ठेस न पहुंचे इस बात का भी ध्यान रखें जाने का पूरा प्रयास राज्य सरकार कर रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने UCC लागू करने के विरोध में राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया। जीतू पटवारी ने कहा कि “राज्य सरकार UCC से धर्म की राजनीति कर रही है। इससे सभी धर्मों की एकता को ठेस पहुंचेगा। सभी धर्मों का कानून अलग अलग है। उन्हें अपने धर्म के हिसाब से कानून लागू करने की पूरी स्वतंत्रता है। डॉ मोहन यादव की नेतृत्व वाली राज्य सरकार केवल धर्म की राजनीति कर रही है। ऐसी सरकार लंबे समय तक नहीं टिक पाएगी।”
महिला अधिकार होंगे मजबूत
UCC आने से महिला अधिकार मजबूत होने की संभावना है। ऐसे समाज में कई मुद्दे है जो महिला विरोधी कानून हैं। तलाक, विवाह और उत्तराधिकार से जुड़े मुद्दे महिला विरोधी कानून को दर्शाता है। यूसीसी लाने का सबसे बड़ा कारण महिलाओं को उनका सम्मान दिलाना है। अभी ऐसे कई धर्म है जहां विवाह के बाद तलाक देने का कानून अलग अलग है तो इन कानूनों पर रोक के लिए UCC लाना एक अच्छी पहल होगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक समिति का गठन किया है जो पूरे UCC को सभी धर्मों के नेताओं से मिलकर उनकी राय जानकर UCC को लागू करेंगे। मध्यप्रदेश में कई महिला संगठनों में UCC को लेकर विचार विमर्श जोरों पर है। महिला संगठन अपने अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए UCC लागू करवाने के लिए पूरे तरीके से सहमत है। मध्यप्रदेश के मोहन सरकार की कैबिनेट में कुछ महिला मंत्री भी है जो UCC को अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में जाकर UCC के बारे में सभी धर्मों के लोगों को बता रही है।







