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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 4 जून 2026 को भारत का मौसम पूर्वानुमान 

भारत का मौसम
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 4, 2026 8:13 पूर्वाह्न
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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार 4 जून 2026 का दिन भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने जा रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार अपनी लंबी प्रतीक्षा के बाद केरल के तट से टकराकर मुख्य भूमि में प्रवेश कर रहा है वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के विशाल हिस्से अभी भी भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) की चपेट में झुलस रहे हैं। अल नीनो (El Niño) के सक्रिय होने के संकेतों के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के विविध और चरम रूप देखने को मिल रहे हैं।

मुख्य शहरों और राज्यों के अनुसार विस्तृत पूर्वानुमान

​दक्षिण भारत –  केरल में मानसून की दस्तक और भारी वर्षा

  • केरल और लक्षद्वीप –  आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कोझिकोड सहित केरल के अधिकांश हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। यहाँ गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है।
  • तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश – चेन्नई और बेंगलुरु में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और शाम के वक्त हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है। हालांकि तटीय आंध्र प्रदेश और यनाम के इलाकों में दिन के समय तापमान 40°C से ऊपर रह सकता है, जिससे उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

​उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत – भीषण गर्मी और धूल भरी आंधियां

  • दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा –  राजधानी दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर और गुरुग्राम में 4 जून को मौसम बेहद शुष्क और गर्म रहेगा। अधिकतम तापमान 42°C से 44°C के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर के समय शुष्क और गर्म हवाएं (लू) चलेंगी। हालांकि उत्तर-पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से शाम को 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश और राजस्थान –  उत्तर प्रदेश (विशेषकर लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी) में गंभीर लू (Severe Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बीकानेर) में तापमान 45°C को पार कर सकता है, जिसके साथ ही धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने की भी प्रबल आशंका है।

​मध्य और पश्चिमी भारत –  उमस और छिटपुट बौछारें

  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ – भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं लेकिन उमस का स्तर काफी अधिक रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (रायपुर) के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद तीव्र हवाओं (स्पीड 50-70 किमी/घंटा) के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
  • महाराष्ट्र और गुजरात –  मुंबई और तटीय कोंकण क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी, जिससे कुछ इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और यातायात धीमा हो सकता है। गुजरात (अहमदाबाद, सूरत) के आंतरिक हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा और सामान्य से अधिक हीट वेव वाले दिन दर्ज किए जाएंगे।

​पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत – बाढ़ जैसी स्थिति और भारी बारिश

  • बिहार, झारखंड और ओडिशा –  पटना और रांची में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा और लू की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा के आंतरिक जिलों में तापमान 41°C के आसपास रहने का अनुमान है।
  • असम, मेघालय और मणिपुर –  उत्तर-पूर्वी राज्यों में मानसून पूर्व से ही सक्रिय है। 4 जून को असम, मेघालय और मणिपुर के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) होने का अनुमान है जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव

​मौसम की इस गंभीर और दोहरी स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता, किसानों और प्रशासन के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं

  • गर्मी और लू से बचाव – उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के प्रभावित राज्यों में लोग दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS), या घर के बने पेय (लस्सी, आम पन्ना) का सेवन करें।
  • किसानों के लिए सलाह – इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण कुल मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का 90% (सामान्य से कम) रहने का अनुमान है। इसलिए किसान भाई कृषि कार्यों और बुआई की योजना मौसम के सटीक पूर्वानुमान को देखकर ही बनाएं।
  • तटीय और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए चेतावनी – केरल और पूर्वोत्तर भारत के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। भारी बारिश और आंधी के दौरान कमजोर संरचनाओं, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लें।

​संक्षिप्त नोट (Quick Note)

​4 जून 2026 को भारत का मौसम दो विपरीत छोरों पर खड़ा है। दक्षिण में केरल तट पर मानसून की भारी बारिश के साथ राहत की शुरुआत हो रही है तो वहीं उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाके प्रचंड लू और अत्यधिक तापमान की मार झेल रहे हैं। मौसम विभाग ने गर्मी से सुरक्षा और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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