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Strawberry Moon Rise 2026: 29 जून को वट पूर्णिमा पर दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Strawberry Moon Rise 2026: 29 जून को वट पूर्णिमा पर दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 26, 2026 2:09 अपराह्न
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29 जून 2026 को पड़ने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा इस बार धार्मिक और खगोलीय दोनों दृष्टि से विशेष मानी जा रही है। इसी दिन वट पूर्णिमा व्रत के साथ आसमान में स्ट्रॉबेरी मून भी दिखाई देगा। इस अवसर पर पूजा, स्नान-दान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है।

क्या होता है Strawberry Moon?

हर साल जून महीने की पूर्णिमा को Strawberry Moon कहा जाता है। हालांकि, इस नाम का यह अर्थ नहीं है कि चंद्रमा वास्तव में लाल या गुलाबी दिखाई देता है।

दरअसल, उत्तरी अमेरिका में जून के दौरान जंगली स्ट्रॉबेरी पकने का मौसम होता है। इसी वजह से वहां की परंपरा में जून की पूर्णिमा को Strawberry Moon नाम दिया गया।

खगोलविदों के अनुसार, इस बार चंद्रमा क्षितिज के काफी करीब दिखाई देगा। इसके कारण यह सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बड़ा और अधिक चमकदार नजर आ सकता है।

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ज्येष्ठ पूर्णिमा पर बन रहा है विशेष धार्मिक संयोग

29 जून को पड़ने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा कई महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों का भी दिन है।

वट पूर्णिमा व्रत

इस दिन सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।

स्नान और दान का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंदों को दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

जगन्नाथ स्नान यात्रा

इसी तिथि पर जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक स्नान यात्रा भी आयोजित की जाती है।

वट पूर्णिमा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • वट पूर्णिमा व्रत: 29 जून 2026 (सोमवार)
  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 29 जून 2026, सुबह 03:06 बजे
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 30 जून 2026, सुबह 05:26 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से 12:52 बजे तक
  • अमृत काल: रात 08:53 बजे से 10:40 बजे तक

भद्रा को लेकर क्यों नहीं करनी चाहिए चिंता?

पूर्णिमा के दिन कई लोग भद्रा काल को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार भद्रा पाताल लोक में रहेगी।

धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि जब भद्रा पाताल लोक में होती है, तब उसका अशुभ प्रभाव पृथ्वी पर नहीं माना जाता। इसलिए इस दिन पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य बिना किसी भय के किए जा सकते हैं।

वट पूर्णिमा के दिन कैसे करें पूजा?

चंद्रमा को अर्घ्य दें

29 जून की रात चंद्रमा निकलने के बाद उसे कच्चे दूध और गंगाजल से अर्घ्य अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे मानसिक शांति और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

सत्यनारायण कथा

इस दिन घर में भगवान सत्यनारायण की पूजा एवं कथा का आयोजन करना भी शुभ माना गया है।

दान-पुण्य करें

गर्मी के मौसम को देखते हुए जरूरतमंद लोगों को ठंडा पानी, शरबत अथवा भोजन का दान करना विशेष पुण्यदायी माना गया है।

Conclusion

29 जून 2026 की ज्येष्ठ पूर्णिमा पर वट पूर्णिमा व्रत और स्ट्रॉबेरी मून का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जहां एक ओर यह दिन धार्मिक दृष्टि से पूजा, व्रत और दान के लिए बेहद शुभ माना गया है, वहीं दूसरी ओर आसमान में दिखाई देने वाला स्ट्रॉबेरी मून इसे खगोलीय रूप से भी खास बना देगा। इस अवसर पर श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर धार्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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