राजस्थान स्थित हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण कार्य हो रहा है,जिसके विरोध में किसान आंदोलन कर रहे है बीते दिन यह विरोध हिंसक हो गया। राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड प्लांट की दीवार किसानों ने तोड़
दिया, जिसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई। दरअसल राजस्थान के हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री के निर्माण को लेकर शुरू हुआ किसानों का विरोध हिंसक रूप लेता जा रहा है। राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड प्लांट की दीवार किसानों ने ट्रैक्टरों से तोड़ दिया और उसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी फैक्ट्री परिसर में घुस गए जिससे स्थिति अचानक बिगड़ गई।

हिंसक स्थिति को देख प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर पथराव और आगजनी हुई, जैसे हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे वहीं इस झड़प में कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया समेत 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। गुस्साए किसानों फैक्ट्री में जमकर तोड़फोड़ की, साथ ही फैक्ट्री परिसरॉ में खड़ी कम से कम 15 गाड़ियों में आग लगा दी जिनमें दो जेसीबी मशीन 8 से 10 कारें 4 मोटरसाइकिलें और एक सरकारी पुलिस जीप शामिल बताई जा रही है।
कैसे शुरू हुआ यह विवाद?
तनाव की शुरुआत तब ही हो गई थी जब प्रशासन ने हनुमानगढ़ में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री को मंजूरी दी थी, जिसका विरोध किसान और वहां रहने वाले लोग कर रहे थे आज होने वाली किसान सभा में जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पहले ही रोक दिया था। दोपहर टिब्बी के गुरुद्वारा सिंह सभा में किसानों की सभा हुई सभा में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। किसानों ने प्रशासन को यह चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो यह आंदोलन जारी रहेगा।
विधायक सहित 70 से ज्यादा घायल
एडीजी वी के सिंह ने बताया कि बीते 10 दिसंबर तक सब कुछ शांति से चल रहा था। बाहरी लोगों ने इस उपद्रव को भड़काया जिसमें कई ग्रामीण तो फैक्ट्री लगने के पक्ष में भी थे। पुलिस की ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई है। कई लोग कैमरे में पत्थर फेंकते हुए और कानून को अपने हाथ में लेते हुए कैद हुए हैं किसानो और पुलिस की इस झड़ख मे कांग्रेस विधायक सहित 70 से ज्यादा लोग घायल हुए है जिनका इलाज चल रहा है बताया गया कुछ घायल तो रातभर टिब्बी के गुरुद्वारे में ही रुके रहे़।
इंटरनेट सेवायें बंद, 40 पुलिसकर्मी घायल
आज भी टिब्बी क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद है। वहीं फैक्ट्री के आसपास रहने वाले करीब 30 से ज्यादा परिवार अपना घर छोड़कर क्षेत्र से बाहर चले गए हैं। हनुमानगढ़ में फैक्ट्री में होने वाली हिंसा में 107 से अधिक किसानों व ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। एडीजी वीके सिंह ने कहा है कि 36 से ज्यादा पुलिस और बॉर्डर होमगार्ड को चोट लगी है जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को ज्यादा चोट आई है।






