अमेरिका में इस समय ‘विंटर स्टॉर्म फर्न’ (Winter Storm Fern) का कहर जारी है। जनवरी 2026 का यह बर्फीला तूफान पिछले पांच वर्षों में सबसे भीषण माना जा रहा है। 200 मिलियन (20 करोड़) से अधिक लोग इसकी चेतावनी के घेरे में हैं।
तूफान का मुख्य कारण
यह तूफान किसी एक कारण से नहीं, बल्कि तीन भौगोलिक स्थितियों के एक साथ मिलने (The Deadly Combination) से उत्पन्न हुआ है
- आर्कटिक ब्लास्ट (Arctic Blast) – उत्तरी ध्रुव (North Pole) पर घूमने वाला ‘पोलर वोर्टेक्स’ (Polar Vortex) अपनी सामान्य सीमा से नीचे खिसक कर अमेरिका के मध्य भागों तक आ गया है। इससे कनाडा की हाड़ कपा देने वाली ठंडी हवाएं दक्षिण की ओर बढ़ रही हैं।
- मैक्सिको की खाड़ी से नमी (Gulf Moisture) – दक्षिण से आने वाली गर्म और नम हवाएं जब इस कड़ाके की ठंड वाली हवा से टकराती हैं, तो भारी बर्फबारी और बारिश का कारण बनती हैं।
- तापमान का उलटाव (Temperature Inversion) – सतह पर जमीनी तापमान शून्य से काफी नीचे है, लेकिन ऊंचाई पर हवा तुलनात्मक रूप से गर्म है। इस वजह से बारिश बर्फ बनने के बजाय जमने वाली बारिश (Freezing Rain) में बदल जाती है, जिससे सड़कों और बिजली के तारों पर ‘विनाशकारी बर्फ’ (Catastrophic Ice) की परत जम जाती है।
‘दो-तिहाई अमेरिका’ की चपेट का अर्थ
जब हम कहते हैं कि दो-तिहाई अमेरिका इसकी चपेट में है, तो इसका मतलब केवल बर्फ गिरना नहीं है। इसका अर्थ भौगोलिक विस्तार और जनसंख्या का प्रभाव है
- विस्तार – यह तूफान न्यू मैक्सिको (दक्षिण-पश्चिम) से लेकर मेन (पूर्वोत्तर) तक 2,000 मील से अधिक लंबे क्षेत्र में फैला हुआ है।
- प्रभाव – अमेरिका के लगभग 65% से 70% भूभाग पर या तो बर्फीली हवाएं (Wind Chills) चल रही हैं, या भारी बर्फबारी और घातक बर्फ जम रही है।
- खतरा – लगभग 18 से 20 करोड़ लोग (देश की कुल आबादी का करीब 60%) किसी न किसी प्रकार की आधिकारिक चेतावनी (Watch, Warning or Advisory) के दायरे में हैं।
प्रभावित राज्य और इमरजेंसी वाले क्षेत्र
प्रशासन ने अब तक लगभग 15 से 17 राज्यों और वाशिंगटन डी.सी. में आपातकाल (State of Emergency) घोषित कर दिया है।
| क्षेत्र | प्रमुख प्रभावित राज्य |
| दक्षिण (South) | टेक्सास, ओक्लाहोमा, अर्कांसस, लुइसियाना, मिसिसिपी, अलबामा |
| मध्य-पश्चिम (Midwest) | मिसौरी, कंसास, केंटकी, टेनेसी |
| पूर्वोत्तर (Northeast) | न्यूयॉर्क, वर्जीनिया, नॉर्थ कैरोलिना, साउथ कैरोलिना, जॉर्जिया |
| सबसे खतरनाक स्थिति | टेक्सास से लेकर कैरोलिना तक ‘आइस स्टॉर्म’ (Ice Storm) की चेतावनी है, जहाँ 1 इंच तक बर्फ जमने की संभावना है। |
उड़ानों पर असर (Flight Cancellations)
पूरे अमेरिका में अब तक 8,500 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं और यह संख्या बढ़ रही है।
सबसे ज्यादा रद्दीकरण कहाँ
- डलास-फोर्ट वर्थ (DFW) – यहाँ लगभग 75% उड़ानें रद्द हुईं।
- अटलांटा (ATL) – दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा होने के कारण यहाँ सबसे ज्यादा यात्री फंसे हैं।
- नैशविले (BNA) – यहाँ 59% के करीब उड़ानें प्रभावित हैं।
- अन्य प्रभावित हब – शार्लोट (CLT), मेम्फिस (MEM) और न्यूयॉर्क के सभी हवाई अड्डे (JFK, Newark)।
- एयर इंडिया का अपडेट – न्यूयॉर्क और नेवार्क (Newark) जाने वाली सभी एयर इंडिया की उड़ानें (25-26 जनवरी) रद्द कर दी गई हैं।
प्रशासन की व्यवस्था और नागरिकों के लिए निर्देश
अमेरिकी सरकार (FEMA) और राज्य प्रशासनों ने ‘जीवन बचाने’ को प्राथमिकता दी है
पावर ग्रिड बैकअप – बिजली कंपनियों को स्टैंडबाय पर रखा गया है क्योंकि बर्फ के वजन से पेड़ गिरते हैं और बिजली के तार टूट जाते हैं।
शेल्टर होम – बेघर लोगों और उन लोगों के लिए जिनके घरों में हीटिंग की व्यवस्था नहीं है, ‘वार्मिंग सेंटर्स’ खोले गए हैं।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी
- 3-दिन का स्टॉक – नागरिकों को 3 दिन का भोजन, पानी और दवाएं जमा करने को कहा गया है।
- कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा – बिजली कटने पर जनरेटर का उपयोग घर के अंदर न करने की सलाह दी गई है।
- यात्रा प्रतिबंध – नेशनल हाईवे पर अनिवार्य होने पर ही निकलने और कार में ‘इमरजेंसी किट’ (कंबल, टॉर्च, खाना) रखने को कहा गया है।
- पशु सुरक्षा – पालतू जानवरों और पशुओं को कवर्ड शेल्टर में रखने के सख्त निर्देश हैं।
यह तूफान केवल एक मौसमी घटना नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय आपदा की स्थिति है। तापमान – 40°F – 40°C तक गिर सकता है, जिससे महज 10 मिनट में ‘फ्रॉस्टबाइट’ (अंगों का सुन्न होकर गलना) का खतरा रहता है।







