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आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की यूनियनों की 5-डे वर्क वीक की मांग को लेकर हड़ताल

आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की यूनियनों की 5-डे वर्क वीक की मांग को लेकर हड़ताल
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 27, 2026 1:41 अपराह्न
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आज यानी 27 जनवरी 2026 को भारत भर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) में कामकाज पूरी तरह से ठप है। बैंक कर्मचारियों की शीर्ष संस्था यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा बुलाई गई यह देशव्यापी हड़ताल मुख्य रूप से ‘5-डे वर्क वीक’ (सप्ताह में 5 दिन काम) की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर है।

बैंक हड़ताल का  मुख्य विवरण और वर्तमान स्थिति

  • हड़ताल की तिथि  –  27 जनवरी 2026 
  • मुख्य संगठन  –  यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) 
  • प्रमुख मांग  – सभी शनिवारों को आधिकारिक अवकाश घोषित करना (5-दिवसीय कार्य सप्ताह) 
  • प्रभावित बैंक  –  SBI, PNB, BoB समेत सभी सरकारी बैंक और कुछ पुराने निजी बैंक 
  • अप्रभावित बैंक  –  HDFC, ICICI, Axis जैसे आधुनिक निजी क्षेत्र के बैंक 

हड़ताल का मुख्य कारण –  5-डे वर्क वीक की मांग

बैंक यूनियनों और भारतीय बैंक संघ (IBA) के बीच 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते (Bipartite Settlement) के दौरान ‘5-डे वर्क वीक’ के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत-

  • सभी शनिवार अवकाश –  महीने के प्रत्येक शनिवार को बैंक बंद रखने का प्रस्ताव दिया गया।
  • कार्य समय में वृद्धि –  इसके बदले कर्मचारी प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हुए थे।
  • सरकार की मंजूरी का इंतज़ार –  IBA ने इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय (भारत सरकार) के पास भेजा था, लेकिन लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है।

कर्मचारियों का कहना है कि जब RBI, LIC और स्टॉक एक्सचेंज में 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंकों में इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है?

ग्राहकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

हड़ताल के कारण शाखा स्तर पर निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हो रही हैं|

  • नकद लेनदेन –  काउंटर पर जमा और निकासी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • चेक क्लीयरेंस –  चेक प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।
  • ऋण और प्रशासनिक कार्य –  लोन प्रक्रिया और अन्य कागजी काम रुक गए हैं।
  • लगातार बंदी – चूंकि 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 को रविवार और 26 को गणतंत्र दिवस की छुट्टी थी, इसलिए 27 को हड़ताल होने से ग्राहकों को लगातार 4 दिनों तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित रहना पड़ा है।

नोट – UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। हालांकि, एटीएम (ATM) में कैश की किल्लत हो सकती है।

यूनियनों का तर्क – क्यों जरूरी है 5-डे वर्क

यूनियनों के अनुसार, यह मांग केवल छुट्टी के लिए नहीं बल्कि एक ‘मानवीय और कुशल’ बैंकिंग प्रणाली के लिए है|

  • मानसिक स्वास्थ्य –  बैंक कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार के कारण तनाव बढ़ रहा है।
  • कार्य-जीवन संतुलन –  5 दिन काम से कर्मचारी अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकेंगे।
  • वैश्विक मानक –  दुनिया भर के अधिकांश वित्तीय संस्थानों में 5-डे वर्क वीक ही मानक है।
  • तकनीकी उन्नति – डिजिटल बैंकिंग के दौर में शाखाओं को 6 दिन खुला रखने की आवश्यकता कम हो गई है।

क्या होगा आगे 

UFBU ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द ही अधिसूचना (Notification) जारी नहीं करती है, तो भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल या लंबे विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं। वर्तमान में, गेंद केंद्र सरकार के पाले में है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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