डेलीबार्ता,नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार 13 फरवरी से ‘दिल्ली खेल महाकुंभ’ का आयोजन करने जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित खेल आयोजन की आधिकारिक घोषणा सोमवार को खेल और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। उन्होंने बताया कि दिल्ली खेल महाकुंभ का उद्घाटन 13 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी।
दिल्ली सरकार का यह आयोजन न सिर्फ युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा, बल्कि राजधानी को देश की एक मजबूत स्पोर्ट्स कैपिटल के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है। इस खेल महाकुंभ में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से आने वाले करीब 20 हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
एक महीने तक चलेगा खेलों का महासंग्राम
दिल्ली खेल महाकुंभ केवल एक दिन या कुछ दिनों का आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह प्रतियोगिता करीब एक महीने तक चलेगी। आयोजन को व्यापक और समावेशी बनाने के लिए दिल्ली के 16 प्रमुख स्टेडियमों और कई अन्य वेन्यू पर मैच आयोजित किए जाएंगे।
इन वेन्यू में बवाना, विकासपुरी, नजफगढ़ सहित दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी के हर कोने के युवाओं को अपने नजदीकी क्षेत्र में खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिल सके और किसी भी खिलाड़ी को दूरी या संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े।
शुरुआती चरण में सात प्रमुख खेल शामिल
खेल मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी कि दिल्ली खेल महाकुंभ के प्रारंभिक चरण में कुल सात खेलों को शामिल किया गया है।
इनमें शामिल हैं—
- कबड्डी
- फुटबॉल
- एथलेटिक्स
- कुश्ती (रेसलिंग)
- बास्केटबॉल
- वॉलीबॉल
- स्क्वैश
इन खेलों का चयन युवाओं की रुचि और दिल्ली में उपलब्ध खेल अवसंरचना को ध्यान में रखते हुए किया गया है। भविष्य में इस आयोजन को और भी बड़ा स्वरूप देने तथा अन्य खेलों को शामिल करने की योजना पर भी सरकार विचार कर रही है।
20 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी
दिल्ली खेल महाकुंभ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 20,000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेने जा रहे हैं। यह आयोजन स्कूल, कॉलेज, अकादमी और स्वतंत्र खेल प्रतिभाओं के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा।
सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी से न केवल प्रतिस्पर्धा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने आने का भी अवसर मिलेगा। यही प्रतिभाएं भविष्य में राज्य और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोशन कर सकती हैं।
‘रणवीर’ बना दिल्ली खेल महाकुंभ का मैस्कॉट
इस मौके पर खेल मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली खेल महाकुंभ के आधिकारिक मैस्कॉट ‘रणवीर’ का भी अनावरण किया।
रणवीर को दिल्ली के युवाओं की ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास और खेल भावना का प्रतीक बताया गया है। मैस्कॉट का उद्देश्य युवाओं में उत्साह बढ़ाना और खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार करना है। सरकार को उम्मीद है कि रणवीर आने वाले समय में दिल्ली के खेल आयोजनों की एक पहचान बनेगा।
जीतने वालों के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि
दिल्ली खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार भी रखे गए हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पुरस्कार राशि का पूरा विवरण साझा किया।
टीम इवेंट्स में पुरस्कार:
- गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम: 1,75,000 रुपये
- सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम: 1,51,000 रुपये
- ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली टीम: 1,31,000 रुपये
- व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पुरस्कार:
- गोल्ड मेडल विजेता: 11,000 रुपये
- सिल्वर मेडल विजेता: 9,000 रुपये
- ब्रॉन्ज मेडल विजेता: 7,000 रुपये
सरकार का कहना है कि यह पुरस्कार राशि खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
खेलों को फिर से प्राथमिकता दे रही दिल्ली सरकार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशीष सूद ने कहा कि मौजूदा दिल्ली सरकार ने खेलों को एक बार फिर प्राथमिकता में शामिल किया है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि दिल्ली को देश की स्पोर्ट्स कैपिटल के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले खेलों के लिए न तो पर्याप्त बजट दिया गया और न ही दीर्घकालिक योजना बनाई गई, जिसके कारण दिल्ली के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भागीदारी दर्ज नहीं करा सके।
खेल बजट में उतार-चढ़ाव का पूरा लेखा-जोखा
आशीष सूद ने खेल बजट के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में खेलों के बजट में लगातार गिरावट देखी गई।
- वर्ष 2021-22 में खेलों का बजट: 60 करोड़ रुपये
- वर्ष 2022-23 में बजट घटकर: 41 करोड़ रुपये
- वर्ष 2023-24 में बजट और कम होकर: 26 करोड़ रुपये
- वर्ष 2024-25 में भी बजट: 26 करोड़ रुपये
उन्होंने कहा कि बजट में इस गिरावट का सीधा असर खिलाड़ियों की तैयारियों, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर पड़ा।
- 2025-26 में तीन गुना बढ़ा खेल बजट-वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को बदलने का दावा करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में खेल और युवा मामलों के लिए बजट को तीन गुना बढ़ाकर 76 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
- आशीष सूद के अनुसार, यह बढ़ा हुआ बजट खेल -अवसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं, कोचिंग, प्रतियोगिताओं और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने में खर्च किया जाएगा।
- युवाओं को समान अवसर देने पर जोर-दिल्ली खेल महाकुंभ के आयोजन के पीछे सरकार की सोच केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि राजधानी के हर वर्ग और हर क्षेत्र के युवाओं को समान अवसर मिले।
- इसी कारण प्रतियोगिताओं को अलग-अलग इलाकों में आयोजित किया जा रहा है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी पीछे न रह जाए।
- दिल्ली के खेल भविष्य की मजबूत नींव-दिल्ली खेल महाकुंभ को लेकर सरकार और खेल विभाग को उम्मीद है कि यह आयोजन राजधानी के खेल भविष्य के लिए एक मजबूत नींव साबित होगा।
- यह महाकुंभ न केवल खिलाड़ियों को मंच देगा, बल्कि कोच, खेल संगठनों और चयनकर्ताओं के लिए भी प्रतिभाओं को पहचानने का एक बड़ा अवसर बनेगा।
- ऐसे में अब देखना यह होगा कि यह खेल महाकुंभ आने वाले वर्षों में दिल्ली को कितने नए चैंपियन देता है और राजधानी को स्पोर्ट्स मैप पर कितनी मजबूती से स्थापित करता है।







