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दुबई से गिरफ्त में आया सीकर का कुख्यात शराब माफिया अनिल पांड्या चाय की दुकान से शुरू हुआ था अपराध का सफर

दुबई से गिरफ्त में आया सीकर का कुख्यात शराब माफिया अनिल पांड्या चाय की दुकान से शुरू हुआ था अपराध का सफर
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 6, 2026 1:45 अपराह्न
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डेलीबार्ता,दुबई-सीकर जिले के फतेहपुर इलाके का कुख्यात शराब माफिया अनिल पांड्या आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। गुजरात एटीएस (ATS) से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर दुबई में की गई कार्रवाई में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अनिल पांड्या लंबे समय से राजस्थान, गुजरात और हरियाणा पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। अब विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में जुट गई हैं, ताकि उसे भारत लाकर दर्जनों मामलों में पूछताछ की जा सके।

चाय की दुकान से अपराध की दुनिया तक का सफर

अनिल पांड्या की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं मानी जा रही है। सीकर के फतेहपुर क्षेत्र स्थित ‘खाजी का बास’ का रहने वाला अनिल पांड्या कभी एक छोटी सी चाय की दुकान चलाता था। सामान्य जीवन से शुरुआत करने वाले पांड्या ने धीरे-धीरे गलत रास्ता चुना और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। स्थानीय स्तर पर छोटी-मोटी गतिविधियों से शुरुआत करने के बाद वह जल्द ही शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़ गया।

2012 का हत्याकांड, यहीं से बदली किस्मत

अनिल पांड्या का नाम पहली बार 2012 में उस समय सुर्खियों में आया, जब उसका संबंध बिरजू ठेकेदार हत्याकांड से जुड़ा। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन बाद में वह सांचौर जेल से फरार हो गया। जेल से फरारी ने उसे एक तरह से अपराध की दुनिया में ‘खूंखार’ पहचान दिला दी। इसके बाद उसने खुलकर बड़े सिंडिकेट्स के साथ काम करना शुरू किया और खुद को संगठित अपराध के बड़े चेहरे के तौर पर स्थापित कर लिया।

सांचौर जेल से फरारी के बाद बढ़ा नेटवर्क

सांचौर जेल से फरार होने के बाद अनिल पांड्या ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसने गुजरात और हरियाणा में सक्रिय शराब तस्करी गिरोहों के साथ मिलकर काम शुरू किया। गुजरात में पूर्ण शराबबंदी होने के बावजूद पांड्या ने वहां अवैध शराब का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। बताया जाता है कि उसके नेटवर्क से हर महीने करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार होता था।

शराब तस्करी के साथ ही जमीन और वसूली का भी खेल

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अनिल पांड्या सिर्फ शराब तस्करी तक सीमित नहीं था। वह जमीनों पर अवैध कब्जा, जबरन वसूली और धमकी जैसे मामलों में भी सक्रिय था। सीकर जिले में ही उसके खिलाफ 39 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गुजरात और हरियाणा में भी उस पर कई गंभीर धाराओं में केस चल रहे हैं। उसकी दबंगई और नेटवर्क के कारण स्थानीय लोग उससे डरते थे।

लंबे समय से पुलिस की नजर में था पांड्या

सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार, अनिल पांड्या लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। इसी कारण वह देश छोड़कर दुबई चला गया था और वहीं से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एजेंसियों की निगरानी के चलते आखिरकार उसका बच पाना मुश्किल हो गया।

दुबई से चला रहा था पूरा सिंडिकेट

जांच एजेंसियों के मुताबिक, दुबई में रहते हुए अनिल पांड्या अपने खास गुर्गों के जरिए भारत में नेटवर्क चलाता था। तौफीक नजीर खान और जगदीश प्रसाद जैसे उसके करीबी साथी जमीन पर काम संभालते थे। शराब की सप्लाई, वसूली और अन्य अवैध गतिविधियों का पूरा हिसाब दुबई से तय किया जाता था। पांड्या खुद को सुरक्षित मान रहा था, लेकिन भारतीय एजेंसियों की लगातार निगरानी ने उसे पकड़ ही लिया।

गुजरात ATS के इनपुट पर हुई गिरफ्तारी

सूत्रों के अनुसार, गुजरात एटीएस को लंबे समय से अनिल पांड्या की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद दुबई की संबंधित एजेंसियों के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया हुई शुरू, जल्द लाया जायेगा भारत 

अनिल पांड्या की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे अहम कदम उसे भारत लाना है। विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस मिलकर प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे जल्द ही भारत लाया जाएगा।

भारत आते ही होगी गहन पूछताछ, खुलेगें कई राज

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अनिल पांड्या के भारत पहुंचते ही उससे गहन पूछताछ की जाएगी। शराब तस्करी के नेटवर्क, अंतरराज्यीय गिरोहों और उसके आर्थिक साम्राज्य से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। राजस्थान और गुजरात पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों की कड़ियां जुड़ेंगी।

कानून के शिकंजे में अपराध का ‘अंडरवर्ल्ड’

चाय की दुकान से शुरू हुआ अनिल पांड्या का सफर आखिरकार अपराध की अंधी गली में खत्म होता नजर आ रहा है। दुबई में हुई गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं है, चाहे अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो। आने वाले दिनों में अनिल पांड्या से जुड़े मामलों में बड़े खुलासों की उम्मीद की जा रही है, जो राजस्थान और गुजरात की अपराध की तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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