इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 में शुक्रवार को फुटबॉल प्रेमियों को एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें धैर्य, रणनीति और अंत तक रोमांच—तीनों का बेहतरीन मिश्रण था। एफसी गोवा ने घरेलू मैदान पर ओडिशा एफसी को 3-1 से हराकर न सिर्फ तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, बल्कि अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी।गोवा के फातोर्डा स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पहले हाफ में जहां दोनों टीमें एक-दूसरे को परखती नजर आईं, वहीं दूसरे हाफ में गोवा ने जिस आक्रामक अंदाज में खेल बदला, उसने मैच की पूरी तस्वीर बदल दी।
पहले हाफ में सांसें थमी रहीं
मैच की शुरुआत में ऐसा लगा मानो दोनों टीमें एक-दूसरे को ‘शह और मात’ के खेल में उलझा रही हैं। पहले 45 मिनट में खेल में रफ्तार तो थी, लेकिन फिनिशिंग वैसी नहीं दिखी जैसी उम्मीद थी। ओडिशा ने शुरुआत में कुछ अच्छे मूव्स बनाए, गेंद पर उनका कंट्रोल भी बेहतर था, लेकिन गोवा के गोल पोस्ट के पास आते ही उनकी सारी प्लानिंग धरी की धरी रह जा रही थी।गोवा की डिफेंस लाइन—जिसे अक्सर आलोचक निशाने पर लेते हैं—कल रात बिल्कुल अलग मूड में थी। सधे हुए टैकल्स और आपस में गजब का तालमेल। ऐसा लग रहा था कि संदेश झिंगन और कंपनी ने ठान लिया है कि आज तो सेंध नहीं लगने देंगे। नतीजा ये हुआ कि हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा, पर मैदान पर तनाव साफ़ महसूस किया जा सकता था।
62वां मिनट और द्राजिच का धमाका
दूसरे हाफ में खेल का गियर अचानक बदल गया। गोवा की टीम अब सिर्फ रोक नहीं रही थी, बल्कि वह ओडिशा के जबड़े से मैच छीनने के मूड में आ चुकी थी। 62वें मिनट में स्टेडियम में शोर का ऐसा विस्फोट हुआ कि आसपास के इलाके गूंज उठे। देजान द्राजिच ने अपनी क्लास दिखाई और एक ऐसा जादुई गोल दागा जिसने ओडिशा के हौसले पस्त कर दिए। इस एक गोल ने पूरे मैच का माहौल ही बदल दिया; गोवा के खिलाड़ियों के पैर अब मैदान पर तैरने लगे थे।
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मोरेनो का हेडर, ओडिशा पर बढ़ा दबाव
पहला गोल खाने के बाद ओडिशा ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन गोवा ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। उल्टा, गोवा ने अपनी बढ़त को और मजबूत करने का मन बना लिया।81वें मिनट में पॉल मोरने ने कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाकर दूसरा गोल दाग दिया। इस गोल के साथ ही मैच लगभग गोवा के पक्ष में झुक गया।
इंजरी टाइम में गोलों की बारिश
जब लग रहा था कि मैच खत्म होने वाला है, तभी ड्रामा शुरू हुआ। 90+4 मिनट में गोवा को पेनल्टी मिली और ब्रायसन फर्नांडिस ने बिना किसी गलती के उसे गोल में तब्दील कर दिया। स्कोर 3-0! गोवा के फैंस जीत का जश्न मनाने ही लगे थे कि 90+6 मिनट में वी.पी. सुहैर ने ओडिशा के लिए एक सांत्वना गोल दाग दिया। हालांकि इस गोल से हार का गम कम नहीं हुआ, लेकिन सुहैर ने यह जरूर दिखा दिया कि आखिरी सेकंड तक लड़ना किसे कहते हैं।
रणनीति और संयम बने जीत के कारण
गोवा की इस जीत के पीछे उनकी स्पष्ट रणनीति नजर आई। पहले हाफ में संयम और दूसरे हाफ में आक्रामकता—यह संतुलन टीम को जीत दिलाने में अहम साबित हुआ।कोच की यह योजना पूरी तरह सफल रही, क्योंकि खिलाड़ियों ने मैदान पर उसे बेहतरीन तरीके से लागू किया।वहीं ओडिशा एफसी की टीम अंतिम तिहाई में बार-बार चूकती नजर आई। अच्छे मूव बनाने के बावजूद वे उन्हें गोल में नहीं बदल सके, जो उनकी हार का बड़ा कारण बना।
अंक तालिका में मजबूत हुई स्थिति
इस जीत के साथ FC Goa ने अंक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम अब प्लेऑफ की दौड़ में मजबूती से बनी हुई है। दूसरी ओर, Odisha FC के लिए स्थिति थोड़ी चिंताजनक हो गई है। टीम को अब आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, तभी वह वापसी की उम्मीद जिंदा रख पाएगी।
कुल मिलाकर यह मैच इंडियन सुपर लीग के इस सीजन के यादगार मुकाबलों में शामिल हो गया। एफसी गोवा ने दिखाया कि सही समय पर आक्रामकता और संयम का मेल किसी भी मैच का रुख बदल सकता है।वहीं ओडिशा एफसी के लिए यह हार एक सीख की तरह है—मौके बनाने के साथ-साथ उन्हें भुनाना भी उतना ही जरूरी है।
आने वाले मैचों में दोनों टीमों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।







