भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 18 मई 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो बेहद विपरीत रूप देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत भीषण लू (Heatwave) की चपेट में रहेगा, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून के बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में आगे बढ़ने के कारण पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून और मौसमी बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।
यहाँ देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए संक्षिप्त मौसम पूर्वानुमान और इस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपाय दिए गए हैं
क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान (18 मई 2026)
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत ‘ भीषण लू (Severe Heatwave) का प्रकोप
- प्रभावित क्षेत्र – पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश और विदर्भ।
- तापमान की स्थिति – इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42°C से 45°C के बीच रहने की संभावना है। कुछ मैदानी इलाकों में तापमान 45.°Cके पार भी जा सकता है।
- IMD की चेतावनी – पश्चिमी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘गंभीर लू’ (Severe Heatwave) को लेकर ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही रातें भी गर्म (Warm Nights) रहने की आशंका है।
पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल – गरज-चमक के साथ भारी बारिश
- प्रभावित क्षेत्र – असम, 8मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल।
- मौसम की स्थिति – इन राज्यों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall) की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चल सकती हैं।
दक्षिण और प्रायद्वीपीय भारत ‘ मानसून की दस्तक और तटीय गर्मी
- प्रभावित क्षेत्र – केरल, कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।
- मौसम की स्थिति – दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से अंडमान-निकोबार और केरल में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी। वहीं, मुंबई, ठाणे और कोंकण क्षेत्र में उमस भरी गर्मी (Hot & Humid weather) परेशान करेगी।
पहाड़ी क्षेत्र – शुष्क मौसम की शुरुआत
- प्रभावित क्षेत्र – जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड।
- मौसम की स्थिति – 18 मई से इन राज्यों के निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने लगेगा, जिससे दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
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मौसम के अनुसार आवश्यक उपाय और सावधानियां
18 मई 2026 को होने वाले इस मौसमी बदलाव को देखते हुए नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है
भीषण गर्मी और लू से बचाव के उपाय (मैदानी और मध्य भारत के लिए)
- हाइड्रेटेड रहें – प्यास न लगने पर भी पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS) घोल, लस्सी, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें।
- दोपहर में बाहर जाने से बचें – दोपहर 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच, जब धूप सबसे तीखी होती है, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
- पहनावे पर ध्यान दें – बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। अपने सिर को टोपी, स्कार्फ या छतरी से ढकें और धूप का चश्मा (Sunglasses) पहनें।
- शारीरिक श्रम से बचें – दोपहर के समय भारी शारीरिक मेहनत वाले काम न करें। यदि बाहर काम करना जरूरी हो, तो बीच-बीच में छायादार स्थान पर आराम लें।
- कमजोर वर्ग का ध्यान रखें – बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों को सीधी धूप से बचाएं। उन्हें कभी भी पार्क की गई बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें।
भारी बारिश और आंधी-तूफान से बचाव के उपाय (पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए)
- आकाशीय बिजली से सुरक्षा – गरज-चमक के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और जल निकायों (Ponds/Rivers) से दूर रहें। सुरक्षित कंक्रीट की इमारतों के अंदर शरण लें।
- यातायात में सावधानी – भारी बारिश के कारण दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है और सड़कों पर जलभराव हो सकता है। वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग ‘ तूफान के समय घर के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें ताकि बिजली के उतार-चढ़ाव से नुकसान न हो।
किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह
- सिंचाई का प्रबंधन – लू प्रभावित क्षेत्रों के किसान अपनी खड़ी फसलों, विशेषकर सब्जियों और बागों में शाम या सुबह के समय हल्की सिंचाई करें।
- कटी हुई फसल की सुरक्षा – पूर्वोत्तर के किसान कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें ताकि वे भारी बारिश में भीगकर खराब न हों।
नोट – स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव (Nowcast) हो सकता है, इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट या ‘मौसम’ ऐप पर अपने शहर की ताजा चेतावनी जरूर देख लें।







