भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार 20 मई 2026 को पूरे भारत के मौसम में एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिलेगा। जहां एक तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाके भीषण लू (Heatwave) की चपेट में रहेंगे वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण भारी बारिश और तेज आंधी का दौर जारी रहेगा।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत – भीषण गर्मी और लू का प्रकोप
इस क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होगा।
- दिल्ली-एनसीआर – राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को भीषण गर्मी का सितम जारी रहेगा। अधिकतम तापमान 44°C से 45°C के पार जाने की संभावना है। दिन के समय 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से शुष्क और गर्म धूल भरी हवाएं (लू) चलेंगी।
- राजस्थान – पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम विभाग ने ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जयपुर में पारा 46°C को छू सकता है। दोपहर में तीव्र हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी।
- पंजाब और हरियाणा – इन राज्यों के मैदानी इलाकों में भीषण लू की स्थिति रहेगी। चंडीगढ़ सहित प्रमुख शहरों में उमस और शुष्क गर्मी परेशान करेगी।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ – मध्य प्रदेश के लगभग 31 जिलों (जैसे ग्वालियर, गुना, सागर, रीवा) में लू की चेतावनी है। छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में भी गर्म हवाएं चलेंगी, हालांकि कुछ दक्षिणी हिस्सों में स्थानीय बादलों की आवाजाही हो सकती है।
दक्षिण भारत – भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
केरल में मानसून की जल्द दस्तक के संकेतों के बीच दक्षिण प्रायद्वीप में मौसम काफी सक्रिय है।
- केरल और माहे – तटीय और आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की संभावना है। बादलों की कड़कड़ाहट के साथ तेज हवाएं चलेंगी।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और तटीय कर्नाटक – इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में भी छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत – आंधी-तूफान और वर्षा
- पूर्वोत्तर राज्य (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) – अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 20 मई को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ आंधी और मध्यम बारिश होगी।
- पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार-झारखंड – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में लगातार बारिश के आसार हैं। वहीं, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में दोपहर या शाम के समय 40-50 किमी/घंटा की गति से चलने वाली तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी से गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।
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पर्वतीय क्षेत्र – जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड
पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद इन राज्यों के निचले इलाकों में तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी जा रही है। हालांकि, ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बर्फबारी/बारिश और बिजली कड़कने की संभावना बनी हुई है।
मुख्य शहरों का संभावित तापमान
| शहर | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | मुख्य स्थिति |
| नई दिल्ली | 28°C | 45°C | साफ आसमान, भीषण लू और तेज हवाएं |
| मुंबई | 27°C | 34°C | उमस भरा मौसम, आंशिक बादल |
| कोलकाता | 26°C | 35°C | उमस, शाम को हल्की आंधी-बारिश की संभावना |
| चेन्नई | 26°C | 36°C | आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, हल्की वर्षा |
| बेंगलुरु | 22°C | 31°C | गरज के साथ मध्यम वर्षा या बौछारें |
| भोपाल | 27°C | 43°C | तीव्र गर्मी और गर्म हवाएं (लू) |
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव
- लू से बचाव (उत्तर एवं मध्य भारत के लिए) – सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते से ढकें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या लस्सी का सेवन करें।
- मछुआरों के लिए चेतावनी – दक्षिण अरब सागर, मालदीव, केरल-कर्नाटक तट और अंडमान सागर के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
- कृषि संबंधी सलाह – पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के किसान कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। लू प्रभावित क्षेत्रों में शाम के समय हल्की सिंचाई करें।
विशेष नोट – यह मौसम पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्रों द्वारा जारी तात्कालिक उपग्रह चित्रों और गणितीय मॉडलों पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण मौसम की स्थितियों में अचानक परिवर्तन संभव है। अतः किसी भी प्रकार की यात्रा या बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने से पहले अपने स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र की नवीनतम दैनिक एडवाइजरी और रीयल-टाइम वेदर रडार अपडेट्स की जांच अवश्य कर लें। सुरक्षित रहें और मौसम की चेतावनियों का पालन करें।







