मई का महीना पारंपरिक रूप से भारत में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का समय होता है, लेकिन साल 2026 में मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 4 मई को देश के विभिन्न हिस्सों में ‘वेदर व्हिपलैश’ (Weather Whiplash) जैसी स्थिति देखी जा सकती है, जहाँ एक तरफ लू का प्रकोप होगा, वहीं दूसरी ओर गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
उत्तर भारत – पहाड़ से मैदान तक हलचल
4 मई को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों (दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश) में एक सक्रिय ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) का प्रभाव रहेगा।
- मौसम की स्थिति – आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलने और धूल भरी आंधी आने की प्रबल संभावना है।
- तापमान – अधिकतम तापमान 36°C से 39°C के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से थोड़ा कम है।
- पहाड़ी क्षेत्र – जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ ऊंचे स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी है।
मध्य भारत – भीषण गर्मी और अचानक गरज-चमक
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाकों में मौसम काफी अस्थिर रहेगा।
- पूर्वानुमान – छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 मई को ‘थंडरस्क़्वल’ (Thundersquall) की संभावना है, जिसमें हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
- विदर्भ – यहाँ लू (Heatwave) की स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि शाम के समय गरज के साथ छींटे पड़ने से थोड़ी राहत मिल सकती है।
पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत: भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा) और पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में प्री-मानसून गतिविधियां चरम पर होंगी।
- बारिश – असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। बिहार और झारखंड में बिजली गिरने (Lightning) और गरज के साथ बारिश की संभावना है।
- समुद्र तटीय क्षेत्र – ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में आर्द्रता (Humidity) अधिक रहेगी, जिससे उमस भरी गर्मी महसूस होगी।
दक्षिण भारत – केरल और तमिलनाडु में मानसून पूर्व वर्षा
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण वर्षा जारी रहेगी।
- केरल और तमिलनाडु – 4 मई को केरल और तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना है। कर्नाटक के दक्षिणी अंदरूनी हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना – तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है।
तापमान का तुलनात्मक विवरण (संभावित)
| क्षेत्र | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मुख्य स्थिति |
| नई दिल्ली | 38° | 24° | आंधी और हल्की बारिश |
| जबलपुर | 41° | 26° | तेज हवाएं और बादल |
| अहमदाबाद | 42° | 27° | गर्म और शुष्क |
| कोलकाता | 36° | 28° | उमस और गरज-चमक |
| बेंगलुरु | 33° | 22° | हल्की वर्षा |
विशेष मौसम अपडेट – लू और ओलावृष्टि एक साथ क्यों?
अक्सर मई में लू और ओले का एक साथ होना असामान्य लगता है, लेकिन IMD का कहना है कि सतह पर अत्यधिक गर्मी और ऊपर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ की नमी जब मिलती है, तो विशाल ‘थंडरक्लाउड्स’ (Thunderclouds) बनते हैं। यही कारण है कि उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 4 मई को ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
आम जनजीवन और किसानों के लिए आधिकारिक सुझाव
किसानों के लिए सलाह
- फसल सुरक्षा – जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं (50-70 किमी/घंटा) की चेतावनी है, वहां कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- सिंचाई – तेज हवाओं के दौरान सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
आम नागरिकों के लिए सुरक्षा उपाय
- हीटस्ट्रोक से बचाव – दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो पर्याप्त पानी पिएं और सिर ढककर रखें।
- बिजली और आंधी – गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से निकाल दें।
यात्रियों के लिए सुझाव
- पहाड़ी यात्रा – उत्तराखंड और हिमाचल की यात्रा करने वाले पर्यटक भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बारिश के प्रति सचेत रहें। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम ऐप पर अपडेट चेक करें।
4 मई 2026 को भारत का मौसम मिश्रित रहेगा। जहां उत्तर भारत में आंधी-बारिश से तापमान नियंत्रित रहेगा वहीं मध्य और पश्चिमी भारत को गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भारी बारिश चिंता का विषय हो सकती है।
नोट – मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। कृपया ताज़ा अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ‘मौसम’ ऐप को देखे







