मई का महीना भारतीय उपमहाद्वीप के लिए पारंपरिक रूप से भीषण गर्मी का समय होता है और 17 मई 2026 भी इसका अपवाद नहीं है। IMD के अनुसार रविवार का दिन उत्तर और पश्चिम भारत के लिए जहाँ तपिश लेकर आएगा वहीं दक्षिण और उत्तर-पूर्वी राज्यों में ‘प्री-मानसून’ गतिविधियों के कारण राहत और चेतावनी दोनों की स्थिति बनी रहेगी।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत – तपती धूप और लू का रेड अलर्ट
रविवार, 17 मई 2026 को उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का कहर जारी रहेगा।
- राजस्थान – पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। यहाँ अधिकतम तापमान 46°C से 48°C के बीच रह सकता है।
- दिल्ली, पंजाब और हरियाणा – यहाँ तापमान 43°C से 45°C के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के समय गर्म पछुआ हवाएं (Heat Wave) जनजीवन को प्रभावित करेंगी।
- उत्तर प्रदेश – पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुष्क मौसम और लू की स्थिति बनी रहेगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन गर्मी से राहत की उम्मीद कम है।
मध्य भारत – गर्मी का ‘ऑरेंज अलर्ट’
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाकों में गर्मी अपने चरम पर होगी।
- मध्य प्रदेश और विदर्भ – अधिकांश जिलों में लू की स्थिति रहेगी। रातें भी ‘वार्म नाइट’ (Warm Night) श्रेणी में रह सकती हैं, जिसका अर्थ है कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा।
- छत्तीसगढ़ – यहाँ हल्की उमस के साथ गर्मी बढ़ेगी। दोपहर बाद कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।
दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्र – प्री-मानसून की सक्रियता
दक्षिण भारत में मौसम उत्तर भारत के बिल्कुल विपरीत रहने वाला है।
- केरल और कर्नाटक – दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हो रही हैं। 17 मई को केरल के तटीय इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
- तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश – यहाँ गरज-चमक के साथ हल्की बारिश (Thunderstorms) की संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह – यहाँ भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत – बारिश और आंधी का साया
- पश्चिम बंगाल और ओडिशा – बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण यहाँ ‘काल बैसाखी’ (Nor’westers) जैसी स्थिति बन सकती है। शाम के समय 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
- पूर्वोत्तर राज्य (असम, मेघालय, अरुणाचल) – यहाँ मानसून-पूर्व की भारी वर्षा जारी रहेगी। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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17 मई 2026 के लिए विशेष सुझाव और सावधानी (Health & Safety Tips)
गर्मी और संभावित तूफानों को देखते हुए नागरिकों के लिए निम्नलिखित सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं
भीषण गर्मी से बचाव (Heatwave Precautions)
- हाइड्रेशन – प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें।
- समय का चयन – दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें।
- पहनावा – हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को छाते, टोपी या तौलिए से ढकें।
- बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान – घर के बुजुर्गों और बच्चों को ठंडे वातावरण में रखें, क्योंकि उन्हें लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है।
बारिश और बिजली (Thunderstorm Safety)
- सुरक्षित स्थान – यदि आप बाहर हैं और आसमान में बिजली कड़क रही है, तो तुरंत किसी पक्की इमारत में शरण लें। पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण – आंधी-तूफान के दौरान बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- मछुआरों के लिए – बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में जाने वाले मछुआरे आईएमडी के अपडेट्स का पालन करें।
कृषि परामर्श (For Farmers)
- सिंचाई – उत्तर भारत के किसान अपनी खड़ी फसलों (खासकर सब्जियों और मूंग) में हल्की सिंचाई शाम के समय करें।
- कटाई – कटाई कर ली गई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, ताकि अचानक होने वाली प्री-मानसून बारिश से नुकसान न हो।
17 मई 2026 का दिन भारत के लिए ‘दोहरे मौसम’ वाला होगा। जहाँ एक तरफ उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में होगा, वहीं दक्षिण और उत्तर-पूर्वी भारत में प्री-मानसून की बारिश राहत और चुनौतियाँ दोनों लेकर आएगी।
नोट – मौसम की स्थिति पल-पल बदल सकती है। सटीक जानकारी के लिए स्थानीय मौसम केंद्र या ‘मौसम’ (Mausam) ऐप का उपयोग करें।यह रिपोर्ट IMD के उपलब्ध पूर्वानुमान मॉडल पर आधारित है और जनहित में जारी की गई है।







