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इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 : ईस्ट बंगाल के सिर में सजा खिताबी ताज कोलकाता में जश्न

इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 : ईस्ट बंगाल के सिर में सजा खिताबी ताज कोलकाता में जश्न
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 22, 2026 12:25 अपराह्न
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कोलकाता:भारतीय फुटबॉल प्रेमियों का 22 साल लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। ईस्ट बंगाल ने इंडियन सुपर लीग (ISL) का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल मैच डे के मुकाबले में इंटर काशी को 2-1 से हराकर टीम ने पहली बार आईएसएल की ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ ही ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद देश की टॉप डिवीजन फुटबॉल का ताज दोबारा हासिल कर लिया है।सीजन की शुरुआत ईस्ट बंगाल के लिए काफी निराशाजनक रही थी। शुरुआती मैचों में लगातार खराब प्रदर्शन के कारण टीम पॉइंट्स टेबल में काफी नीचे खिसक गई थी। ऐसे नाजुक समय में स्पेनिश कोच ओस्कार ब्रुजोन ने टीम की कमान संभाली। उन्होंने आते ही टीम की रणनीति बदली, खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और युवा व अनुभवी खिलाड़ियों का एक बेहतरीन तालमेल तैयार किया। धीरे-धीरे टीम की फॉर्म वापस आई और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

पूरे टूर्नामेंट में दिखा टीम का जुझारूपन

इस पूरे सत्र में ईस्ट बंगाल ने मैदान पर बेहद आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने कई बड़े और कड़े मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की। खेल की सबसे खास बात यह रही कि खिलाड़ी मैच के आखिरी मिनट तक हार नहीं मानते थे। यही जुझारूपन इस बार टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा और उन्हें चैंपियन बना गया।खिताब दिलाने में टीम के विदेशी खिलाड़ियों के साथ-साथ भारतीय फुटबॉलरों ने भी बराबर का योगदान दिया। फॉरवर्ड लाइन ने लगातार गोल दागकर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा, जबकि डिफेंस ने प्रतिद्वंद्वी स्ट्राइकर्स को ज्यादा मौके नहीं दिए। इसके साथ ही गोलकीपरों ने भी कई अहम मौकों पर बेहतरीन बचाव करते हुए टीम को संकट से निकाला।

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ओस्कार ब्रुजोन: जीत के असली सूत्रधार

स्पेनिश कोच ओस्कार ब्रुजोन इस सीजन में टीम के लिए सबसे बड़े संकटमोचक साबित हुए। जब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी, तब टीम बहुत खराब दौर से गुजर रही थी। लेकिन उनकी प्लानिंग और मैच के दौरान शांत रहकर फैसले लेने की क्षमता ने पूरा पासा पलट दिया।कोच ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि टीम भावना पर भी खास ध्यान दिया जिससे मैदान पर सभी खिलाड़ी एक इकाई के रूप में खेले। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि कोच ब्रूजोन ने टीम के भीतर एक ऐसी मानसिकता पैदा की जिससे खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों में भी दबाव में नहीं टूटे और कुछ ही महीनों में ईस्ट बंगाल को चैंपियन बना दिया।

यूसुफ एज्जेजारी बने जीत के बड़े हीरो

इस पूरे फुटबॉल सीजन में ईस्ट बंगाल के स्ट्राइकर यूसुफ एज्जेजारी का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने कई महत्वपूर्ण और करीबी मुकाबलों में गोल दागकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। उनकी तेज रफ्तार और गोल करने की क्षमता ने विपक्षी टीमों के डिफेंस को पूरे समय परेशान रखा।हालांकि, यह जीत केवल किसी एक खिलाड़ी के दम पर नहीं मिली, बल्कि पूरी टीम ने मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। मिडफील्ड के खिलाड़ियों ने खेल की रफ्तार को नियंत्रित किया, तो रक्षापंक्ति ने कई बार विपक्षी आक्रमणों को नाकाम कर टीम को हार से बचाया। इसी सामूहिक खेल ने ईस्ट बंगाल को दूसरी टीमों से बेहतर साबित किया।

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जीत के बाद सड़कों पर उतरा फैंस का सैलाब

आईएसएल का खिताब जीतने के साथ ही पूरे कोलकाता शहर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। क्लब के प्रशंसक ढोल-नगाड़ों और पटाखों के साथ सड़कों पर निकल पड़े। शहर के अलग-अलग इलाकों में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी।क्लब के पुराने समर्थकों के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था, क्योंकि उन्होंने इस दिन को देखने के लिए पूरे दो दशक से ज्यादा का लंबा इंतजार किया था। कई प्रशंसकों की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते थे। सोशल मीडिया पर भी ईस्ट बंगाल की इस जीत की गूंज रही और खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों ने क्लब को इस सफलता पर बधाई दी।

कोलकाता फुटबॉल का पुराना गौरव लौटा

एक समय था जब भारतीय फुटबॉल में कोलकाता के क्लबों का पूरी तरह से दबदबा हुआ करता था। इस शहर में फुटबॉल को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की भावना और संस्कृति से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, पिछले कुछ सालों से यह माना जाने लगा था कि शहर की फुटबॉल संस्कृति थोड़ी कमजोर हो रही है, लेकिन ईस्ट बंगाल की इस खिताबी जीत ने पुराने गौरव को एक बार फिर जिंदा कर दिया है।

भविष्य के लिए बढ़ीं उम्मीदें

आईएसएल का खिताब अपने नाम करने के बाद अब ईस्ट बंगाल क्लब से खेल प्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। समर्थकों को पूरा भरोसा है कि टीम आने वाले समय में भी अपने इसी शानदार प्रदर्शन को जारी रखेगी। वहीं, क्लब प्रबंधन भी अब इस खिताबी जीत के बाद टीम को भविष्य के लिए और अधिक मजबूत बनाने की तैयारियों में जुट गया है।ईस्ट बंगाल की यह खिताबी जीत सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं है। यह कहानी है उस लंबे संघर्ष, अटूट विश्वास और उम्मीद की, जो पिछले दो दशकों से इस क्लब और इसके लाखों समर्थकों के साथ जुड़ी हुई थी। 22 साल बाद मिली इस ऐतिहासिक सफलता ने क्लब के सुनहरे इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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