23 मई 2026 को भारत के मौसम में एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार जहां एक तरफ उत्तर और मध्य भारत के विशाल हिस्से भीषण लू (Heatwave) की चपेट में रहेंगे वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मानसून और शुरुआती मानसूनी गतिविधियों के कारण तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
केरल में इस साल मानसून सामान्य तिथि से पहले यानी 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है जिसके चलते दक्षिण भारत के समुद्र तटीय इलाकों में मौसमी हलचल काफी बढ़ गई है।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत – झुलसा देने वाली गर्मी और लू
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं और तेज धूप के कारण तापमान रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है। आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
- दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) – राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में 23 मई को अधिकतम तापमान 44°C से 45°C के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर और शाम के समय 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म सतही हवाएं (लू) लोगों को परेशान करेंगी। न्यूनतम तापमान भी 31°C से ऊपर रहने के कारण रातें भी बेहद गर्म होंगी।
- पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ – इन राज्यों के अधिकांश जिलों में गंभीर लू की स्थिति (Severe Heatwave) बनी रहेगी। अमृतसर, लुधियाना, हिसार और रोहतक जैसे शहरों में पारा 45°C पार कर सकता है। दोपहर के समय धूल भरी गर्म हवाएं चलने की आशंका है।
- राजस्थान – पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर में तापमान 46°C से 47°C तक पहुंच सकता है। पूर्वी राजस्थान (जयपुर, उदयपुर) में भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिलेगी।
मध्य और पूर्वी भारत – रिकॉर्ड तोड़ तापमान
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश – उत्तर प्रदेश का बांदा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से इस समय देश के सबसे गर्म इलाकों में शुमार हैं। 23 मई को प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, ग्वालियर और भोपाल में अधिकतम तापमान 45°C से 47°C के बीच रहने का अनुमान है। रात का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री अधिक रहेगा जिससे ‘वार्म नाइट’ (Warm Night) की स्थिति बनी रहेगी।
- बिहार, झारखंड और ओडिशा – इन राज्यों में मौसम शुष्क और गर्म रहेगा। हालांकि, ओडिशा के तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी (Humid Heat) बेचैनी बढ़ाएगी जबकि आंतरिक हिस्सों में लू का असर रहेगा। पटना और रांची में तापमान क्रमश: 42°C और 40°C के आसपास रहेगा।
दक्षिण भारत – प्री-मानसून की बौछारें और तेज हवाएं
दक्षिण भारत में स्थिति उत्तर से बिल्कुल उलट है। अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
- केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु – केरल के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 23 मई को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। बेंगलुरु और कोच्चि जैसे शहरों में बादल छाए रहेंगे और तापमान 30°C से 33°C के बीच रहने से मौसम सुहावना बना रहेगा। चेन्नई में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन उमस अधिक होगी।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना – हैदराबाद और आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है जिससे अधिकतम तापमान 38°C से 39°C तक सिमट सकता है।
पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्य – बारिश और भूस्खलन का अलर्ट
- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड – एक हल्के पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से इन पहाड़ी राज्यों के ऊंचे इलाकों में छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 23 मई को कुछ स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने का अनुमान है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 20°C के आसपास रहने से ठंडक रहेगी।
- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) – इन राज्यों में दक्षिण-पूर्वी नम हवाओं के कारण भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall) का सिलसिला जारी रहेगा। आईएमडी ने यहां कुछ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर चेतावनी जारी की है।
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IMD द्वारा जारी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी मुख्य सुझाव
गर्मी और बारिश की इस दोहरी स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं
- लू से बचाव (उत्तर एवं मध्य भारत के लिए) – दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेहद जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचें। लगातार पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या छाछ पीते रहें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें। बुजुर्गों, बच्चों और पालतू जानवरों का विशेष ध्यान रखें।
- तेज हवा और आकाशीय बिजली (पहाड़ी एवं दक्षिणी राज्यों के लिए) – गरज-चमक के साथ बारिश के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। घर के भीतर रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- मछुआरों के लिए चेतावनी – केरल, लक्षद्वीप और अंडमान के समुद्र तटीय इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसलिए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
नोट – मौसम में बदलाव की प्रकृति त्वरित हो सकती है। स्थानीय स्तर पर सटीक और तात्कालिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के प्रादेशिक मौसम केंद्र (RMC) के दैनिक अपडेट्स और ‘मौसम’ ऐप (Mausam App) पर नजर बनाए रखें।







