भारत में जून की शुरुआत के साथ ही उमस और झुलसाने वाली गर्मी अपने चरम पर होती है। ऐसे में हर कोई किसी ठंडी और शांत जगह पर जाने की प्लानिंग करता है। मानसून के आने से ठीक पहले का समय मई का आखिरी हफ्ता और पूरा जून हिल स्टेशंस की सैर के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस दौरान न तो आपको भारी बारिश के कारण रास्तों के बंद होने का डर होता है, और न ही मैदानी इलाकों जैसी चुभती हुई गर्मी झेलनी पड़ती है।
यदि आप भी इस प्री-मानसून सीजन में किसी खूबसूरत जगह पर जाने का मन बना रहे हैं तो भारत के ये 4 हिल स्टेशन आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट रहेंगे।
मनाली, हिमाचल प्रदेश (Manali, Himachal Pradesh)
अगर आप बर्फ से ढकी चोटियों, ठंडी हवाओं और एडवेंचर के शौकीन हैं तो मनाली आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है। मानसून से पहले यहाँ का मौसम बेहद सुहावना होता है।
- मुख्य आकर्षण – सोलांग वैली (Solang Valley), अटल टनल (Atal Tunnel), रोहतांग पास, हिडिम्बा देवी मंदिर और ओल्ड मनाली के कैफे।
- क्या करें – सोलांग वैली में पैराग्लाइडिंग, जोगिनी वॉटरफॉल तक ट्रेकिंग और ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग।
- कैसे पहुँचें – सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुंतर (Bhuntar) है जो मनाली से 50 किमी दूर है। आप दिल्ली या चंडीगढ़ से ओवरनाइट वोल्वो बस लेकर भी आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं।
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मुन्नार, केरल (Munnar, Kerala)
दक्षिण भारत का यह रत्न चाय के बागानों और घुमावदार पहाड़ियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। मानसून के आने से ठीक पहले यहाँ हल्की फुल्की बूंदाबांदी शुरू हो जाती है जिससे पूरा इलाका बेहद ताजा और गहरा हरा नजर आने लगता है।
- मुख्य आकर्षण – इराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान (Eravikulam National Park), मट्टुपेट्टी बांध, अनामुडी चोटी और टी म्यूजियम।
- क्या करें – चाय के बागानों में टहलना, नीलगिरी तहर (दुर्लभ जंगली बकरी) को देखना और बोटिंग का आनंद लेना।
- कैसे पहुँचें – मुन्नार का नजदीकी रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट कोच्चि (Cochin) है जो यहाँ से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
औली, उत्तराखंड (Auli, Uttarakhand)
गढ़वाल हिमालय में स्थित औली को भारत का ‘स्लीपींग ब्यूटी’ या स्कीइंग पैराडाइज भी कहा जाता है। जून के महीने में जब मैदानी इलाकों में लू चलती है तब औली में ठंडी हवाएं चलती हैं और ओक के जंगलों की हरियाली देखने लायक होती है।
- मुख्य आकर्षण – औली आर्टिफिशियल लेक, जोशीमठ, गुरसो बुग्याल (हरे-भरे घास के मैदान) और त्रिशूल चोटी का नजारा।
- क्या करें – एशिया के सबसे लंबे केबल कार (रोपवे) की सवारी का आनंद लें जो जोशीमठ से औली तक जाती है। इसके अलावा ट्रेकिंग के लिए यह बेहतरीन समय है।
- कैसे पहुँचें – नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून (जॉली ग्रांट) है और नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है। वहाँ से आप टैक्सी या बस के जरिए जोशीमठ और फिर औली पहुँच सकते हैं।
दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल (Darjeeling, West Bengal)
कांचनजंगा चोटी के साये में बसा दार्जिलिंग अपने ब्रिटिशकालीन आकर्षण, टॉय ट्रेन और बेहतरीन क्वालिटी की चाय के लिए जाना जाता है। मानसून से ठीक पहले यहाँ का तापमान 15°C से 25°C के बीच रहता है जो घूमने के लिहाज से सबसे उत्तम है।
- मुख्य आकर्षण – टाइगर हिल (सूर्योदय के लिए प्रसिद्ध), बतासिया लूप, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (टॉय ट्रेन) और पीस पैगोडा।
- क्या करें – सुबह-सुबह टाइगर हिल से कांचनजंगा की चोटियों पर गिरती सूरज की पहली किरणें देखना एक जादुई अनुभव होता है।
- कैसे पहुँचें – सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुडी (NJP) और एयरपोर्ट बागडोगरा (Bagdogra) हैं। यहाँ से दार्जिलिंग के लिए आसानी से शेयरिंग या प्राइवेट टैक्सियाँ मिल जाती हैं।
प्री-मानसून यात्रा के लिए कुछ जरूरी टिप्स
प्री-मानसून यानी मानसून से ठीक पहले की यात्रा को सुरक्षित और मजेदार बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- हल्के ऊनी कपड़े साथ रखें – भले ही नीचे गर्मी हो लेकिन इन हिल स्टेशनों पर शाम और रात के समय काफी ठंड हो जाती है। इसलिए एक या दो हल्के जैकेट या स्वेटर जरूर साथ ले जाएं।
- अम्ब्रैला या रेनकोट – चूंकि यह मानसून से ठीक पहले का समय है इसलिए कभी-कभी अचानक पहाड़ों में हल्की बारिश हो सकती है। अपने बैग में एक छोटा छाता या रेनकोट हमेशा तैयार रखें।
- होटल की एडवांस बुकिंग – मई और जून के महीने में देश भर से लोग हिल स्टेशन पहुँचते हैं। भीड़भाड़ और महंगी कीमतों से बचने के लिए होटलों और गाड़ियों की बुकिंग पहले से ही करा लें।
मानसून से पहले का यह समय प्रकृति के एक अलग ही रूप को दिखाता है। बारिश आने से ठीक पहले यह शांति और सुहावना मौसम आपकी थकान को पूरी तरह मिटा देगा। तो देर किस बात की अपना बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए पहाड़ों के इस हसीन सफर पर







