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फरवरी में घूमने का है कोई प्लेन तो यह 10 जगह है बेस्ट

फरवरी में घूमने का है कोई प्लेन तो यह 10 जगह है बेस्ट
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 19, 2026 12:15 अपराह्न
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फरवरी का महीना घूमने के लिए भारत में सबसे सुखद समय माना जाता है। न तो बहुत अधिक ठंड होती है और न ही गर्मी की तपिश। आपने जो 10 बेहतरीन जगहों की सूची साझा की है, वे वाकई फरवरी के लिए सबसे सटीक चुनाव हैं।

1. आगरा, उत्तर प्रदेश (ताज महोत्सव का आनंद)

फरवरी में आगरा जाने का सबसे बड़ा आकर्षण ‘ताज महोत्सव’ (18-27 फरवरी) है|

  • क्या खास है – ताजमहल की सुंदरता के अलावा, महोत्सव में भारत की कला, शिल्प, संस्कृति और व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
  • प्रमुख स्थल – ताजमहल, आगरा का किला, फतेहपुर सीकरी और मेहताब बाग।
  • खान-पान –  आगरा का पेठा और बेड़ई-कचौड़ी जरूर आज़माएं।
  • कैसे पहुँचें – दिल्ली से यह ट्रेन या यमुना एक्सप्रेसवे (3 घंटे) के जरिए आसानी से पहुँचा जा सकता है।
  • रुकने की व्यवस्था –  ताजगंज क्षेत्र में बजट होटल से लेकर फतेहाबाद रोड पर लग्जरी रिसॉर्ट्स तक उपलब्ध हैं।

2. जैसलमेर और उदयपुर, राजस्थान (राजसी ठाठ-बाट)

राजस्थान की धूप फरवरी में बहुत सुहानी लगती है।

  • जैसलमेर (गोल्डन सिटी) –  यहाँ फरवरी में मरु महोत्सव (Desert Festival) होता है। सैम सैंड ड्यून्स पर ऊंट की सवारी और रेगिस्तान में कैंपिंग का आनंद अद्भुत होता है। ‘सोनार किला’ और पटवों की हवेली इसकी विशेषता है।
  • उदयपुर (झीलों का शहर) –  पिछोला झील में नाव की सवारी और सिटी पैलेस का भ्रमण आपको राजाओं के दौर में ले जाएगा।
  • खान-पान – लाल मांस, दाल-बाटी-चूरमा और गट्टे की सब्जी।
  • कैसे पहुँचें –  दोनों शहरों के अपने एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन हैं।

3. ऊटी, तमिलनाडु (पहाड़ों की रानी)

दक्षिण भारत का यह हिल स्टेशन फरवरी में फूलों की खुशबू से महकता है।

  • क्या खास है – नीलगिरी माउंटेन रेलवे (टॉय ट्रेन) की सवारी जो यूनेस्को की धरोहर है। बोटैनिकल गार्डन और डोड्डाबेट्टा पीक।
  • अनुभव – चाय के बागानों के बीच सुबह की सैर आपको सुकून देगी।
  • खान-पान – यहाँ की होममेड चॉकलेट और ऊटी की प्रसिद्ध चाय।
  • रुकने की जगह – कॉटेज और हेरिटेज बंगले सबसे अच्छे विकल्प हैं।

4. मसूरी और नैनीताल, उत्तराखंड (पहाड़ों का सुकून)

फरवरी के अंत तक यहाँ बर्फ के अवशेष और खिलती हुई धूप का मजा लिया जा सकता है।

  • मसूरी – केम्प्टी फॉल्स और मॉल रोड पर शाम की चहल-पहल। ‘लाल टिब्बा’ से हिमालय के दर्शन।
  • नैनीताल – नैनी झील में नौकायन और नैना देवी मंदिर के दर्शन। मॉल रोड से लगी छोटी-छोटी दुकानें।
  • कैसे पहुँचें –  मसूरी के लिए देहरादून और नैनीताल के लिए काठगोदाम निकटतम रेलवे स्टेशन हैं।

5. गोवा (समुद्र तट की मस्ती)

फरवरी में गोवा जाने का सबसे बड़ा कारण ‘गोवा कार्निवल’ है।

  • क्या खास है –  उत्तर गोवा में पार्टी और भीड़भाड़, जबकि दक्षिण गोवा में शांत बीच (जैसे पालोलेम)।
  • अनुभव –  क्रूज ट्रिप, वॉटर स्पोर्ट्स (पैरासेलिंग, स्कूबा डाइविंग) और पुर्तगाली वास्तुकला।
  • खान-पान –  सीफूड, बेबिन्का (मिठाई) और स्थानीय कढ़ी।
  • टिप – स्कूटी या खुली जीप किराए पर लेकर घूमना सबसे अच्छा तरीका है।

6. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

अगर आप साफ नीला पानी और शांति चाहते हैं, तो यह जगह जन्नत है।

  • प्रमुख स्थल –  सेलुलर जेल (पोर्ट ब्लेयर), हैवलॉक द्वीप (राधानगर बीच) और नील द्वीप।
  • क्या करें –  यहाँ का स्कूबा डाइविंग अनुभव भारत में सबसे बेहतरीन है।
  • कैसे पहुँचें –  पोर्ट ब्लेयर के लिए दिल्ली, कोलकाता या चेन्नई से सीधी उड़ानें हैं।

7. पुरी, ओडिशा (आध्यात्मिक शांति)

भगवान जगन्नाथ की नगरी समुद्र और भक्ति का संगम है।

  • क्या खास है –  जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क का सूर्य मंदिर।
  • अनुभव – पुरी का समुद्री तट बहुत चौड़ा और साफ है। यहाँ रेत पर की गई नक्काशी (Sand Art) देखने लायक होती है।
  • खान-पान –  मंदिर का ‘महाप्रसाद’ और ‘खाजा’ मिठाई।

8. सोमनाथ और द्वारका, गुजरात (कृष्ण और शिव की शरण)

यह यात्रा धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

  • सोमनाथ –  समुद्र के किनारे स्थित ज्योतिर्लिंग मंदिर का ‘लाइट एंड साउंड शो’ अद्भुत होता है।
  • द्वारका – भगवान कृष्ण की नगरी। यहाँ ‘बेट द्वारका’ जाने के लिए नाव का सफर बहुत आनंदमयी है।
  • कैसे पहुँचें – जामनगर एयरपोर्ट या राजकोट से सड़क मार्ग द्वारा।

9. रणथंभौर, राजस्थान (वन्यजीव रोमांच)

फरवरी बाघों (Tigers) को देखने के लिए सबसे उपयुक्त समय है।

  • क्या खास है –  जीप सफारी या कैंटर सफारी। यहाँ का किला भी बहुत भव्य है।
  • सावधानी –  सफारी की बुकिंग कम से कम 2-3 महीने पहले ऑनलाइन कर लें।
  • कैसे पहुँचें –  सवाई माधोपुर निकटतम रेलवे स्टेशन है।

10. सुंदरबन, पश्चिम बंगाल (प्राकृतिक रहस्य)

मैंग्रोव जंगलों के बीच रॉयल बंगाल टाइगर की तलाश।

  • अनुभव –  यहाँ सड़क मार्ग नहीं बल्कि नावों के जरिए जंगलों के बीच से गुजरना होता है। यह एक साहसिक अनुभव है।
  • क्या देखें – सजनाखाली वॉच टावर और बाघ संरक्षण क्षेत्र।
  • कैसे पहुँचें –  कोलकाता से सड़क मार्ग द्वारा गदखाली पहुँचना होता है, जहाँ से नाव मिलती है।

यात्रा के लिए कुछ सुझाव

  • बुकिंग –  फरवरी सीजन का समय है, इसलिए होटल और टिकट पहले से बुक करें।
  • कपड़े –  उत्तर भारत के लिए हल्के ऊनी कपड़े और दक्षिण भारत/गोवा के लिए सूती कपड़े साथ रखें।

ऐतिहासिक स्थलों (जैसे आगरा या कोणार्क) में आधिकारिक गाइड जरूर लें ताकि आप इतिहास को गहराई से जान सकें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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