ब्यूनस आयर्स:फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बिगुल बजने से ठीक पहले मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपनी 26 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान एक बार फिर लियोनेल मेसी के ही हाथों में होगी, लेकिन इस बार हेड कोच लियोनेल स्कालोनी ने टीम चुनने में जो कड़े फैसले लिए हैं, उसने सबको चौंका दिया है। सबसे बड़ा झटका स्टार फॉरवर्ड पाउलो डिबाला को लगा है, जिन्हें इस आखिरी लिस्ट से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। डिबाला को ड्रॉप किए जाने के बाद से ही फुटबॉल गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।कतर 2022 में चमचमाती ट्रॉफी उठाने वाली अर्जेंटीना की यह टीम इस बार भी कागज़ पर बेहद घातक नजर आ रही है। मगर स्कालोनी ने साफ कर दिया है कि वे केवल पुराने नाम या साख के दम पर किसी को टिकट नहीं देने वाले हैं। यही वजह है कि डिबाला जैसे सीनियर खिलाड़ी के साथ-साथ अर्जेंटीना के भविष्य कहे जा रहे अलेजांद्रो गार्नाचो और क्लाउडियो एचेवेरी जैसे युवाओं को भी इस बार वर्ल्ड कप की बस में जगह नहीं मिल सकी।
मेसी का आखिरी दांव, क्या फिर दिखेगा वही जादू
दुनियाभर के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें 38 साल के लियोनेल मेसी पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि मेसी का यह आखिरी वर्ल्ड कप खेल होगा। कतर में अर्जेंटीना का तीन दशक पुराना सूखा खत्म करने वाले मेसी आज भी टीम के सबसे बड़े खेवनहार हैं। पिछले कुछ समय से उनकी ढलती उम्र और चोटों को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही थीं, जिससे फैंस की धड़कनें बढ़ी हुई थीं। हालांकि, हालिया प्रैक्टिस सेशन और मेडिकल रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि मेसी टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।इस बार मेसी के कंधों का बोझ कम करने के लिए जूलियन अल्वारेज़, लाउतारो मार्टिनेज, एंजो फर्नांडीज और मैक एलिस्टर जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ियों को मोर्चे पर लगाया गया है। कोच का पूरा ध्यान इस समय नाम से ज्यादा खिलाड़ियों की मौजूदा मैच-फिटनेस पर है।
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आखिर क्यों कटा डिबाला का पत्ता
इटालियन क्लब एएस रोमा के मुख्य हथियार पाउलो डिबाला का पत्ता कटना इस टीम सिलेक्शन का सबसे विवादित फैसला बन गया है। कतर वर्ल्ड कप के फाइनल में पेनाल्टी शूटआउट के दौरान दबाव में गोल दागने वाले डिबाला को नजरअंदाज करना आसान नहीं था। लेकिन बीते एक साल में लगातार इंजरी और खराब फिटनेस ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर ब्रेक लगा दिया।
फुटबॉल समीक्षकों का मानना है कि स्कालोनी इस बार मैदान पर ऐसी फौज उतारना चाहते हैं जो बिना थके पूरे नब्बे मिनट तक विरोधी को छका सके। डिबाला की फिटनेस पर दांव खेलने के बजाय उन्होंने ज्यादा फुर्तीले और युवा चेहरों पर भरोसा जताना बेहतर समझा।
हर मोर्चे पर मुस्तैद है अर्जेंटीना की सेना
टीम के संतुलन को देखें तो स्कालोनी ने हर विभाग को काफी सोच-समझकर तैयार किया है। गोलपोस्ट के आगे ‘द ग्रेट वॉल’ एमिलियानो मार्टिनेज खड़े हैं, जिनके दम पर अर्जेंटीना ने पिछले दो बड़े खिताब जीते हैं। डिफेंस को चट्टानी मजबूती देने के लिए क्रिस्टियन रोमेरो, लिसांद्रो मार्टिनेज और अनुभवी निकोलस ओटामेंडी जैसे खिलाड़ी मुस्तैद रहेंगे।
मिडफील्ड के जरिए मैच का रुख मोड़ने का जिम्मा रोड्रिगो डी पॉल, एंजो फर्नांडीज और मैक एलिस्टर की तिकड़ी पर होगा। वहीं, गोल दागने और विपक्षी डिफेंस को तहस-नहस करने की मुख्य जिम्मेदारी कप्तान मेसी के साथ जूलियन अल्वारेज़ और लाउतारो मार्टिनेज संभालेंगे।
अर्जेंटीना की फाइनल 26 सदस्यीय टीम की रूपरेखा
गोलकीपिंग का जिम्मा एमिलियानो मार्टिनेज, जेरोनिमो रूली और जुआन मुस्सो के हाथों में सुरक्षित किया गया है।
डिफेंस की कमान गोंजालो मोंटियल, नाहुएल मोलिना, लिसांद्रो मार्टिनेज, निकोलस ओटामेंडी, लियोनार्डो बालेरडी, क्रिस्टियन रोमेरो, फाकुंडो मेडिना और निकोलस टैग्लियाफिको को सौंपी गई है।
मिडफील्ड को धार देने के लिए लिएंड्रो परेडेस, रोड्रिगो डी पॉल, एक्सेकिएल पलासियोस, एंजो फर्नांडीज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, जियोवानी लो सेल्सो और वैलेंटिन बार्को मैदान में दिखेंगे।फॉरवर्ड लाइन में कप्तान लियोनेल मेसी के साथ निको पाज़, थियागो अल्माडा, निकोलस गोंजालेज, जूलियानो सिमेओने, लाउतारो मार्टिनेज, होसे मैनुअल लोपेज और जूलियन अल्वारेज़ जलवा बिखेरेंगे।
क्या दोबारा इतिहास दोहरा पाएगी स्कालोनी की टीम
फुटबॉल की दुनिया में लगातार दो बार वर्ल्ड कप जीतना एवरेस्ट फतह करने जैसा माना जाता है। हालांकि, पिछले चार साल में अर्जेंटीना ने जिस तरह का एकतरफा और आक्रामक खेल दिखाया है, उसने प्रशंसकों की उम्मीदों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। कोपा अमेरिका और वर्ल्ड कप की बैक-टू-बैक जीत से टीम का मनोबल ऊंचा है। अब देखना यही होगा कि दबाव के बड़े मैचों में मेसी का जादुई पैर क्या कमाल दिखाता है और ये नए लड़के उम्मीदों पर कितने खरे उतरते हैं।







