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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के  पूर्वानुमान के अनुसार : 30 मई 2026 को भारत का  मौसम

भारत का  मौसम
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 30, 2026 6:47 पूर्वाह्न
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30 मई 2026 को भारत के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, पिछले दिनों उत्तर और मध्य भारत में जारी भीषण लू (Heatwave) के प्रकोप से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

​उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर (North India)

  • दिल्ली-एनसीआर – दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। 30 मई को आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 35°C से 37°C और न्यूनतम तापमान 24°C से 26°C के बीच रहने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज) – पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश का असर जारी रहेगा। IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (अंधड़) आने की संभावना है। लखनऊ और वाराणसी समेत पूर्वी यूपी में भी गरज-चमक के साथ बौछारें गिर सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
  • पंजाब और हरियाणा (चंडीगढ़, अमृतसर) –  इन राज्यों में पिछले दिनों की तुलना में तापमान काफी नीचे आएगा। मौसम विभाग ने पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पृथक भारी वर्षा (Isolated Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही तेज हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं हो सकती हैं।
  • पहाड़ी राज्य (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) –  जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में छिटपुट से लेकर व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी (ऊपरी चोटियों पर) की संभावना है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

​मध्य और पूर्वी भारत (Central & East India)

  • बिहार और झारखंड (पटना, रांची) – बिहार में 30 मई को कुछ स्थानों पर थंडरस्क्वाल (50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं) और गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। पटना मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। झारखंड में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (भोपाल, इंदौर, रायपुर) –  मध्य प्रदेश (विशेषकर पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों) और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इन क्षेत्रों में भी अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
  • ओडिशा और पश्चिम बंगाल (कोलकाता, भुवनेश्वर) –  ओडिशा के कुछ तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा (Hot and Humid) मौसम बना रहेगा, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में शाम के समय आंधी-बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिलेंगी।

​दक्षिण और पश्चिम भारत (South & West India)

  • राजस्थान (जयपुर, जोधपुर) – राजस्थान के जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। बीकानेर और फलोदी जैसे क्षेत्रों में तापमान अभी भी सामान्य से अधिक रह सकता है, लेकिन लू की तीव्रता कम होगी। पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • दक्षिण प्रायद्वीप (केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक) –  दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में पृथक भारी वर्षा (Isolated Heavy Rainfall) की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलासीमा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा संबंधी सुझाव

  • आंधी और बिजली से बचाव – बारिश या तेज आंधी के दौरान पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों के पास या कच्चे मकानों के आश्रय में खड़े होने से बचें। सुरक्षित पक्के भवनों के अंदर रहें।
  • यात्रा संबंधी सावधानी –  पहाड़ी क्षेत्रों (उत्तराखंड, हिमाचल) में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन (Landslides) और भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
  • किसानों के लिए सलाह – जिन क्षेत्रों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है, वहां किसान अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

नोट – मौसम में यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ के कारण है। घरों से बाहर निकलते समय स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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