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सुरक्षित भोजन बेहतर स्वास्थ्य –  विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का महत्व और इतिहास

सुरक्षित भोजन बेहतर स्वास्थ्य - विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का महत्व और इतिहास
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 5, 2026 1:23 अपराह्न
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​भोजन हमारे जीवन की सबसे बुनियादी जरूरत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असुरक्षित भोजन न केवल हमारी सेहत को नुकसान पहुँचाता है बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है इसी गंभीर विषय पर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए हर साल 7 जून को ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ मनाया जाता है।

​विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का इतिहास

​इस दिवस को मनाने की शुरुआत बहुत पुरानी नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 20 दिसंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया था जिसके तहत 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के रूप में घोषित किया गया।

​पहला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून 2019 को मनाया गया था। इस पहल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) मिलकर काम करते हैं।

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​इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य

​विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस को मनाने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं

  • जागरूकता फैलाना- लोगों को दूषित भोजन और पानी से होने वाले खतरों के प्रति सचेत करना।
  • बीमारियों से बचाव- खाद्य जनित बीमारियों (Foodborne diseases) को कम करना।
  • सतत विकास- कृषि बाजार और उपभोक्ता स्तर पर खाद्य सुरक्षा मानकों को बढ़ावा देना।

​खाद्य सुरक्षा क्यों जरूरी है? (महत्वपूर्ण आंकड़े)

​विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार असुरक्षित भोजन एक मूक महामारी की तरह है। आइए कुछ आंकड़ों पर नजर डालते हैं

परिस्थितिवैश्विक प्रभाव
वार्षिक बीमारीदुनिया में हर साल लगभग 60 करोड़ लोग दूषित खाना खाने से बीमार होते हैं।
वार्षिक मौतेंहर साल करीब 420000 लोग असुरक्षित भोजन के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।
बच्चों पर असरमरने वालों में 40% बच्चे होते हैं जिनकी उम्र 5 साल से कम होती है।
आर्थिक नुकसानअसुरक्षित भोजन के कारण विकासशील देशों को हर साल अरबों डॉलर का उत्पादकता नुकसान होता है।

खाद्य सुरक्षा- एक साझा जिम्मेदारी

​”खाद्य सुरक्षा हर किसी का व्यवसाय है” (Food safety is everyone’s business)। फार्म से लेकर हमारी थाली तक भोजन को सुरक्षित रखने में पांच प्रमुख कड़ियों की भूमिका होती है

  • सरकारें- सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम और नीतियां बनाना।
  • उत्पादक (किसान)- खेती में रसायनों और कीटनाशकों का सीमित व सुरक्षित उपयोग करना।
  • व्यवसायी (होटल/फैक्ट्री)- भोजन के भंडारण परिवहन और प्रसंस्करण (Processing) के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखना।
  • उपभोक्ता- भोजन खरीदने पकाने और खाने के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करना।

​घर पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के 5 बुनियादी नियम

​WHO ने भोजन को सुरक्षित रखने के लिए 5 मुख्य मंत्र दिए हैं जिन्हें हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए

  • स्वच्छता रखें (Keep Clean)- खाना बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। रसोई के बर्तनों और सतह को साफ रखें।
  • कच्चे और पके भोजन को अलग रखें (Separate Raw and Cooked)- कच्चे मांस पोल्ट्री और सी-फूड को अन्य पके हुए खाद्य पदार्थों से अलग रखें ताकि बैक्टीरिया न फैलें।
  • अच्छी तरह पकाएं (Cook Thoroughly)- भोजन को विशेषकर मांस और अंडों को सही तापमान पर अच्छी तरह पकाएं ताकि हानिकारक कीटाणु मर जाएं।
  • भोजन को सुरक्षित तापमान पर रखें (Keep Food at Safe Temperature)- पके हुए भोजन को कमरे के तापमान पर 2 घंटे से अधिक न छोड़ें। बचे हुए भोजन को तुरंत फ्रिज में रखें।
  • साफ पानी और सुरक्षित सामग्री का उपयोग करें (Use Safe Water and Raw Materials)- हमेशा साफ या फिल्टर किए गए पानी का उपयोग करें। ताजा और बिना सड़े-गले फल-सब्जियों का ही चुनाव करें।

​विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है बल्कि यह हमारे जीवन की आदतों को सुधारने का एक रिमाइंडर है। ‘जैसा अन्न वैसा मन और तन’ अगर हमारा भोजन सुरक्षित होगा तभी हमारा भविष्य भी सुरक्षित और स्वस्थ होगा। आइए इस 7 जून को हम सब यह संकल्प लें कि हम न तो खुद असुरक्षित भोजन का सेवन करेंगे और न ही भोजन को बर्बाद करेंगे।

स्वस्थ रहें सुरक्षित खाएं

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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