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पीएम-किसान (PM-KISAN) सम्मान निधि- 23वीं किस्त के साथ किसानों को बड़ी सौगात जानें योजना की सभी बारीकियां

पीएम-किसान (PM-KISAN) सम्मान निधि- 23वीं किस्त के साथ किसानों को बड़ी सौगात जानें योजना की सभी बारीकियां
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 20, 2026 4:21 अपराह्न
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​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल की धरती से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की बहुप्रतीक्षित 23वीं किस्त जारी करने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक कदम के तहत देश के करोड़ों अन्नदाताओं के बैंक खातों में सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ₹2,000 की राशि हस्तांतरित की जाएगी। यह योजना भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं में से एक है।

​आइए इस विशेष अवसर पर पीएम-किसान योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण और आवश्यक जानकारियों को विस्तार से समझते हैं।

​पीएम-किसान योजना क्या है और इसका उद्देश्य?

​पीएम-किसान योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें खेती से जुड़े रोजमर्रा के खर्चों जैसे बीज, खाद, और सिंचाई में मदद करने के उद्देश्य से की गई थी।

  • वार्षिक वित्तीय सहायता- इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है।
  • किस्त का ढांचा- यह ₹6,000 की राशि साल भर में ₹2,000-₹2,000 की तीन समान किस्तों में चार-चार महीने के अंतराल पर सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
  • उद्देश्य- इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाना और उन्हें कृषि इनपुट खरीदने में आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे बिना किसी वित्तीय संकट के अपनी खेती जारी रख सकें।

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​पश्चिम बंगाल से 23वीं किस्त जारी होने का विशेष महत्व

​आज पश्चिम बंगाल से इस किस्त को जारी करने के पीछे सरकार का एक बड़ा रणनीतिक और सामाजिक संदेश है। पश्चिम बंगाल में कृषि क्षेत्र से बड़ी आबादी जुड़ी हुई है। इस राज्य से देशव्यापी किस्त जारी होने से न केवल स्थानीय किसानों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि केंद्र और राज्य के बीच कृषि विकास को लेकर समन्वय भी मजबूत होगा। डीबीटी तकनीक की वजह से बीच में किसी भी बिचौलिए की भूमिका नहीं रह जाती जिससे पूरा पैसा सीधे असली हकदार तक पहुंचता है।

​योजना की पात्रता- किसे मिलता है लाभ?

​शुरुआत में यह योजना केवल छोटे और सीमांत किसानों जिनके पास 2 हेक्टेयर तक भूमि थी के लिए थी लेकिन बाद में सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए देश के सभी भूमिधारक किसान परिवारों को इसमें शामिल कर लिया। हालांकि कुछ लोग इस योजना के दायरे से बाहर (अपवर्जित) रखे गए हैं

  • संस्थागत भूमिधारक- यदि जमीन किसी संस्था, ट्रस्ट या कंपनी के नाम पर है।
  • संवैधानिक पद धारक- वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पद संभालने वाले किसान परिवार।
  • सरकारी कर्मचारी- केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, कार्यालयों और विभागों के वर्तमान या पूर्व अधिकारी व कर्मचारी (मल्टी-टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर)।
  • पेंशनभोगी- ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारी जिनकी मासिक पेंशन ₹10,000 या उससे अधिक है।
  • आयकर दाता- पिछले मूल्यांकन वर्ष में आयकर (Income Tax) का भुगतान करने वाले व्यक्ति।
  • पेशेवर- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) जैसे पेशेवर लोग जो खेती भी करते हैं।

​23वीं किस्त पाने के लिए 3 अनिवार्य शर्तें

​सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कुछ कड़े नियम लागू किए हैं। अगर किसी किसान को 23वीं किस्त मिलने में दिक्कत आ रही है तो उन्हें तुरंत निम्नलिखित तीन काम पूरे करने चाहिए

  • भू-सत्यापन (Land Seeding)- किसान के नाम पर दर्ज खेती योग्य भूमि का डिजिटल सत्यापन होना अनिवार्य है।
  • ई-केवाईसी (e-KYC)- लाभार्थी का पीएम-किसान पोर्टल पर ई-केवाईसी पूरा होना चाहिए। यह काम ओटीपी (OTP) के जरिए या नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर पर बायोमेट्रिक के जरिए किया जा सकता है।
  • बैंक खाता और आधार लिंकिंग- किसान का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और उसमें एनपीसीआई (NPCI) यानी आधार मैपिंग सक्रिय होनी चाहिए क्योंकि किस्त का भुगतान केवल आधार-आधारित डीबीटी के माध्यम से होता है।

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​लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे जांचें?

​किसान भाई घर बैठे बेहद आसान स्टेप्स में चेक कर सकते हैं कि उनका नाम 23वीं किस्त की सूची में है या नहीं

  • ​पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाएं।
  • ​होमपेज पर ‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाकर ‘Beneficiary List’ पर क्लिक करें।
  • ​अपने राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का चयन करें।
  • ‘Get Report’ बटन पर क्लिक करते ही आपके गांव के सभी लाभार्थियों की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी जहां आप अपना नाम देख सकते हैं।

​इसके अलावा किसान ‘Know Your Status’ विकल्प पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपनी व्यक्तिगत किस्त का स्टेटस जैसे- बैंक ट्रांसफर की स्थिति ई-केवाईसी स्टेटस भी देख सकते हैं।

​समस्या समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर

​यदि किसी पात्र किसान के खाते में राशि नहीं पहुंचती है तो वे सरकार द्वारा जारी आधिकारिक माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं

  • पीएम-किसान हेल्पलाइन नंबर- 155261 / 011-24300606
  • टोल-फ्री नंबर- 1800115526
  • आधिकारिक ईमेल- [email protected]

​पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त देश के ग्रामीण परिदृश्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम है। पश्चिम बंगाल से जारी की जा रही यह किस्त देश के करोड़ों छोटे किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे राहत पहुंचाएगी जिससे वे खरीफ और आगामी फसलों की तैयारियों को बिना किसी आर्थिक तनाव के गति दे सकेंगे। यह डिजिटल गवर्नेंस और कृषि कल्याण का एक बेहतरीन उदाहरण है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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