उत्तर प्रदेश में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को लखनऊ सहित 57 जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक मानसून की गतिविधियां सीमित रहेंगी, जिसके बाद प्रदेश में फिर से सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
IMD का अलर्ट: 57 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में मानसूनी सक्रियता फिलहाल कम हुई है। इसके चलते हवा में नमी अधिक बनी रहेगी और पूर्वी तथा मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उमस भरी गर्मी बनी रहने की संभावना है।
सोमवार के लिए जारी पूर्वानुमान में 57 जिलों में मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई गई है।
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इन जिलों में वज्रपात का खतरा
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी और सुलतानपुर में वज्रपात की संभावना है।
इसके अलावा अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिर सकती है।
अगले दो दिनों तक सीमित रहेगी मानसूनी गतिविधि
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल कोई अन्य सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है। इसी कारण अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां मुख्य रूप से पश्चिमी और दक्षिणी जिलों तक सीमित रहने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और मौसम में राहत मिलने के संकेत हैं।

उमस और तापमान में होगी बढ़ोतरी
मानसूनी सक्रियता में आई कमी का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान में मामूली वृद्धि होने के साथ-साथ उमस भी बढ़ सकती है।
रविवार को लखनऊ सहित कई जिलों में तापमान बढ़ा। राजधानी का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
बांदा और उरई में सबसे अधिक तापमान
प्रदेश में बांदा का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक रहा।
वहीं उरई में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले सबसे अधिक तापमान वाले प्रयागराज में रविवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
हालांकि, लखनऊ सहित कई जिलों में देर शाम चली आंधी और हल्की बूंदाबांदी से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली।
Conclusion
उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक मानसून की रफ्तार धीमी रहने के कारण उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है। इस दौरान लखनऊ समेत 57 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिन बाद मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने से प्रदेश के कई हिस्सों में राहत मिल सकती है।







