दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटे से जारी लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासकर नोएडा में कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला, जिससे यातायात बाधित हुआ और मानसून तैयारियों को लेकर नोएडा अथॉरिटी के दावों पर सवाल खड़े हो गए।
लगातार बारिश से थमी शहर की रफ्तार
पिछले 24 घंटे के दौरान हुई मूसलाधार बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लगा, जबकि जलभराव की वजह से लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के हाई-टेक शहर के रूप में पहचान रखने वाला नोएडा भी इस बारिश से अछूता नहीं रहा। पहली ही तेज बारिश में शहर का ड्रेनेज सिस्टम दबाव झेलता नजर आया।
बढ़ते तापमान के बाद आज विभिन्न राज्यों में बारिश का अलर्ट, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत
मानसून तैयारियों पर उठे सवाल
हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर नोएडा अथॉरिटी बड़े दावे करती है। हालांकि, इस बार भी लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव होने से इन दावों की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर सड़कों और गलियों में जमा पानी ने आवागमन को मुश्किल बना दिया।
सेक्टर 104 और 107 की सड़कें पानी में डूबीं
मुख्य मार्गों पर भरा पानी
नोएडा के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई। विशेष रूप से सेक्टर 104 और सेक्टर 107 की मुख्य सड़कों पर पानी भर गया, जिससे कई वाहन आधे तक पानी में डूबे दिखाई दिए।
कार और बाइक चालकों को आवाजाही में कठिनाई हुई, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
हाईराइज इमारतों के बीच बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
नोएडा में लगातार हाईराइज इमारतों का निर्माण हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग यहां अपना घर बसा रहे हैं। इसके बावजूद बारिश के दौरान सामने आई जलभराव की स्थिति ने बुनियादी सुविधाओं और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
कई स्थानों पर आधुनिक इमारतों के सामने सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी असुविधा हुई।
Monsoon Update: देशभर में बारिश का कहर, गुजरात में Flood जैसे हालात
Conclusion
24 घंटे की लगातार बारिश ने नोएडा की जल निकासी व्यवस्था की चुनौती को एक बार फिर उजागर कर दिया है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि मानसून तैयारियों को लेकर अथॉरिटी के दावों पर भी सवाल उठे हैं।







