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बढ़ते तापमान के बाद आज विभिन्न राज्यों में बारिश का अलर्ट भीषण गर्मी से मिलेगी राहत 

बढ़ते तापमान के बाद आज विभिन्न राज्यों में बारिश का अलर्ट भीषण गर्मी से मिलेगी राहत 
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 16, 2026 3:25 अपराह्न
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भारत के उत्तरी और मध्य भागों में मार्च के महीने में ही गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लेकिन तपती धूप और बढ़ते पारे के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ी राहत और चेतावनी दोनों जारी की है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते देश के कई राज्यों के मौसम में अचानक बदलाव आने वाला है।

​उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों के लिए मौसम विभाग ने ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। यहाँ विस्तार से जानें कि आपके राज्य और जिले में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

 उत्तर प्रदेश (UP) – 35 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट

​उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से तापमान 35°C से 38°C के बीच बना हुआ था। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार आज राज्य के 35 जिलों में मौसम करवट लेगा।

  • चेतावनी – 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना है।
  • प्रभावित क्षेत्र –  पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
  • तापमान में गिरावट –  इस बदलाव से अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की उम्मीद है जिससे भीषण गर्मी से तात्कालिक राहत मिलेगी।

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मध्य प्रदेश (MP) – 12 जिलों में मौसम का मिजाज बदला

​मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ‘लू’ जैसे हालात बन रहे थे लेकिन अब नमी वाली हवाओं के प्रवेश से स्थिति बदल रही है।

  • प्रमुख अपडेट –  एमपी के 12 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
  • ओलावृष्टि का डर – ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड संभाग के कुछ जिलों में ओले गिरने की भी आशंका है।
  • तापमान – भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में बादलों की आवाजाही रहेगी जिससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

​राजस्थान –  10 जिलों में धूलभरी आंधी और बारिश

​रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में गर्मी सबसे चरम पर है जहाँ बाड़मेर और जैसलमेर जैसे जिलों में पारा 40°C के पार पहुँच चुका है।

  • अलर्ट – उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के 10 जिलों में तेज धूलभरी आंधी (Dust Storm) के साथ छिटपुट बारिश का अनुमान है।
  • किसानों के लिए सलाह –  पकने वाली फसलों जैसे सरसों और गेहूं को लेकर किसानों को सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

​उत्तराखंड –  पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश

​पहाड़ी राज्यों में स्थिति अधिक गंभीर है। उत्तराखंड के 12 जिलों के लिए मौसम विभाग ने विशेष बुलेटिन जारी किया है।

  • बर्फबारी (Snowfall) – 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में भारी बर्फबारी की संभावना है।
  • भारी बारिश –  निचले इलाकों और मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट है।
  • पर्यटकों के लिए सूचना – भूस्खलन (Landslides) और फिसलन के खतरे को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्ग और ऊंचे पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

​राज्यवार मुख्य डेटा 

राज्यप्रभावित जिलेमुख्य मौसम घटनातापमान प्रभाव
उत्तर प्रदेश35 जिलेआंधी, बिजली, ओलावृष्टि3-4°C की गिरावट
मध्य प्रदेश12 जिलेगरज-चमक, हल्की बारिशउमस से राहत
राजस्थान10 जिलेधूलभरी आंधी, बूंदाबांदीआंशिक राहत
उत्तराखंड12 जिलेभारी बारिश, बर्फबारीठिठुरन बढ़ेगी

क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ…

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम को प्रभावित करने वाली एक महत्वपूर्ण मौसम संबंधी घटना है। सरल शब्दों में कहें तो यह भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उठने वाला एक कम दबाव का क्षेत्र (Low-pressure system) है जो भारत के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अचानक बारिश, आंधी और बर्फबारी लेकर आता है।

इसे ‘पश्चिमी विक्षोभ’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह भारत के पश्चिम दिशा से आता है और वायुमंडल की सामान्य स्थिति में विघ्न (Disturbance) डालता है।

​भारत पर इसके मुख्य प्रभाव

​पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव साल भर हो सकता है, लेकिन सर्दियों और शुरुआती गर्मियों (मार्च-अप्रैल) में यह सबसे अधिक सक्रिय होता है

  • सर्दियों की बारिश –  उत्तर भारत में दिसंबर से फरवरी के बीच होने वाली बारिश इसी के कारण होती है। यह बारिश रबी की फसलों खासकर गेहूं के लिए ‘अमृत’ मानी जाती है।
  • तापमान में बदलाव –  इसके आने से पहले बादलों की वजह से रात का तापमान बढ़ जाता है गर्मी लगती है लेकिन बारिश होने के बाद तापमान में भारी गिरावट आती है और ठिठुरन बढ़ जाती है।
  • अचानक मौसम बदलना – जैसा कि आपने हाल ही में देखा गर्मी के मौसम में भी यह अचानक आंधी-तूफान और तापमान में गिरावट का कारण बनता है।
  • मानसून से अलग –  यह मानसून जो दक्षिण-पश्चिम से आता है से बिल्कुल अलग है। मानसून गर्मियों के अंत में आता है जबकि पश्चिमी विक्षोभ मुख्य रूप से सर्दियों की विशेषता है।

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​पश्चिमी विक्षोभ का महत्व

सकारात्मक प्रभावनकारात्मक प्रभाव
गेहूं की खेती – रबी फसलों की सिंचाई के लिए यह बहुत फायदेमंद है।फसलों को नुकसान – यदि तेज आंधी या ओले गिरें तो पकी हुई फसल बर्बाद हो सकती है।
जल स्तर – हिमालय में बर्फबारी से नदियां गर्मियों में भी लबालब रहती हैं।प्राकृतिक आपदा – उत्तराखंड जैसे राज्यों में अत्यधिक बारिश से भूस्खलन और बाढ़ का खतरा रहता है।
गर्मी से राहत – बढ़ते तापमान को अचानक कम कर देता है।हवाई यातायात – कोहरा और भारी बारिश उड़ानों को प्रभावित करती है।

अगले 48 घंटे मौसम का हाल…

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण अगले 48 घंटे यानी 15 और 16 मार्च 2026 उत्तर और मध्य भारत के लिए काफी हलचल भरे रहने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इसका सबसे ज्यादा असर पहाड़ी क्षेत्रों और उनसे सटे मैदानी इलाकों में देखा जाएगा।

राज्यों के मौसम का हाल…

​वर्तमान तापमान एक नज़र में

शहरराज्यअधिकतम तापमान (°C)मौसम की स्थिति
नर्मदापुरममध्य प्रदेश40.1°Cभीषण गर्मी
वाराणसीउत्तर प्रदेश37.2°Cतेज धूप / बादल
बाड़मेरराजस्थान41.0°Cलू (Heatwave)
लखनऊउत्तर प्रदेश35.8°Cउमस और आंधी का अलर्ट
देहरादूनउत्तराखंड25.4°Cहल्की बारिश
भोपालमध्य प्रदेश37.8°Cबादल छाए हुए

अगले कुछ घंटों का अनुमान –  शाम होते-होते विभिन्न राज्यों के जिलों और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तापमान में 4 से 6 डिग्री की अचानक गिरावट दर्ज की जा सकती है क्योंकि तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होने वाला है

महत्वपूर्ण सलाह

  1. किसानों के लिए कटे हुए फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। ओलावृष्टि से बचाव के उपाय करें।
  2. आम नागरिक –  आंधी के दौरान बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  3. स्वास्थ्य –  तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से मौसमी बीमारियां (सर्दी-जुकाम) हो सकती हैं अतः खान-पान का ध्यान रखें।

नोट –  यह जानकारी वर्तमान सैटेलाइट डेटा और मौसम विभाग के बुलेटिन पर आधारित है। स्थानीय मौसम में बदलाव के लिए अपने क्षेत्र के अपडेट्स पर नज़र रखें।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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