Indigo Chairman विक्रम सिंह मेहता ने परिचालन संकट के कारण उड़ानों में हुई अव्यवस्था के लिए यात्रियों से माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उड़ानें रद होने से हजारों यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइन उनकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। मेहता ने कहा कि कंपनी गड़बड़ियों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए कदम उठाएगी। परिचालन संकट से गुजर रही इंडिगो के सीईओ एल्बर्स के बाद बुधवार को इस एयरलाइन के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने भी अव्यवस्था के लिए यात्रियों से माफी मांगी है। मेहता ने कहा कि सप्ताह भर से बड़े पैमाने पर उड़ानें रद हुईं। जिससे हमारे हजारों यात्री फंस गए। उन्हे् पता है कि इससे कितनी परेशानी हुई। उन्होनें कहा कि वह उन दिनों में यात्रियों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। इसके लिए सच में क्षमाप्रार्थी हैं।

Indigo Chairman- कहां हुई गलती, जांच कि हुई बात?
उन्होंने कहा कि हम आपको आश्वस्त करते हैं कि हम यह जांच करेंगे कि कहां गलती हुई और उससे सीखेंगे। उन्होंने कहा कि एयरलाइन का निदेशक मंडल हाल में हुए उड़ान व्यवधानों के हर पहलू की जांच करेगा। निदेशक मंडल ने प्रबंधन के साथ काम करने और अव्यवस्था के मूल कारणों का पता लगाने में मदद करने के लिए बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने का निर्णय लिया है।
किस संकट ने उड़ानें की प्रभावित
यह पूरा संकट शुरू हुआ जब दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो के नेटवर्क में अचानक बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द होने की घटना आई। बीते 3-4 दिसंबर से ही देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गईं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई. कई लोग अपने जरूरी कार्यक्रमों, इलाज और कामकाजी योजनाओं को बदलने पर मजबूर हुए। सरकार और नागरिक उड्डयन नियामक DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) की निगरानी में स्थिति गंभीर हो गई। DGCA ने इंडिगो से संचालन क्षमता की समीक्षा भी मांगी और कंपनी को अपनी योजनाओं में बदलाव करने का निर्देश दिया।
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जानबूझकर नहीं बनाया गया संकट
चेयरमैन ने एक बार फिर दोहराया कि यह संकट “जानबूझकर नहीं” बनाया गया था,और किसी भी तरह की डिलिबरेट कार्रवाई नहीं की गई थी। उन्होंने कई अफवाहों और आरोपों का खंडन किया कि कंपनी ने संचालन में हेराफेरी की।
संकट के कारणों का विश्लेषण
मेहता ने विस्तार से बताया कि यह संकट कई कारणों से मिला-जुला था जिसमें तकनीकी गड़बड़ियाँ, नए मौसम कार्यक्रम का प्रभाव, खराब मौसम और हवाई अड्डों पर भीड़ के साथ Updated Crew Rostering (FDTL नियमों) का प्रभाव है। यह सब कारण मिलकर सिस्टम को इतना दबाव में ले आए कि यह इंडिगो सामान्य संचालन नहीं कर पाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह कोई बहाना नहीं है, यह सच्चाई है।”
फेलियर कि जड़ तक पहुंच लेगें सीख
चेयरमैन ने घोषणा की कि इंडिगो बोर्ड external technical experts (बाहरी तकनीकी विशेषज्ञ) को शामिल करेगा, ताकि संचालन में आए फेलियर की जड़ तक पहुँचा जाए, और भविष्य में इसे रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह सुधारात्मक कदम कंपनी की सेवा गुणवत्ता को मजबूत करेगा।
उड्डयन मंत्री नें दी कड़ी चेतावनी
इंडिगो संकट के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी एयरलाइन और उसके Indigo CEO और Indigo Chairman को कड़ी चेतावनी दी। मंत्री ने कहा कि निरंतर operational failures जारी रहने पर उच्च अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है,और यदि सुधार नहीं हुआ तो CEO को हटाने तक की कार्रवाई की जा सकती है। यह संकेत संकट की गंभीरता को और स्पष्ट करता है। इसके अलावा DGCA ने निगरानी जारी रखी और नियमों के अनुपालन की जांच को बढ़ा दिया।






