डेलीबार्ता,मेरठ-आगामी ग्राम पंचायत चुनावों से पहले मेरठ पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए अवैध हथियारों की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। शहर के ताज गार्डन इलाके में किराए के गोदाम में चुपचाप चल रही पिस्टल फैक्ट्री पर एसपी सिटी की स्वाट टीम और लोहिया नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापा मारा। इस दौरान मौके से दो शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जबकि भारी मात्रा में बने और अधबने अवैध हथियार, मैगजीन, औजार और नकदी बरामद की गई।
पुलिस की इस कार्रवाई को चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही थी कि पंचायत चुनाव के दौरान असामाजिक तत्वों को हथियारों की सप्लाई की जा सकती है, लेकिन समय रहते पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ दिया।
मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई की वजह, स्वाट टीम की सतर्कता से खुला अवैध कारोबार का राज
एसएसपी/डीआईजी डॉ. विपिन ताडा ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्वाट टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि लोहिया नगर क्षेत्र के ताज गार्डन इलाके में अवैध रूप से हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना बेहद गंभीर थी, क्योंकि चुनाव से पहले हथियारों की सप्लाई की आशंका कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी।
सूचना की पुष्टि के बाद स्वाट टीम ने लोहिया नगर थाना पुलिस के साथ मिलकर रणनीति बनाई और चिन्हित स्थान पर छापेमारी की। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया ताकि आरोपी सतर्क न हो सकें।
गोदाम में चल रही थी ‘मिनी हथियार फैक्ट्री’,मशीनों और औजारों से तैयार की जा रही थीं पिस्टल
पुलिस जब ताज गार्डन इलाके में स्थित गोदाम पर पहुंची तो अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था। गोदाम के भीतर अवैध रूप से हथियार बनाने का पूरा सेटअप मौजूद था। मशीनें, औजार, अधबनी मैगजीन और तैयार पिस्टल यह साफ संकेत दे रहे थे कि यहां लंबे समय से अवैध शस्त्र निर्माण का धंधा चल रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आमिर पुत्र नूर इलाही, निवासी नूर वाली गली, थाना लिसाड़ी गेट को हथियार बनाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से पुलिस ने—
- 32 बोर की 5 तैयार पिस्टल
- 2 तैयार मैगजीन
- 99 अधबनी मैगजीन
- हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार
- 6500 रुपये नकद
बरामद किए।
दूसरा आरोपी भी दबोचा गया,खरखौदा पुलिस ने की गिरफ्तारी
इसी मामले में दूसरे आरोपी रिहान पुत्र सागर, निवासी डी-ब्लॉक समर कॉलोनी, थाना लिसाड़ी गेट को खरखौदा पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से—
- 2 अवैध पिस्टल
- 3500 रुपये नकद
- एक मोटरसाइकिल
बरामद की गई। पुलिस का मानना है कि रिहान हथियारों की सप्लाई और डिलीवरी में अहम भूमिका निभा रहा था।
5 दिन में बनती थी एक पिस्टल,5 हजार की लागत, 30 हजार में बिक्री
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ताज गार्डन इलाके में एक गोदाम किराए पर लेकर वहां अवैध शस्त्र फैक्ट्री स्थापित कर रखी थी। कच्चा माल अलग-अलग जगहों से मंगाया जाता था, ताकि किसी एक स्थान पर शक न हो।
एक पिस्टल बनाने में करीब 5 दिन का समय लगता था और इसकी लागत लगभग 5 हजार रुपये आती थी। इसके बाद वही पिस्टल 25 से 30 हजार रुपये में अपराधियों को बेची जाती थी। इस अवैध कारोबार से आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
सप्लाई नेटवर्क भी आया सामने, कई नाम उजागर, पुलिस की रडार पर और आरोपी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि तैयार हथियार वे आमिर पुत्र रहीमुद्दीन, अमजद उर्फ बॉबी और साजिद अंसारी को सप्लाई करते थे। सभी आरोपी आपस में मुनाफा बांटते थे। इतना ही नहीं, गोदाम मालिक को भी इस अवैध धंधे में हिस्सेदारी दी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें हथियार बनाने से लेकर सप्लाई और बिक्री तक की पूरी चेन तैयार की गई थी। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
28 जनवरी 2026 – भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता लाला लाजपत राय की जयंती
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास,पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी आमिर कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही—
- आर्म्स एक्ट
- गैंगस्टर एक्ट
के तहत लोहिया नगर और लिसाड़ी गेट थानों में तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दूसरा आरोपी रिहान भी वर्ष 2022 में अवैध शस्त्र फैक्ट्री के एक मामले में जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा उसी अपराध में शामिल पाया गया, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति साफ झलकती है।
गोदाम मालिक भी जांच के घेरे में, पुलिस करेगी कड़ी कार्रवाई
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि इस पूरे मामले में कई अन्य लोगों को चिन्हित किया गया है। इनमें गोदाम मालिक इरफान भी शामिल है, जिसकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। यदि उसकी संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
चुनाव से पहले बड़ी राहत, पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी अनहोनी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अवैध फैक्ट्री समय रहते पकड़ी नहीं जाती, तो पंचायत चुनाव के दौरान इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में हो सकता था। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ अवैध हथियारों की सप्लाई रुकी है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ा है।
मेरठ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।







