अप्रैल 2026 का दूसरा सप्ताह भारत के लिए मिश्रित मौसमी परिस्थितियों वाला साबित हुआ जहाँ एक ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रहा है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण राहत की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में महत्वपूर्ण मौसमी बदलाव देखे जा सकते हैं।
उत्तर भारत (North India) – बढ़ता तापमान और साफ आसमान
उत्तर भारत के राज्यों जैसे दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 12 अप्रैल को मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।
- तापमान का स्तर – दिल्ली में अधिकतम तापमान 35°C से 37°C के बीच रहने की संभावना है। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी जैसे जिलों में पारा 40°C को छू सकता है।
- हवा की गति – दिन के समय 10-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जो गर्मी के अहसास को बढ़ा सकती हैं।
- पहाड़ी क्षेत्र – जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हालिया पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद मौसम स्थिर होगा। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की छिटपुट घटनाएं संभव हैं।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत (Central & East India) – वर्षा और गरज के साथ बौछारें
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 12 अप्रैल को पूर्वोत्तर भारत सबसे अधिक सक्रिय मौसमी क्षेत्र रहेगा।
- असम और मेघालय – इन राज्यों में गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है। 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
- पश्चिम बंगाल और ओडिशा – गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता (Humidity) अधिक रहेगी। यहाँ छिटपुट वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
- अरुणाचल प्रदेश – यहाँ बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश जारी रह सकती है।
मध्य भारत – शुष्क मौसम और लू की आहट
मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र) और छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप बढ़ने वाला है।
- मध्य प्रदेश – यहाँ अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की जा रही है। 12 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप रहेगी।
- महाराष्ट्र – मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लू (Heatwave) जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
दक्षिण भारत (South India)- उमस और तटीय वर्षा
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मौसम का दोहरा प्रभाव देखने को मिलेगा।
- केरल और कर्नाटक – तटीय कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बादलों के बनने से शाम के समय हल्की वर्षा हो सकती है।
- आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु – तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में ‘Warm Night’ (गर्म रातें) की स्थिति बनी रहेगी। यहाँ न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। चेन्नई और आसपास के इलाकों में अत्यधिक उमस रहने की संभावना है।
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तापमान का विश्लेषण (Table Format)
| क्षेत्र | संभावित अधिकतम तापमान | मौसमी स्थिति |
| उत्तर-पश्चिम भारत | 35°C – 39°C | मुख्य रूप से साफ आसमान |
| मध्य भारत | 38°C – 41°C | शुष्क और गर्म |
| पूर्वोत्तर भारत | 28°C – 32°C | वर्षा और गरज |
| दक्षिण भारत | 34°C – 38°C | उमस |
किसानों के लिए विशेष कृषि-परामर्श (Agro-Advisory)
अप्रैल का यह समय रबी फसलों की कटाई और खरीफ की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। 12 अप्रैल के मौसम को देखते हुए निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं
- गेहूं और सरसों की कटाई – उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) के किसान कटाई के कार्य को गति दें, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है।
- सिंचाई प्रबंधन – पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के किसान जहाँ तापमान बढ़ रहा है, खड़ी फसलों (जैसे मक्का और सब्जियां) में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। शाम के समय सिंचाई करना अधिक प्रभावी होगा।
- मिट्टी की नमी – नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग (Mulching) का उपयोग करें, विशेषकर फलों के बागों में।
- पशुधन सुरक्षा – बढ़ते तापमान को देखते हुए पशुओं को छायादार और हवादार स्थानों पर रखें। उनके लिए पीने के साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।
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स्वास्थ्य सुझाव और सावधानियां
गर्मी के बढ़ते प्रभाव और बदलती परिस्थितियों को देखते हुए आम जनता के लिए कुछ संक्षिप्त सुझाव
- जलयोजन (Hydration) – दिन भर पर्याप्त पानी पीते रहें। बाहर निकलते समय नींबू पानी या ओआरएस (ORS) साथ रखें।
- धूप से बचाव – दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि निकलना आवश्यक हो, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।
- बिजली से सुरक्षा – पूर्वोत्तर भारत के लोग गरज और चमक के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
12 अप्रैल 2026 को भारत का मौसम उत्तर में शुष्क, मध्य में गर्म और पूर्वोत्तर में वर्षा वाला रहेगा। अल-नीनो (El Niño) के तटस्थ रहने की संभावना के बीच यह प्री-मानसून सीजन अपनी सामान्य लय में दिख रहा है। नागरिकों और विशेष रूप से किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम केंद्रों के अपडेट्स पर नजर रखें ताकि किसी भी आकस्मिक बदलाव के लिए तैयार रहें।
नोट – यह रिपोर्ट IMD के तात्कालिक उपलब्ध डेटा और सांख्यिकीय मॉडलों पर आधारित है। मौसम की सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक ‘मौसम’ ऐप या वेबसाइट का संदर्भ लें।







