प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक को संगीत जगत में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। सम्मान ग्रहण करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सार्वजनिक जीवन से दूर रहने की बात कही। साथ ही उन्होंने अपने प्रशंसकों, देश के नेतृत्व और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
पद्म पुरस्कार समारोह में मिला सम्मान
23 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म पुरस्कारों के दूसरे चरण के तहत 65 हस्तियों को सम्मानित किया। इसी अवसर पर भारतीय संगीत जगत की जानी-मानी गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण प्रदान किया गया।
सम्मान ग्रहण करने के लिए जब 60 वर्षीय गायिका मंच पर पहुंचीं, तो उन्हें एक व्यक्ति की सहायता से सीढ़ियां चढ़ते हुए देखा गया। समारोह का वीडियो सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई।
दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र सहित 5 को पद्म विभूषण 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्मश्री
स्वास्थ्य को लेकर अलका याग्निक का खुलासा
सम्मान प्राप्त करने के बाद अलका याग्निक ने इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों और अपनी निजी यात्रा को साझा करने से दूर रही हैं क्योंकि वह स्वास्थ्य संबंधी कठिन दौर से गुजर रही थीं।
उन्होंने लिखा:
“पिछले 2 साल से मैं सुर्खियों से दूर हूं. सार्वजनिक मौजूदगियों और अपनी यात्रा साझा करने से दूर रही हूं. आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं कठिन स्वास्थ्य दौर से गुजर रही थी और इस सब के बीच आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा.”
पद्म भूषण को बताया साझा सम्मान
अलका याग्निक ने कहा कि देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करना उनके लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा:
“आज जब मैं देश के एक सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रतिष्ठित पद्म भूषण लेने के लिए आई, तो मेरा दिल आभार से भरा हुआ था. ये सम्मान मुझे बहुत विनम्रता से मिला. इस पर भले ही मेरा नाम है, लेकिन ये उतना ही उन हर श्रोता का भी है जिन्होंने अपनी जिंदगी में मेरी आवाज को जगह दी.”
उन्होंने अपने श्रोताओं को इस उपलब्धि का बराबर का भागीदार बताते हुए कहा कि उनके गीतों को पीढ़ियों तक पहुंचाने और हर परिस्थिति में साथ देने वाले प्रशंसकों का योगदान भी इस सम्मान में शामिल है।

उम्मीद और हिम्मत का प्रतीक बना यह पल
गायिका के अनुसार यह उपलब्धि केवल उनके पेशेवर कार्यों की स्वीकृति नहीं है, बल्कि प्रेम, विश्वास और साहस की शक्ति की भी याद दिलाती है।
उन्होंने लिखा:
“ये पल मेरे लिए बहुत मायने रखता है. ये सिर्फ मेरे काम की मान्यता नहीं है, बल्कि प्यार, उम्मीद और हिम्मत से मिलने वाली ताकत की याद दिलाने वाला भी है.”
अलका याग्निक ने यह भी बताया कि वह धीरे-धीरे स्वस्थ होकर फिर से अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं और इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए विशेष महत्व रखता था।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सरकार का जताया आभार
अपने संदेश में उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का विशेष धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा:
“मैं भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का दिल से आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने मुझे यह असाधारण सम्मान दिया. मैं इसे अत्यधिक विनम्रता और सम्मान के साथ स्वीकार करती हूं.”
प्रशंसकों के प्रेम को बताया सबसे बड़ी ताकत
पोस्ट के अंत में अलका याग्निक ने कहा कि यह अवसर केवल पुरस्कार प्राप्त करने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने उन लाखों लोगों का प्रेम भी महसूस किया जो उनके पूरे सफर का हिस्सा रहे हैं।
उन्होंने अपने समर्थकों की प्रार्थनाओं, विश्वास और निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस स्नेह को हमेशा अपने साथ संजोकर रखेंगी।
Conclusion
पद्म भूषण से सम्मानित होने के बाद अलका याग्निक का यह संदेश उनके व्यक्तिगत संघर्ष और पेशेवर उपलब्धि दोनों को सामने लाता है। स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद मिले इस सम्मान ने उनके लिए एक भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण का रूप लिया, जिसे उन्होंने अपने प्रशंसकों और शुभचिंतकों के साथ साझा किया।







