व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

प्रशांत महासागर में रविवार को 6 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया NCS ने दी सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी केंद्र 130 किमी की गहराई में 

प्रशांत महासागर में रविवार को 6 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया NCS ने दी सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी केंद्र 130 किमी की गहराई में 
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 8, 2026 8:07 अपराह्न
Follow Us:

प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) अपनी विशालता और भूगर्भीय सक्रियता के लिए जाना जाता है। रविवार को आए 6.0 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान ‘रिंग ऑफ फायर’ की ओर खींच लिया है।

प्रशांत महासागर में भूकंप – एक विस्तृत विश्लेषण

घटना का विवरण और NCS की रिपोर्ट

रविवार को प्रशांत महासागर के क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 6.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। ‘नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी’ (NCS) ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की।

  •  तीव्रता –  6.0 (रिक्टर स्केल)
  •  गहराई – 130 किलोमीटर (Deep-focus earthquake)
  •   समय –  रविवार (स्थानीय समय अनुसार)

गहराई का महत्व – 130 किमी की गहराई यह दर्शाती है कि यह एक ‘इंटरमीडिएट’ गहराई का भूकंप है। आमतौर पर अधिक गहराई पर आने वाले भूकंपों का कंपन सतह पर कम विनाशकारी होता है लेकिन उनकी तरंगें बहुत बड़े क्षेत्र में महसूस की जा सकती हैं।

प्रशांत महासागर और ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire)-प्रशांत महासागर दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है। इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि दुनिया के 90% भूकंप और 75% सक्रिय ज्वालामुखी इसी क्षेत्र में पाए जाते हैं।

विवर्तनिक प्लेटें (Tectonic Plates)-यह क्षेत्र कई प्लेटों के मिलन का बिंदु है जिनमें मुख्य रूप से पैसिफिक प्लेट, नाज्का प्लेट, और इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट शामिल हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे दबती हैं (Subduction) तो भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है जो भूकंप का रूप ले लेती है।

भूकंप की तीव्रता और रिक्टर स्केल का विज्ञान-भूकंप की शक्ति को मापने के लिए रिक्टर स्केल का उपयोग किया जाता है। यह एक ‘लॉगरिदमिक’ पैमाना है।

जहाँ M मैग्नीट्यूड है। इसका अर्थ है कि 6.0 तीव्रता का भूकंप 5.0 तीव्रता के भूकंप से 10 गुना अधिक शक्तिशाली होता है और इसमें लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा निकलती है।

तीव्रताश्रेणीप्रभाव
2.0 – 3.9हल्काशायद ही महसूस हो
4.0 – 5.9मध्यमइमारतों को हल्का नुकसान
6.0 – 6.9शक्तिशालीआबादी वाले क्षेत्रों में भारी नुकसान की संभावना
7.0+विनाशकारीबड़े स्तर पर तबाही

सुनामी का खतरा और चेतावनी प्रणाली

जब भी प्रशांत महासागर में 6.0 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है तो सबसे बड़ा डर ‘सुनामी’ का होता है। हालांकि इस मामले में केंद्र की गहराई (130 किमी) अधिक होने के कारण समुद्र के तल (Sea bed) में अचानक विस्थापन की संभावना कम हो जाती है जिससे सुनामी का खतरा टल जाता है।

Earthquake Kolkata – कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में आया 5.5 तीव्रता का भूकंप बांग्लादेश था भूकंप केंद्र

सुनामी कैसे बनती है?

जब भूकंप समुद्र तल के पास (कम गहराई में) होता है तो वह पानी के एक विशाल स्तंभ को ऊपर की ओर धकेलता है। यह पानी जब गुरुत्वाकर्षण के कारण वापस नीचे आता है तो लहरें क्षैतिज रूप से दौड़ने लगती हैं जो तट तक पहुँचते-पहुँचते सुनामी का रूप ले लेती हैं।

वैश्विक प्रभाव और सुरक्षा उपाय

NCS जैसी एजेंसियां वैश्विक स्तर पर भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखती हैं। प्रशांत क्षेत्र में होने वाली हलचल का असर इंडोनेशिया, जापान, फिलीपींस और यहाँ तक कि अमेरिकी तटों तक हो सकता है।

Read more:

भूकंप के दौरान क्या करें?

  • झुकें, ढकें और पकड़ें (Drop, Cover, Hold on) –  यदि आप जमीन पर हैं, तो किसी मजबूत मेज के नीचे शरण लें।
  • तटीय क्षेत्रों से दूर रहें –  यदि आप समुद्र के किनारे हैं, तो तुरंत ऊंचे स्थानों की ओर बढ़ें।
  • अफवाहों से बचें –  केवल NCS या स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

रविवार को आया यह 6.0 तीव्रता का भूकंप पृथ्वी की आंतरिक हलचलों का एक हिस्सा है। हालांकि 130 किमी की गहराई ने बड़े खतरे को टाल दिया लेकिन यह भविष्य के लिए चेतावनी है कि समुद्री विवर्तनिक प्लेटें निरंतर दबाव में हैं। तकनीक और निरंतर निगरानी (Monitoring) के माध्यम से ही हम ऐसी आपदाओं के प्रभाव को कम कर सकते हैं।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment