बिहार में कांग्रेस की करारी हार के बाद जहां तमाम समीकरणों की बात सामनें आई है वहीं जानकारी अब यह भी सामनें आ रही है कि कांग्रेस नेंता राहुल गांधी नें नेताओं से चर्चा में कहा कि सभी सभी आनें वाले इलेक्शन पर ध्यान दें और एक दूसरे पर दोषारोपण करनें की जगह अपनी कमियों को दुरुस्त करें।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिहार में करारी हार पर पार्टी में किसी पर दोषारोपण करने के बजाए, आने वाले चुनावों पर फोकस करना चाहते हैं। उन्होंने बिहार चुनाव पर हुई पार्टी की बड़ी बैठक में कांग्रेस नेताओं से शुरू में ही साफ तरह से कह दिया था कि अगर बिहार के नतीजों पर किसी को दोष देना चाहते हैं तो मैं भी बराबर का ही भागीदार हूं। इसीलिए उन्होंने पार्टी के लोगों से यही कहा कि बिहार के नतीजों को भुलाकर आगे आने वाले चुनावों की तैयारियां शुरू कर दें।
घंटों चला मंथन का दौर
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बिहार चुनाव पर कांग्रेस की दिल्ली में हुई मेगा बैठक के अंदर की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार राहुल इस चुनाव की हार पर ज्यादा चर्चा नहीं चाहते थे। बीते गुरुवार को उन्होंने समीक्षा बैठक में प्रदेश के नेताओं और उम्मीदवारों से यही कहा कि किसी को दोष देना चाहते हैं, तो वह खुद (राहुल) भी उतने ही जिम्मेदार हैं। आखिरकार चार घंटे की बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने हार के लिए सार्वजनिक तौर पर ठीकरा एसआईआर और ‘वोट चोरी’ के अपने पुराने आरोपों पर ही फोड़ने की कोशिश की।
आनें वाले इलेक्शन पर दें ध्यान
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि राहुल का यही कहना था कि अगर हार के लिए कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरियों को दोष दिया जाए तो फिर मजबूत संगठन के बावजूद आरजेडी और लेफ्ट पार्टियां क्यों हारीं। सूत्र के मुताबिक राहुल ने पार्टी नेताओं से कहा कि चुनावों में जो भी दिक्कतें हुईं, उसे सुधारने पर फोकस करें। एक नेता के मुताबिक, ‘उन्होंने (राहुल) नें कहा आने वाले महीनों में कई राज्यों में चुनाव होने हैं और नेताओं को उन चीजों पर फोकस करनी चाहिए, ताकि पार्टी को बिहार जैसी स्थिति का सामना करनी पड़दें।
सभी प्रत्याशियों से पूछा गया हार का कारण
समीक्षा बैठक में बिहार कांग्रेस के सभी 61 प्रत्याशियों को बुलाया गया था। पार्टी ने सभी उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए, इस रिपोर्ट में हार के कारण और संगठनात्मक मजबूती-कमजोरी का ब्योरा देना अनिवार्य किया गया था।
बैठक के दौरान हंगामे की भी बात आई सामनें
दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में कुछ नेताओं के बीच जमकर बहस होनें की भी बात सामनें आई है़। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाली-गलौज जैसी स्थिति भी देखने को मिली। यह विवाद बताता है कि पार्टी के भीतर गुटबाजी किस स्तर पर पहुंच चुकी है। कांग्रेस नेतृत्व ने इस तरह की अनुशासनहीनता को बेहद गंभीरता से लिया है और संकेत दिए हैं कि इसमें शामिल नेताओं पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।






