व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

Char Dham Registration Starts Today- उत्तराखंड के पवित्र चार धाम यमुनोत्री गंगोत्री केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज से शुरू जानिए पूरी प्रोसेस

उत्तराखंड के पवित्र चार धाम यमुनोत्री गंगोत्री केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा 2026
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 6, 2026 2:28 अपराह्न
Follow Us:

उत्तराखंड की पावन देवभूमि में स्थित चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन का मार्ग मानी जाती है। वर्ष 2026 के लिए इस यात्रा का शंखनाद हो चुका है। आज, 6 मार्च 2026 से ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है।

यदि आप भी इस वर्ष हिमालय की गोद में बसे इन पवित्र धामों के दर्शन की योजना बना रहे हैं तो यह विस्तृत गाइड आपके लिए है। इसमें पंजीकरण की प्रक्रिया से लेकर कपाट खुलने की तिथियों और यात्रा की सावधानियों तक की संपूर्ण जानकारी दी गई है।

चार धाम यात्रा 2026 – ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया

उत्तराखंड सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। बिना क्यूआर कोड वाले पंजीकरण पत्र के यात्रियों को चेकपोस्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पंजीकरण के माध्यम (Modes of Registration)

श्रद्धालु निम्नलिखित चार तरीकों से अपना पंजीकरण करा सकते हैं

  • आधिकारिक वेबसाइट- registrationandtouristcare.uk.gov.in
  • मोबाइल ऐप –  ‘Tourist Care Uttarakhand’ (Google Play Store/Apple Store से डाउनलोड करें)।
  • व्हाट्सएप –  +91-8394833833 पर ‘Yatra’ लिखकर भेजें।
  • टोल-फ्री नंबर –  0135-1364 पर कॉल करके।

पंजीकरण के चरण (Step-by-Step Process)

  • स्टेप 1 – आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और ‘Login/Register’ पर क्लिक करें।
  • स्टेप 2 – अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज कर आईडी बनाएं।
  • स्टेप 3 –  ‘Create/Manage Tour’ पर जाकर अपनी यात्रा की तिथियां और उन धामों का चयन करें जहां आप जाना चाहते हैं।
  • स्टेप 4 – प्रत्येक यात्री का विवरण (आधार कार्ड, फोटो, पता) अपलोड करें।
  • स्टेप 5 – पंजीकरण सफल होने के बाद, अपना ‘Yatra Registration Letter’ डाउनलोड करें जिसमें एक विशिष्ट QR Code होगा।

महत्वपूर्ण नोट –  ऑनलाइन पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क (FREE) है। किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति को इसके लिए पैसे न दें।

Read more:

चार धाम कपाट खुलने की तिथियां 2026

हिंदू पंचांग और अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर धामों के कपाट खोले जाते हैं। वर्ष 2026 के लिए संभावित तिथियां इस प्रकार हैं-

धाम का नामकपाट खुलने की तिथिसमय (संभावित)
यमुनोत्री19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया)सुबह 7:30 बजे
गंगोत्री19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया)दोपहर 12:15 बजे
केदारनाथ22 अप्रैल 2026सुबह 8:00 बजे
बद्रीनाथ24 अप्रैल 2026सुबह 6:15 बजे

नोट –  कपाट बंद होने की तिथियां आमतौर पर भैया दूज (नवंबर के प्रथम सप्ताह) के आसपास होती हैं।

रूट चार्ट और दूरियों का विवरण-चार धाम यात्रा का पारंपरिक मार्ग ऋषिकेश या हरिद्वार से शुरू होता है और घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में चलता है   

यमुनोत्री → गंगोत्री → केदारनाथ → बद्रीनाथ।

प्रमुख दूरियाँ (किमी में)

  • हरिद्वार से बरकोट (यमुनोत्री का आधार) – 200 किमी
  • बरकोट से यमुनोत्री (6 किमी पैदल ट्रैक सहित) – 45 किमी सड़क + 6 किमी पैदल
  • यमुनोत्री से उत्तरकाशी (गंगोत्री का आधार) –  130 किमी
  • उत्तरकाशी से गंगोत्री – 100 किमी
  • गंगोत्री से उत्तरकाशी होते हुए गुप्तकाशी (केदारनाथ का आधार) – 280 किमी
  • गुप्तकाशी से गौरीकुंड – 30 किमी (यहाँ से 16-18 किमी का पैदल ट्रैक शुरू होता है)
  • गौरीकुंड से केदारनाथ –  16-18 किमी (पैदल/घोड़ा/पालकी)
  • केदारनाथ से बद्रीनाथ –  लगभग 230 किमी
  • बद्रीनाथ से ऋषिकेश (वापसी) – 297 किमी

यात्रा के दौरान आवश्यक वस्तुएं (Packing Checklist)

हिमालय का मौसम पल-पल बदलता है इसलिए तैयारी पूरी होनी चाहिए

  • कपड़े – थर्मल वियर, भारी ऊनी जैकेट, दस्ताने, ऊनी टोपी और कम से कम 3-4 जोड़ी मोजे।
  • वर्षा सुरक्षा –  एक अच्छी गुणवत्ता वाला रेनकोट या पोंचो (छाते से बेहतर रहता है क्योंकि हवा तेज चलती है)।
  • फुटवियर –  अच्छी ग्रिप वाले ट्रेकिंग जूते (स्पोर्ट्स शूज के बजाय ट्रेकिंग शूज को प्राथमिकता दें)।
  • दवाइयां – ऊंचाई पर होने वाली बीमारी (Altitude Sickness) की दवा, दर्द निवारक, बैंड-एड, ओआरएस (ORS), और यदि कोई नियमित दवा लेते हैं तो उसका अतिरिक्त स्टॉक।
  • गैजेट्स –  पावर बैंक (पहाड़ों में बिजली की कटौती संभव है), टॉर्च और एक छोटा मेडिकल किट।
  • दस्तावेज – मूल आधार कार्ड और पंजीकरण पत्र की दो-तीन फोटोकॉपी।

Read more:उत्तराखंड सरकार का ऐतिहासिक फैसला, राजभवन का नाम बदलकर किया “Lok Bhavan”

विशेष सावधानियां और नए नियम 2026

  • मोबाइल और कैमरा प्रतिबंध –  इस वर्ष बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित हो सकता है। केदारनाथ में मंदिर के 30 मीटर के दायरे में रील या वीडियो बनाना सख्त मना है।
  • स्वास्थ्य जांच –  50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के लिए सरकार द्वारा स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की जा सकती है। यदि आपको सांस लेने में तकलीफ या हृदय रोग है तो डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें।
  • ड्राइविंग नियम –  पहाड़ों में रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक ड्राइविंग प्रतिबंधित है। अपनी यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं।
  • पर्यावरण का सम्मान – देवभूमि की पवित्रता बनाए रखें। प्लास्टिक का प्रयोग न करें और कूड़ा-कचरा कूड़ेदान में ही डालें।

चार धाम यात्रा केवल एक शारीरिक यात्रा नहीं बल्कि धैर्य और श्रद्धा की परीक्षा भी है। समय पर पंजीकरण कराएं और अपनी तैयारी पुख्ता रखें ताकि आपकी यात्रा सुखद और मंगलमय हो।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment