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कांतारा के दैव सीन की नकल पर विवाद रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु में एफआईआर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु में एफआईआर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 29, 2026 6:43 अपराह्न
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डेलीबार्ता,मुंबई।बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला उनके किसी फिल्मी किरदार या बयान से नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान की गई कथित नकल से जुड़ा है। कर्नाटक की प्रसिद्ध दैव परंपरा और फिल्म ‘कांतारा: ए लीजेंड – चैप्टर 1’ से जुड़े दैव सीन की नकल को लेकर बेंगलुरु में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि इस कृत्य से हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और समाज में नफरत व दुश्मनी को बढ़ावा मिला है।

यह एफआईआर बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रणवीर सिंह ने मंच पर दैव परंपरा की ऐसी नकल की, जो न सिर्फ अपमानजनक थी, बल्कि जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से की गई, ताकि धार्मिक मान्यताओं का मजाक उड़ाया जा सके।

जानिये क्या क्या है पूरा मामला

यह विवाद कुछ महीने पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार, 28 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान रणवीर सिंह ने मंच पर ऋषभ शेट्टी की चर्चित फिल्म ‘कांतारा: ए लीजेंड – चैप्टर 1’ के दैव सीन की नकल की थी। इसी दौरान उन्होंने चावुंडी दैवा को ‘भूत’ कहे जाने जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जिसे लेकर कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और दैव परंपरा को मानने वालों में गहरा रोष फैल गया।

किसने और क्यों दर्ज कराई शिकायत

इस मामले में बेंगलुरु निवासी 46 वर्षीय वकील प्रशांत मेथल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि रणवीर सिंह का यह व्यवहार न केवल गैर-जिम्मेदाराना था, बल्कि धार्मिक परंपराओं का खुला अपमान भी था। शिकायत के अनुसार, दैव परंपरा कर्नाटक के तटीय इलाकों में सदियों से चली आ रही आस्था और संस्कृति का हिस्सा है, जिसे इस तरह मजाक के रूप में प्रस्तुत करना अस्वीकार्य है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने रणवीर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत धार्मिक भावनाओं को आहत करने, समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने और जानबूझकर अपमानजनक कृत्य करने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

क्या है दैव परंपरा

दैव परंपरा कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों, विशेषकर दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में प्रचलित एक प्राचीन लोक-धार्मिक परंपरा है। इसमें स्थानीय देवताओं, जिन्हें ‘दैव’ कहा जाता है, की पूजा की जाती है। चावुंडी दैवा, पंजुर्ली और गुलिगा दैव जैसे देवताओं को क्षेत्र के लोग अपनी रक्षा करने वाला और न्याय दिलाने वाला मानते हैं। इन दैवों को देवी-देवताओं के रूप में पूजा जाता है और इनके प्रति गहरी आस्था रखी जाती है।

शिकायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि चावुंडी दैवा को दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में उन्हें ‘भूत’ के रूप में प्रस्तुत करना न सिर्फ गलत है, बल्कि आस्था रखने वालों के लिए अत्यंत पीड़ादायक भी है। 

पवित्र परंपरा का हुआ उपहास

शिकायतकर्ता प्रशांत मेथल ने आरोप लगाया है कि रणवीर सिंह ने मंच पर पंजुर्ली और गुलिगा दैव से जुड़े भाव-भंगिमाओं की भद्दे और हास्यास्पद तरीके से नकल की। उनका कहना है कि यह नकल मनोरंजन के नाम पर की गई, लेकिन इससे एक पवित्र परंपरा का उपहास हुआ।

वीडियो आया सामने और बढ़ गया विवाद

एफआईआर के मुताबिक,बीते 2 दिसंबर 2025 को शिकायतकर्ता ने बेंगलुरु स्थित कर्नाटक स्टेट बिलियर्ड्स एसोसिएशन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्क्रॉल करते समय इस प्रदर्शन का वीडियो देखा। बताया गया कि यह वीडियो ‘ब्रीफ चाट’ नाम के एक सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा शेयर किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से वायरल हुआ और लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई।

आरोप- अनजानें में नहीं जानबूझकर नफरत फैलाई

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रणवीर सिंह का यह कृत्य अनजाने में नहीं, बल्कि जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह के कृत्य समाज में धार्मिक आधार पर नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देते हैं। इससे न केवल एक समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित होता है।

मानसिक पीड़ा का भी जिक्र

एफआईआर में यह उल्लेख किया गया है कि इस कथित अपमानजनक प्रदर्शन से दैव परंपरा को मानने वाले लोगों को मानसिक पीड़ा पहुंची है। कई भक्तों ने इसे अपनी आस्था पर सीधा हमला बताया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणियां और नकल करना एक जिम्मेदार कलाकार के आचरण के विपरीत है।

कोर्ट में पहुंचेगा मामला

पुलिस ने इस मामले को बेंगलुरु स्थित प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट (CMM) न्यायालय में भेज दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस केस की सुनवाई 8 अप्रैल को निर्धारित की गई है। अब कोर्ट तय करेगा कि आगे इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब तक नहीं आई रणवीर सिंह की कोई प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर अभी तक रणवीर सिंह या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

कला, अभिव्यक्ति और जिम्मेदारी की बहस

यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि कला और अभिव्यक्ति की आज़ादी की सीमा क्या होनी चाहिए। जहां एक ओर कलाकारों को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, वहीं दूसरी ओर समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के प्रति जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। दैव परंपरा से जुड़े लोगों का मानना है कि मनोरंजन के नाम पर उनकी आस्था का मजाक उड़ाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

अब सबकी नजरें 8 अप्रैल को होने वाली अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और रणवीर सिंह को इस विवाद में किस तरह की कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ता है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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