दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग का कहर जारी है, जिसके चलते लोगों ने इसे एक स्वास्थ्य आपदा घोषित करने की मांग की है। स्मॉग ने कई दिनों से लोगों को सांस लेने में कठिनाई और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

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दिल्ली-एनसीआर में लोग स्मॉग को एक स्वास्थ्य आपदा घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
स्मॉग ने पिछले कुछ दिनों से लोगों को कई तरह की परेशानियां दी हैं। यही कारण है कि बीमार लोग सोशल मीडिया पर अपनी आप-बीती शेयर कर रहे हैं। ऑनलाइन बहुत से लोग प्रदूषण की शिकायत कर रहे हैं।
इनमें से कुछ लोगों ने स्मॉग और प्रदूषण को स्वास्थ्य आपदा घोषित करने की मांग की है। ध्रुव दूबे ने प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए यह मांग की है। उनका कहना था कि प्रदूषण उनके परिवार के साथ-साथ लाखों लोगों को पीड़ित कर रहा है। अब यहाँ रहना मुश्किल है। इसका शारीरिक और मानसिक प्रभाव है। यह एक स्वास्थ्य आपातकाल है। अब केवल अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा।
प्रदूषण को देखते हुए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने GRAP नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं।
Anand Vihar में AQI 429, Ashoka Vihar में 420 और Bavana में 432 तक पहुंच गया। साथ ही, जहांगीरपुरी (437), पंजाबी बाग (412) और रोहिणी (438) जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अत्यंत चिंताजनक है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक महामारी बन गया है, जिससे लोगों की सांसों को खतरा है। सोमवार सुबह, राजधानी के अधिकांश क्षेत्रों में AQI 400 से अधिक था, जो “गंभीर” था।
ये लोगों की मांगें हैं
सात दिन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित की जाए। इस दौरान, अस्थाई लॉकडाउन लागू करना चाहिए। सभी निर्माण बंद कर दें; घर पर काम करना अनिवार्य है।
लोगों को वास्तविक समय में प्रदूषण की जानकारी दी जाए। डैशबोर्ड पर सोर्स डेटा भी था। कोविड की तरह, लोगों को विभिन्न तरीकों से प्रदूषण की जानकारी दी जाए।
धुआं छोड़ने वाले वाहनों को सड़कों से तुरंत हटाया जाए। ट्रकों को नियंत्रित किया जाए। जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए बसों और मेट्रो सेवाओं को मुफ्त दें। मेट्रो में अधिक फ्रीक्वेंसी है।
पराली जलाने में जीरो टालरेंस होना चाहिए। रैपिड रिस्पांस फायरफाइटिंग टीमें हॉटस्पॉट जिलों में तैनात थीं। सैटेलाइट को देखा जा सकता है। दोषियों को एफआईआर, चालान और जेल की सजा मिलेगी।
उद्योगों की जवाबदेही निर्धारित होनी चाहिए। इनकी थर्ड पार्टी जांच होगी। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए, अस्पतालों, स्कूलों और पुलिसकर्मियों को मुफ्त N95 मास्क दिए जाएं। मुफ्त नेबुलाइजर क्लीनिक बनाएँ।
इमरजेंसी पल्युशन पैनेल्टी के लिए एक धनराशि बनाया जाए। इसमें प्रदूषण के पदार्थ मिलते हैं। किसानों को सब्सिडी, पब्लिक एयर शेल्टर और मास्क बाँटने के लिए धन दिया जाएगा।
क्या सामना कर रहे हैं
सरकार ने कठोर कदम उठाए। 86 वर्षीय मेरे पिता हैं। सेना से रिटायर्ड है। वे स्वस्थ जीवनशैली जीते हैं, लेकिन प्रदूषण के कारण उन्हें बदलना पड़ा—डॉ. अंजली मेहता, एनटी
दम घुटता है डेटा ने स्पष्ट रूप से दिखाया कि पराली नहीं है। यह दिल्ली की विशेषता है। वर्तमान में दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण कूड़े में आग, घरेलू प्रदूषण, गर्मी और गाड़ियां है।
X पर लोगों की राय
मीटिंग में जाना भी साहस है। डॉ. रितेश मलिक, Innova8 का संस्थापक, कहते हैं कि यह स्थिति भयानक है।
मीटिंगों में भाग लेता था। मैं प्रदूषण को सहन नहीं कर सकता। टैक एनटरप्रेन्योर मनु कुमार जैन ने कहा कि वे वापसी की फ्लाइट को जल्दी लेंगे।
फिलहाल, स्मॉग से लोगों को राहत नहीं मिली, शुक्रवार को AQI 364 रहा
दिल्लीवासी दमघोंटू हवा से राहत नहीं पा रहे हैं। प्रदूषण का यह स्तर अगले कुछ दिनों तक रहने का अनुमान है। लोगों को मास्क पहनकर बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है और कम से कम बाहर घूमने की सलाह दी जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के एयर बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई शुक्रवार को 364 रहा। यह फरीदाबाद में 238, गाजियाबाद में 422, ग्रेटर नोएडा में 353, गुरुग्राम में 287 और नोएडा में 394 था।







