टॉनटन। आगामी आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों में जुटी भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अरमानों पर पानी फिर गया है। सीरीज के करो या मरो वाले निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 6 विकेट से पटखनी देकर तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। टॉनटन के मैदान पर खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 180 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। जवाब में मेजबान इंग्लैंड ने महज 4 विकेट के नुकसान पर 18.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। विश्व कप से ठीक पहले मिली इस खिताबी जीत से जहां इंग्लिश टीम के हौसले बुलंद हैं, वहीं भारतीय खेमे के लिए यह अपनी कमियों को सुधारने और रणनीतियों पर दोबारा विचार करने का एक बड़ा वेक-अप कॉल है।
हरमनप्रीत की कप्तानी पारी और दीप्ति का साथ
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सधी हुई रही, लेकिन बीच के ओवरों में नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रनों की रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लग गया। ऐसे नाजुक मौके पर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला और जिम्मेदारी से खेलते हुए टीम को संकट से निकाला। हरमनप्रीत ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 56 रन ठोके और आखिरी ओवरों में मैदान के चारों तरफ शॉट लगाकर टीम के स्कोर को गति दी।मध्यक्रम में उन्हें स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा का भरपूर सहयोग मिला। दीप्ति ने भी समझदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 32 रनों का अहम योगदान दिया। दोनों के बीच हुई सूझबूझ भरी साझेदारी की बदौलत भारत डैथ ओवरों में तेजी से रन बटोरने में सफल रहा और स्कोरबोर्ड पर 180 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य टांग दिया। टॉनटन की परिस्थितियों को देखते हुए इस स्कोर को डिफेंड करने लायक और काफी प्रतिस्पर्धी माना जा रहा था।
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भारतीय गेंदबाजों की कड़क शुरुआत, पावरप्ले में ढहा इंग्लैंड
181 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज और स्पिन गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ से गेंदबाजी करते हुए इंग्लिश टॉप ऑर्डर को पूरी तरह बांध कर रख दिया। दबाव का फायदा भारत को जल्द ही मिला और मेजबान टीम ने महज 38 रन के स्कोर पर अपने तीन मुख्य बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए।उस वक्त मैदान का माहौल देखकर ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम आसानी से मैच और सीरीज दोनों अपनी झोली में डाल लेगी। भारतीय खिलाड़ियों का जोश सातवें आसमान पर था और गेंदबाज लगातार बल्लेबाजों पर हावी थे। लेकिन इसके बाद कहानी में एक ऐसा ट्विस्ट आया जिसने मैच का पूरा पासा ही पलट कर रख दिया।
कैप्सी और नाइट का तूफान: भारत के हाथ से छीनी बाजी
तीन विकेट जल्दी गिर जाने के बाद क्रीज पर उतरीं युवा एलिस कैप्सी और अनुभवी कप्तान हीदर नाइट ने मोर्चा संभाला। शुरुआत में दोनों ने विकेट बचाकर खेलने को प्राथमिकता दी, लेकिन जैसे ही उनकी आंखें पिच पर जमीं, उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दीं।युवा सनसनी एलिस कैप्सी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 43 गेंदों में 82 रनों की आतिशी पारी खेल डाली। कैप्सी ने मैदान का कोई कोना नहीं छोड़ा और भारतीय कप्तान के हर पैंतरे को नाकाम कर दिया। वहीं दूसरी छोर पर खड़ी हीदर नाइट ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और शांत दिमाग से खेलते हुए नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।इन दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 129 से ज्यादा रनों की शतकीय साझेदारी हुई, जिसने भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। यही साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। विकेट की तलाश में छटपटाते भारतीय गेंदबाजों को इन दोनों ने वापसी का एक भी मौका नहीं दिया।

नौ गेंद शेष रहते इंग्लैंड की आसान जीत
कैप्सी और नाइट की इस बेखौफ बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने इतने बड़े लक्ष्य को बेहद बौना साबित कर दिया। मेजबान टीम ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 181 रन बना लिए और 6 विकेट की एकतरफा जीत दर्ज की। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने अंत में इतनी तेजी से रन बनाए कि मैच पूरी तरह भारत की पकड़ से बाहर हो गया। एलिस कैप्सी को उनकी तूफानी और मैच जिताऊ पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि हीदर नाइट की कप्तानी पारी ने जीत की राह आसान की।
उतार-चढ़ाव से भरी रही टी20 सीरीज
पूरी सीरीज में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। सीरीज की शुरुआत भारत के दबदबे के साथ हुई थी, जब पहले टी20 मैच में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 38 रनों से शिकस्त देकर 1-0 की बढ़त बनाई थी। उस प्रदर्शन को देखकर लग रहा था कि टीम इंडिया सीरीज फतह कर लेगी। हालांकि, इंग्लैंड ने पलटवार करते हुए दूसरे मैच में शानदार वापसी की और सीरीज 1-1 से बराबर की, और फिर आखिरी नॉकआउट मैच में बाजी मारकर चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली।







