कोलंबो। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज और क्रिकेट कोच गैरी कर्स्टन अब श्रीलंका पुरुष टीम के राष्ट्रीय कोच होंगे। इसकी आधिकारिक घोषणा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने की और बताया कि 15 अप्रैल 2026 से कर्स्टन टीम के मुख्य कोच की भूमिका संभालेंगे। उनका अनुबंध 2 वर्षों के लिए होगा जो 14 अप्रैल 2028 तक चलेगा। इसके पहले श्रीलंका पुरुष टीम पर कोच सनत जयसूर्या थे, जिन्होंने हाल में ही T20 विश्व कप में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का मानना है कि कर्स्टन का अनुभव और उनकी सफल कोचिंग पृष्ठभूमि टीम को नई मजबूती भी दे सकती है। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि उनकी नियुक्ति राष्ट्रीय हाई – परफार्मेंस केंद्र की संरचना को मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा है ।
T20 विश्व कप में रहा था निराशाजनक प्रदर्शन
हाल में ही समाप्त हुए T20 विश्व कप में श्रीलंका का प्रदर्शन कुछ खास नहीं था। घरेलू मैदान में भी टीम उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाई। टीम सुपर 8 चरण तक पहुंची, लेकिन वहां सभी मैच हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई।इस नतीजे के बाद टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ पर सवाल उठने लगे थे। दबाव बढ़ने के बाद जयसूर्या ने पद छोड़ने का निर्णय लिया, इसके बाद बोर्ड ने टीम के पुनर्निर्माण के लिए नए सिरे से कदम उठाते हुए अनुभवी कोच की तलाश शुरू की, जिसके बाद गैरी कर्स्टन को यह जिम्मेदारी सौंप गई।
कोचिंग में रहा है शानदार रिकॉर्ड
गैरी कर्स्टन को आधुनिक क्रिकेट में सफल कोचों में गिना जाता है। इससे पहले वह 2008 से लेकर 2011 तक भारतीय क्रिकेट टीम के भी कोच रह चुके हैं, इसी दौरान विश्व कप 2011 में भारतीय टीम ने विजेता होने का गौरव प्राप्त किया था। साथ ही साथ उन्हीं के कार्यकाल में भारत की टेस्ट टीम विश्व की नंबर एक टीम बनी थी। भारत की टीम की कोचिंग के बाद वे 2011 से 2013 तक दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय टीम के भी कोच रहे उसी दौरान दक्षिण अफ्रीका की टीम भी क्रिकेट के तीनों प्रारूप में विश्व की नंबर एक टीम बनी। कर्स्टन को टीम के अंदर सकारात्मक माहौल तैयार करने के लिए जाना जाता है। यही वजह है की कई क्रिकेट बोर्ड उन्हें टीम के पुनर्निर्माण के लिए आदर्श कोच मानते हैं।
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क्रिकेटर के तौर पर भी रहे हैं बेहद सफल
कोचिंग के क्षेत्र में उतरने से पहले गैरी कर्स्टन दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट के प्रमुख स्तंभ रहे हैं। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 101 टेस्ट और 185 एकदिवसीय मैच खेले।अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेली और टीम के भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज रहे। कोचिंग के अलावा गैरी कर्स्टन विभिन्न टी 20 लीग और अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ सलाहकार के रूप में भी काम करते रहे हैं। हाल में ही T20 विश्व कप 2026 के दौरान वे कंसल्टेंट के रूप में नामीबिया के साथ जुड़े हुए थे। इसके अलावा वे इंडियन प्रीमियर लीग में भी कई टीमों के साथ जुड़े रहे हैं।
खराब दौर से गुजर रही है श्रीलंकाई टीम
पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका की टीम का प्रदर्शन काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है, और टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। बड़े टूर्नामेंट में टीम ने अपने प्रशंसकों और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को निराशा ही किया है ।ऐसे में कर्स्टन की सबसे बड़ी चुनौती टीम को स्थिरता देना और युवा खिलाड़ियों को सही दिशा में आगे बढ़ाना होगा। श्रीलंका की टीम एक समय पर विश्व क्रिकेट की मजबूत टीमों में शुमार थी, और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड यह चाहता है कि श्रीलंका की टीम का पुराना गौरव फिर से लौटे ।
विश्वकप 2027 पर है नजर
एकदिवसीय क्रिकेट का विश्व कप वर्ष 2027 में होना है। यह टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका जिंबॉब्वे और नामीबिया में आयोजित होगा। कर्स्टन की नियुक्ति के पीछे श्रीलंका की टीम की वनडे विश्व कप की तैयारी माना जा रहा है। कर्स्टन के अनुभव और रणनीति सोच को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह टीम को सही दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
रणनीति पर काम करने की जरूरत
श्रीलंकाई टीम ने हाल ही में काफी बदलाव देखे हैं, और अब वहां का क्रिकेट बोर्ड एक ऐसी योजना बनाना चाहता है जो हमेशा काम करे। गैरी कर्स्टन को शायद इसीलिए चुना गया है, ताकि एक नई शुरुआत हो सके। कर्स्टन के पास अनुभव है, वो अच्छी रणनीतियाँ बनाते हैं और उनका स्वभाव भी शांत है, जो टीम के लिए अच्छा हो सकता है। अगर वे कामयाब रहे, तो श्रीलंका की टीम फिर से बड़े मैचों में अच्छा खेल सकती है।







