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ठंड के समय स्वस्थ रहने के लिए घरेलू उपचार 

ठंड के समय स्वस्थ रहने के लिए घरेलू उपचार 
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 7, 2026 4:16 अपराह्न
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सर्दियों का मौसम अपने साथ सुहावना एहसास तो लाता है लेकिन यह सेहत के लिए कई चुनौतियाँ भी खड़ा करता है। गिरता तापमान हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को प्रभावित करता है जिससे सर्दी-जुकाम जोड़ों का दर्द और श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

सामान्य घरेलू उपचार 

सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखना और इम्युनिटी बढ़ाना सबसे जरूरी है।

तुलसी और अदरक की चाय – तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। रोजाना इनका सेवन श्वसन तंत्र को साफ रखता है।

हल्दी वाला दूध (Golden Milk)-  रात को सोते समय एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। यह शरीर के दर्द को दूर करता है और संक्रमण से लड़ता है।

शहद और काली मिर्च –  अगर गले में खराश है तो एक चम्मच शहद में चुटकी भर काली मिर्च मिलाकर चाटने से तुरंत राहत मिलती है।

गुड़ का सेवन –  चीनी की जगह गुड़ का प्रयोग करें। गुड़ शरीर में गर्मी पैदा करता है और आयरन की कमी को पूरा करता है।

बच्चों के लिए विशेष देखभाल

बच्चों की त्वचा और फेफड़े बहुत संवेदनशील होते हैं।

मालिश का महत्व-  बच्चों की सरसों के तेल में लहसुन और अजवायन पकाकर मालिश करें। इससे उनकी हड्डियाँ मजबूत होती हैं और छाती में जकड़न नहीं होती।

जायफल का उपयोग-  छोटे बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए पत्थर पर थोड़ा सा जायफल घिसकर दूध में मिलाकर दें डॉक्टर की सलाह पर मात्रा तय करें।

पहनावा –  बच्चों को ‘लेयरिंग’ (स्तरों में कपड़े) में रखें। सीधे ऊनी कपड़े पहनाने के बजाय अंदर सूती कपड़ा जरूर पहनाएं।

बुजुर्गों के लिए सावधानियां

बुजुर्गों में अक्सर सर्दियों में जोड़ों का दर्द और रक्तचाप (BP) की समस्या बढ़ जाती है।

मेथी और सोंठ के लड्डू – मेथी जोड़ों के दर्द में रामबाण है। बुजुर्गों को सुबह एक मेथी का लड्डू या मेथी का पानी देना फायदेमंद होता है।

धूप का सेवन –  विटामिन-D की कमी से हड्डियाँ कमजोर होती हैं। सुबह 10 से 12 बजे के बीच कम से कम 20-30 मिनट धूप में जरूर बैठें।

गुनगुना पानी – बुजुर्गों को हमेशा गुनगुना पानी ही पीना चाहिए ताकि पाचन तंत्र सही रहे और शरीर का तापमान स्थिर रहे।

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष निर्देश

गर्भावस्था में दवाइयों का सेवन सीमित होता है इसलिए घरेलू उपचार सबसे सुरक्षित हैं।

केसर वाला दूध –  शरीर में गर्माहट बनाए रखने के लिए सीमित मात्रा में केसर का उपयोग करें।

खजूर और सूखे मेवे – बादाम अखरोट और खजूर का सेवन ऊर्जा देता है और हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखता है।

स्टीम (भाप) लेना – यदि नाक बंद हो या सर्दी हो तो सादे पानी की भाप लें। विक्स या दवाओं के बजाय प्राकृतिक तरीके अपनाएं।

चोट या सर्जरी से ग्रसित व्यक्तियों के लिए

ठंड में पुरानी चोटों में दर्द बढ़ना आम है।

सिकाई –  दर्द वाली जगह पर गर्म पानी की थैली या नमक की पोटली से सिकाई करें।

लहसुन का तेल-  सरसों के तेल में 4-5 कलियां लहसुन की जलाकर उस तेल से चोट वाली जगह पर हल्के हाथ से मालिश करें।

हल्का व्यायाम –  जितना संभव हो शरीर को गतिशील रखें ताकि रक्त संचार (Blood Circulation) बना रहे।

सर्दी-जुकाम होने पर क्या करें  (Home Remedies for Cold)

यदि आप ठंड की चपेट में आ गए हैं, तो इन तरीकों को अपनाएं

काढ़ा – पानी में दालचीनी लौंग काली मिर्च अदरक और तुलसी डालकर उबालें। आधा रहने पर छानकर धीरे-धीरे पिएं।

नमक के गरारे –  गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर दिन में 3 बार गरारे करने से गले का संक्रमण खत्म होता है।

अजवायन की पोटली – अजवायन को तवे पर गर्म करके एक मलमल के कपड़े में बांध लें। इसे छाती और नाक के पास रखकर सूंघने से बंद नाक खुल जाती है।

सर्दियों में परहेज (Avoid these things)

स्वस्थ रहने के लिए यह जानना जरूरी है कि क्या नहीं करना चाहिए| ठंडी तासीर वाली चीजें दही मट्ठा आइसक्रीम और ठंडे कोल्ड ड्रिंक्स से पूरी तरह बचें।

बासी भोजन – सर्दियों में पाचन अग्नि धीमी होती है इसलिए हमेशा ताजा और गर्म खाना खाएं।

ज्यादा कैफीन –  चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है। इसकी जगह हर्बल टी लें।

गीले बाल – नहाने के बाद बालों को तुरंत सुखाएं। गीले सिर से ठंड लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

जीवनशैली और आहार चार्ट

समय  क्या खाएं क्या करें 
सुबह (खाली पेट) गुनगुना पानी + भिगोए हुए बादाम/अखरोट 
नाश्ता दलिया ओट्स या मेथी के पराठे (बिना ज्यादा तेल के) 
दोपहर का भोजन दाल हरी सब्जियां (बथुआ, सरसों का साग) और मक्के बाजरे की रोटी 
शाम का नाश्ता भुने हुए चने सूप या मूंगफली 
रात का भोजन हल्का भोजन जैसे खिचड़ी या सूप और सोने से पहले हल्दी दूध

सर्दियों का आनंद लेने के लिए अनुशासन जरूरी है। अपने खान-पान में मौसमी सब्जियों और फलों को शामिल करें शरीर को पर्याप्त ढक कर रखें और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। याद रखें बचाव इलाज से बेहतर है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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