भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 20 जून 2026 को भारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में मौसम के विविध रूप देखने को मिलेंगे। जहाँ एक तरफ देश के कुछ हिस्सों में नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और मानसूनी हवाओं के कारण झमाझम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है वहीं कुछ मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम और उमस भरी गर्मी का असर रहेगा।
आइए क्षेत्रवार समझते हैं कि 20 जून 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
उत्तर-पश्चिम भारत- पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर-पश्चिम भारत में इस समय एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखा जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम गतिशील रहेगा
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड- इन पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक रूप से हल्की से मध्यम वर्षा होने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना है।
- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली- इन मैदानी इलाकों में छिटपुट स्थानों पर धूल भरी आंधी चलने, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (gusty winds) चलने का अनुमान है। कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी से तापमान में आंशिक गिरावट आ सकती है।
- राजस्थान- पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 20 जून को तेज तूफानी हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और छिटपुट वर्षा होने की प्रबल संभावना है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत- भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण मौसम काफी नम और बारिश वाला रहेगा
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश- आईएमडी के मुताबिक इन राज्यों में 20 जून को अत्यधिक भारी वर्षा (Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा- इन राज्यों में भी व्यापक रूप से मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
- बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल- बिहार के कुछ हिस्सों में इस दिन तेज आंधी (Thundersquall) चलने की संभावना है जिसकी गति 50-60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
मध्य और पश्चिम भारत- शुष्क मौसम और उमस
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़- मध्य भारत में 20 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा लेकिन उमस परेशान कर सकती है।
- गुजरात और महाराष्ट्र- गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में मुख्य रूप से मौसम शुष्क (Dry Weather) रहने का अनुमान है। कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है जबकि अंदरूनी महाराष्ट्र (विदर्भ और मराठवाड़ा) में उमस भरी गर्मी का माहौल रहेगा।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत- मानसून की धीमी रफ्तार
- केरल, माहे और लक्षद्वीप- दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के चलते केरल और लक्षद्वीप में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जाएगी।
- कर्नाटक और तमिलनाडु- तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी जबकि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम मुख्य रूप से गर्म और आर्द्र (Hot and Humid) बना रहेगा।
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20 जून 2026 के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा सुझाव
मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है
अंधी-तूफान और आकाशीय बिजली से बचाव (उत्तर-पश्चिम व पूर्वी भारत के लिए)
- सुरक्षित स्थानों पर शरण लें- यदि आप पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान या बिहार में हैं और अचानक तेज हवाएं या आंधी आती है तो पेड़ों, होर्डिंग्स या कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग टालें- गरज-चमक के दौरान घरों के भीतर रहें और बिजली से चलने वाले उपकरणों के प्लग निकाल दें।
भारी बारिश और बाढ़ से सुरक्षा (पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए)
- यात्रा टालें- असम, मेघालय और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी या भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यदि बहुत आवश्यक न हो तो यात्रा करने से बचें। अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन का खतरा रहता है।
- जलभराव से दूर रहें- शहरी इलाकों में जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें क्योंकि खुले मैनहोल या बिजली के गिरे हुए तारों से दुर्घटना हो सकती है।
उमस और गर्मी से राहत (मध्य और पश्चिम भारत के लिए)
- हाइड्रेटेड रहें- शुष्क और उमस भरे मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू पानी, ओआरएस या छाछ का सेवन करें।
- हल्के कपड़े पहनें- धूप और उमस से बचने के लिए सूती और ढीले कपड़े पहनें।
नोट – यह मौसम विश्लेषण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जून 2026 के मध्य में जारी आधिकारिक बुलेटिन और तात्कालिक पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम की स्थिति पल-पल बदल सकती है इसलिए किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि की योजना बनाने से पहले स्थानीय मौसम केंद्र की चेतावनियों और तात्कालिक सैटेलाइट तस्वीरों की जांच अवश्य कर लें।







