मई का महीना भारत में ग्रीष्म लहर (Heatwave) और प्री-मानसून गतिविधियों के संगम का समय होता है। 2 मई 2026 को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने निम्नलिखित मुख्य प्रणालियों के सक्रिय होने का संकेत दिया है
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) – एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू कर चुका है जिसके कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है।
- चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) – उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं जो नमी युक्त हवाओं को अंदरूनी इलाकों की ओर खींच रहे हैं।
- एंटी-साइक्लोन – बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह बना हुआ है जो तटीय क्षेत्रों में उमस और अस्थिरता पैदा कर रहा है।
क्षेत्रीय मौसम विवरण (Regional Weather Breakdown)
उत्तर भारत (North India)
उत्तर भारत में 2 मई को मिला-जुला मौसम रहने की संभावना है।
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश – इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचे इलाकों में छिटपुट बर्फबारी हो सकती है।
- पंजाब, हरियाणा और दिल्ली – पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से धूल भरी आंधी और छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। दिल्ली-NCR में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे जिससे तापमान में बहुत अधिक वृद्धि नहीं होगी लेकिन उमस बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहने का अनुमान है।
- राजस्थान – पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्म हवाएं (Heatwave) चलने की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में धूल भरी हवाएं चल सकती हैं।
मध्य भारत (Central India)
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ – इन राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ स्थानों पर 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- विदर्भ (महाराष्ट्र) – यहाँ तापमान उच्च बना रहेगा, हालांकि शाम के समय बादलों की आवाजाही से हल्की राहत मिल सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत (East & Northeast India)
पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूर्व की गतिविधियां सबसे अधिक सक्रिय रहेंगी।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश – यहाँ ‘भारी से बहुत भारी’ वर्षा (Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम – उप-हिमालयी क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ मध्यम बारिश की संभावना है।
- ओडिशा और झारखंड – यहाँ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
दक्षिण भारत (South India)
- केरल और तमिलनाडु – यहाँ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में नमी के प्रवाह के कारण बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना – तटीय आंध्र प्रदेश में उमस भरा मौसम रहेगा और कुछ क्षेत्रों में ‘लू’ (Heatwave) की स्थिति बनी रह सकती है।
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तापमान का रुझान (Temperature Trends)
- अधिकतम तापमान – उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3°C ऊपर रह सकता है। राजस्थान और आंतरिक आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में पारा 44°C को पार कर सकता है।
- न्यूनतम तापमान – रात के तापमान में विशेष गिरावट की उम्मीद नहीं है जिससे रातें भी गर्म और उमस भरी रहेंगी।
IMD की विशेष चेतावनी (Weather Alerts)
| क्षेत्र | चेतावनी का प्रकार | संभावित प्रभाव |
| पूर्वोत्तर भारत | ऑरेंज अलर्ट (भारी वर्षा) | जलभराव और यातायात में बाधा |
| ओडिशा/झारखंड | येलो अलर्ट (ओलावृष्टि) | खड़ी फसलों को नुकसान की संभावना |
| राजस्थान/तेलंगाना | हीटवेव चेतावनी | लू लगने का खतरा, डिहाइड्रेशन |
| हिमालयी क्षेत्र | गरज-चमक/बिजली | भूस्खलन का मामूली खतरा |
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आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव (Advisory & Recommendations)
मौसम की अनिश्चितता और गर्मी को देखते हुए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है
- गर्मी से बचाव – दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढकें।
- हाइड्रेशन – पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी, नींबू पानी और ताजे फलों के रस का सेवन करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।
- किसानों के लिए सलाह – ओलावृष्टि की संभावना वाले क्षेत्रों (ओडिशा, मध्य प्रदेश) में किसान कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। कीटनाशकों का छिड़काव बारिश रुकने के बाद ही करें।
- पर्यटकों के लिए – पहाड़ी क्षेत्रों (उत्तराखंड, हिमाचल) की यात्रा करने वाले पर्यटक स्थानीय मौसम अपडेट को ट्रैक करते रहें, क्योंकि गरज-चमक के साथ अचानक मौसम बदल सकता है।
- बिजली से सुरक्षा – गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के उपकरणों के उपयोग से बचें।
2 मई 2026 को भारत का मौसम विविधतापूर्ण रहेगा। जहां एक ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत बारिश से सराबोर रहेगा वहीं उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी और धूल भरी हवाओं का सामना करना पड़ेगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय मौसम केंद्र की चेतावनियों का पालन करें।
नोट – यह विवरण उपलब्ध सांख्यिकीय मॉडलों और पूर्वानुमानों पर आधारित है। सटीक और वास्तविक समय की जानकारी के लिए हमेशा IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ‘मौसम’ ऐप का उपयोग करें।







