19 जून 2026 को भारत का मौसम एक साथ कई रंगों में रंगा नजर आएगा। जहां देश के कुछ हिस्से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की फुहारों और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते तेज आंधी-बारिश से सराबोर होंगे वहीं कुछ राज्यों में उमस भरी गर्मी और लू (Heat Wave) का सितम जारी रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार इस दिन उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मॉनसून सक्रिय रहेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके क्षेत्र में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
उत्तर-पश्चिम भारत- आंधी, बारिश और धूल का गुबार
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 19 जून को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है।
- ओलावृष्टि और आंधी- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने (Hailstorm) की भी आशंका है।
- मैदानी इलाकों का हाल- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
- राजस्थान में धूलभरी आंधी- राजस्थान (विशेषकर पश्चिमी राजस्थान) में 19 जून को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी (Thundersquall) और धूलभरी आंधी (Duststorm) चलने की प्रबल आशंका है।
मध्य और पश्चिम भारत- चढ़ता पारा और गरज-चमक
मध्य भारत के राज्यों में मॉनसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने के कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है।
- महाराष्ट्र और कोंकण- मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ चुनिंदा इलाकों में 19 जून को लू (Heat Wave) जैसी स्थिति बनी रह सकती है। कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा (Hot & Humid) रहेगा जिससे लोगों को काफी बेचैनी महसूस हो सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत- भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्य इस समय बारिश के मुख्य केंद्र बने हुए हैं। 19 जून को भी यहां मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।
- पूर्वोत्तर के राज्य- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अधिकांश स्थानों पर व्यापक रूप से वर्षा होगी। असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) का अलर्ट है।
- बिहार, झारखंड और ओडिशा- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। बिहार में भी 19 जून को भारी बारिश हो सकती है। इसके विपरीत झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (Thundersquall) चलेंगी और ओडिशा में उमस भरी गर्मी का असर भी बना रहेगा।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत- मॉनसूनी फुहारें
दक्षिण भारत में मॉनसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है।
- केरल, माहे और लक्षद्वीप में 19 जून को व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में छिटपुट बारिश होगी लेकिन इसके साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश और यानाम में उमस और गर्मी का माहौल भी बना रहेगा।
क्षेत्रवार मौसम सारांश तालिका
| क्षेत्र | अपेक्षित मुख्य घटनाएं | हवा की गति / चेतावनी |
| पहाड़ी क्षेत्र (J&K, हिमाचल, उत्तराखंड) | मध्यम बारिश, बिजली कड़कना, कहीं-कहीं ओलावृष्टि | 40-50 किमी/घंटा, आंधी की चेतावनी |
| दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, प. यूपी | धूलभरी आंधी, शाम को हल्की गरज-चमक के साथ बौछारें | 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं |
| राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी) | भीषण धूलभरी आंधी और गरज-चमक की स्थिति | 50-60 किमी/घंटा (Thundersquall) |
| असम, मेघालय, सिक्किम, बिहार | अत्यधिक भारी बारिश, बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका | भारी बारिश का ऑरेंज/रेड अलर्ट |
| विदर्भ, मराठवाड़ा, प. उत्तर प्रदेश | कुछ हिस्सों में गर्म हवाएं और लू (Heat Wave) | दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह |
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19 जून 2026 के लिए विशेष जन-हित सुझाव (Advisories)
मौसम के इस बदलते और उग्र मिजाज को देखते हुए नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है
- मौसम की चेतावनियों पर नजर रखें (प्रस्थान से पहले) – घर से बाहर निकलने से पहले स्थानीय समाचारों या आईएमडी (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए मौसम की ताजा स्थिति और ‘राडार अपडेट्स’ जरूर चेक कर लें।
- तेज आंधी और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित रहें (आंधी के समय) – जब तेज आंधी या बिजली कड़क रही हो तो पेड़ों के नीचे, कमजोर दीवारों या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खुले मैदान में होने पर तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- धूलभरी आंधी और वाहन चलाते समय सावधानी (यातायात नियम) – राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में धूलभरी आंधी के दौरान दृश्यता (Visibility) अचानक कम हो सकती है। ऐसे में वाहनों की हेडलाइट और इंडिकेटर ऑन रखें और गति धीमी रखें। दोपहिया वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें।
लू और उमस से बचाव के उपाय
(स्वास्थ्य सुरक्षा)- जिन क्षेत्रों में लू या अत्यधिक उमस का अलर्ट है वहां दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या लस्सी का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न हो।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता
(बाढ़ संभावित क्षेत्र) – पूर्वोत्तर भारत और बिहार के निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) के प्रति सतर्क रहें। नदी-नालों और जलजमाव वाले अंडरपास को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी- केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप और ओडिशा के तटों के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मछुआरों को 19 जून को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी जाती है।
नोट- यह जानकारी पूरी तरह से आईएमडी के जारी बुलेटिन पर आधारित है। मौसम एक गतिशील प्रणाली है इसलिए तात्कालिक बदलावों के लिए स्थानीय मौसम केंद्र के ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) को प्राथमिकता दें।







