मई का महीना भारत में ग्रीष्मकाल का चरम समय होता है। 3 मई 2026, रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। जहाँ उत्तर और मध्य भारत में चिलचिलाती गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप रहेगा वहीं उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
क्षेत्रीय मौसम विश्लेषण (Regional Weather Analysis)
उत्तर भारत (North India)
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 मई को तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है।
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) – एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना है।
- मैदानी इलाके.- दिल्ली और आसपास के राज्यों में धूल भरी तेज़ हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चल सकती हैं जिससे तापमान 39°C से 41°C के बीच रहने की उम्मीद है।
मध्य भारत (Central India)
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में गर्मी का प्रभाव बना रहेगा लेकिन कुछ स्थानों पर बादलों की आवाजाही राहत दे सकती है।
- तापमान – अधिकतम तापमान 40°C से 43°C के आसपास रहने का अनुमान है।
- विशेष परिस्थिति – विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ ‘थंडरस्टॉर्म’ (Thunderstorm) की स्थिति बन सकती है, जिससे धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत (East and North-East India)
इस क्षेत्र में प्री-मानसून की सक्रियता सबसे अधिक रहेगी।
- भारी बारिश – असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में व्यापक रूप से बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा) के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। बिहार और झारखंड में भी छिटपुट वर्षा हो सकती है।
दक्षिण भारत (South India)
- तटीय क्षेत्र – केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।
- लू की स्थिति – आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के आंतरिक हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लू जैसी स्थिति (Heatwave-like conditions) बनी रहेगी।
तापमान का विवरण (Temperature Highlights)
| क्षेत्र | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मुख्य विशेषता |
| दिल्ली/एनसीआर | 40°C – 41°C | 24°C – 26°C | आंशिक रूप से बादल, धूल भरी हवाएं |
| राजस्थान (पश्चिमी) | 42°C – 44°C | 27°C – 29°C | भीषण गर्मी और लू |
| मुंबई/कोंकण | 34°C – 36°C | 26°C – 28°C | उमस भरी गर्मी |
| कोलकाता | 35°C – 37°C | 25°C – 27°C | गरज के साथ वर्षा की संभावना |
| बेंगलुरु | 33°C – 35°C | 21°C – 23°C | सुहावना मौसम, हल्की बारिश |
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कृषि और किसानों के लिए एग्रो-एडवाइजरी (Agro-Advisory)
3 मई को संभावित ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं को देखते हुए किसानों के लिए निम्नलिखित सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं
- फसल सुरक्षा – उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के किसान फलों के बागानों और सब्जियों की फसलों को बचाने के लिए ‘हेल नेट’ (ओला रोधी जाल) का उपयोग करें।
- सिंचाई – उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के किसान गर्मी के कारण मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें।
- भंडारण – जहाँ बारिश की संभावना है (जैसे उत्तर-पूर्व भारत), वहां कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और अनाज की बोरियों को तिरपाल से ढक दें।
- कीटनाशक – बारिश या तेज़ हवा की चेतावनी वाले क्षेत्रों में अगले 48 घंटों तक किसी भी प्रकार के रासायनिक छिड़काव से बचें।
आम जनता के लिए आवश्यक स्वास्थ्य और सुरक्षा सुझाव
रविवार का दिन होने के कारण लोग अक्सर बाहर घूमने की योजना बनाते हैं लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें
- लू से बचाव – दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढंकें।
- हाइड्रेशन – पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी, नींबू पानी और फलों के रस का सेवन बढ़ाएं।
- यात्रा सावधानी – पहाड़ी क्षेत्रों (उत्तराखंड/सिक्किम) की यात्रा कर रहे पर्यटक भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बारिश के प्रति सतर्क रहें। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- बिजली गिरने से सुरक्षा – गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के उपकरणों का उपयोग कम से कम करें।
3 मई 2026 को भारत का मौसम मिश्रित रहेगा। एक तरफ पूर्वोत्तर भारत अपनी हरियाली और बारिश के साथ प्री-मानसून का आनंद लेगा वहीं उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों को भीषण गर्मी की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पहाड़ी राज्यों में रहने वालों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जैसी स्थिति हो सकती है इसलिए सतर्कता ही सर्वोत्तम बचाव है।
नोट – मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। कृपया ताज़ा अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ‘मौसम’ ऐप को नियमित रूप से देखते रहें।







