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भारत अंडर-19 ने रचा इतिहास इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठी बार विश्व विजेता बना

भारत अंडर-19 ने रचा इतिहास इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठी बार विश्व विजेता बना
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 7, 2026 11:51 पूर्वाह्न
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हरारे। भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करते हुए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। हरारे में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड अंडर-19 टीम को 100 रन के बड़े अंतर से पराजित कर रिकॉर्ड छठी बार विश्व कप जीतने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने फाइनल जैसे बड़े मंच पर विस्फोटक शतकीय पारी खेलकर भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखा दी।

टॉस जीतकर भारत का पहले बल्लेबाजी का फैसला

फाइनल मुकाबले में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर शुरुआत में बल्लेबाजों को मदद मिल रही थी और भारतीय टीम ने इसका पूरा लाभ उठाया। भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो अंडर-19 विश्व कप फाइनल इतिहास के बड़े स्कोरों में शामिल हो गया।

वैभव सूर्यवंशी का तूफान, फाइनल में ऐतिहासिक पारी

भारतीय पारी के केंद्र में रहे मात्र 14 वर्ष के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों की एक न चलने दी। सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में नाबाद 175 रन की अविस्मरणीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह पारी न केवल मैच की दिशा तय करने वाली साबित हुई, बल्कि अंडर-19 विश्व कप फाइनल की सर्वश्रेष्ठ पारियों में भी शामिल हो गई। इतनी कम उम्र में फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में ऐसा आत्मविश्वास भरा प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है।

कप्तान आयुष म्हात्रे और अन्य बल्लेबाजों का योगदान

वैभव सूर्यवंशी को कप्तान आयुष म्हात्रे का भरपूर साथ मिला। आयुष ने जिम्मेदारी से खेलते हुए 53 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और दूसरे छोर से पारी को संभाले रखा। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूत आधार प्रदान किया।

इसके अलावा अभिज्ञान कुंडू ने 40 रन, जबकि कनिष्क चौहान ने नाबाद 37 रन बनाकर टीम को 400 रन के पार पहुंचाया। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे संयम और आक्रामकता के संतुलन के साथ खेलते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में रखा।

इंग्लैंड के गेंदबाजों को मिली कड़ी चुनौती

इंग्लैंड के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने बेबस नजर आए। लगातार बदलती रणनीतियों के बावजूद वे रन गति पर अंकुश नहीं लगा सके। बड़े मुकाबले में अनुशासन की कमी और खराब लाइन-लेंथ इंग्लैंड को भारी पड़ी, जिसका सीधा लाभ भारतीय टीम ने उठाया।

412 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड

412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत हालांकि ठीक रही, लेकिन जल्दी-जल्दी विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। कप्तान थॉमस रीव बड़ी पारी खेलने में असफल रहे और भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर इंग्लैंड की उम्मीदों को कमजोर कर दिया।

कालेब फाल्कनर की शतकीय पारी, पर नाकाफी

इंग्लैंड की ओर से कालेब फाल्कनर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 115 रन की शतकीय पारी खेली। उन्होंने कुछ समय के लिए मुकाबले में जान डालने की कोशिश की, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा था और उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका।

भारतीय गेंदबाजों ने संयम नहीं खोया और लगातार दबाव बनाए रखा। अंततः इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 100 रन से जीत लिया।

भारतीय गेंदबाजों का सामूहिक प्रदर्शन

भारत की जीत में गेंदबाजों का योगदान भी बेहद अहम रहा। आर. एस. अम्बरीश ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट चटकाए। कनिष्क चौहान को दो विकेट मिले, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी कसी हुई गेंदबाजी कर इंग्लैंड को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

भारतीय गेंदबाजी आक्रमण ने अनुशासन, धैर्य और रणनीति का बेहतरीन नमूना पेश किया, जो बड़े फाइनल मुकाबले में जीत की कुंजी साबित हुआ।

भारत का छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब

इस जीत के साथ भारत ने छठी बार अंडर-19 विश्व कप अपने नाम किया। इससे पहले भारत 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में यह खिताब जीत चुका है। 2026 की यह जीत भारतीय क्रिकेट की मजबूत युवा प्रणाली और प्रतिभा की गहराई को दर्शाती है।

खास बात यह रही कि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही और सभी मुकाबले जीतकर चैंपियन बनी।

भविष्य के सितारों की झलक

वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। जिस तरह इन युवा खिलाड़ियों ने दबाव में खेल दिखाया, वह आने वाले वर्षों में भारतीय सीनियर टीम के लिए भी सुखद संकेत माना जा रहा है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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