जमशेदपुर इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2025-26 में शुक्रवार को खेले गए अहम मुकाबले में जमशेदपुर एफसी ने एफसी गोवा को 2-0 से हराकर न केवल महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, बल्कि अंक तालिका में शीर्ष स्थान भी हासिल कर लिया। यह मुकाबला जमशेदपुर के जेडआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेला गया, जहां घरेलू टीम ने अंतिम समय में दो गोल कर मैच अपने नाम किया।
पहला हाफ बराबरी पर
मैच की शुरुआत काफी सधी हुई रही। दोनों ही टीमों के कोच इस बात से वाकिफ थे कि एक छोटी सी गलती पूरे टूर्नामेंट की लय बिगाड़ सकती है। पहले 15 मिनट में जमशेदपुर एफसी ने मिडफील्ड पर अपना नियंत्रण बनाने की कोशिश की। जावी हर्नांडेज़ और उनके साथियों ने छोटे-छोटे पास के जरिए गोवा के डिफेंस की थाह लेने की कोशिश की। दूसरी ओर, एफसी गोवा ने अपनी पुरानी पहचान के अनुरूप ‘पजेशन-बेस्ड’ फुटबॉल खेलने के बजाय ‘काउंटर-अटैक’ यानी जवाबी हमलों पर अधिक भरोसा दिखाया।
मैच के 25वें मिनट में गोवा को एक सुनहरा मौका मिला था जब उनके स्ट्राइकर ने जमशेदपुर के बॉक्स के पास से एक तेज तर्रार शॉट लगाया, लेकिन जमशेदपुर के गोलकीपर ने अपनी चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए गेंद को रोक लिया। पहले हाफ के अंत तक खेल पूरी तरह से रक्षात्मक रहा। दोनों पक्षों ने मौके तो बनाए, लेकिन फिनिशिंग टच की कमी हर जगह खली। दर्शक दीर्घा में बैठे हजारों प्रशंसक गोल का इंतजार कर रहे थे, लेकिन स्कोरबोर्ड 0-0 के साथ आधे समय की समाप्ति की घोषणा कर चुका था।
दूसरे हाफ की गहमागहमी
दूसरे हाफ की शुरुआत में खेल की गति कुछ धीमी रही। दोनों टीमें जोखिम उठाने से बच रही थीं। लेकिन जैसे ही घड़ी की सुई ने 60 मिनट का आंकड़ा पार किया, जमशेदपुर के खिलाड़ियों ने अपने खेल के गियर बदल दिए। विंग्स से लगातार क्रॉस गोवा के पेनल्टी बॉक्स में आने लगे।65वें और 72वें मिनट में जमशेदपुर को दो कॉर्नर मिले, लेकिन गोवा के गोलकीपर ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें क्लीयर कर दिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसकों की धड़कनें तेज हो रही थीं। सबको लग रहा था कि मैच शायद बिना किसी गोल के बराबरी पर खत्म होगा। गोवा की टीम समय काटने की कोशिश कर रही थी ताकि उन्हें कम से कम एक अंक मिल सके, लेकिन जमशेदपुर के इरादे कुछ और ही थे।
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82वां मिनट: पहला गोल
जब मुकाबला अपने सबसे निर्णायक दौर में था, तभी मैदान पर वह हुआ जिसका हर जमशेदपुर फैन को इंतजार था। 82वें मिनट में मिडफील्ड से एक लंबा थ्रू-पास मोहम्मद सनान की ओर बढ़ा। सनान ने गेंद को बड़ी चतुराई से अपने कंट्रोल में लिया और गोवा के दो डिफेंडरों को अपनी ड्रिबलिंग से छकाते हुए बॉक्स के अंदर घुस गए। गोलकीपर ने एंगल कम करने की कोशिश की, लेकिन सनान ने एक तेज तर्रार शॉट सीधे नेट के ऊपरी कोने में जड़ दिया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।मैच के आखिरी पलों में मदीह तलाल ने इंजरी टाइम (90+6 मिनट) में दूसरा गोल कर दिया। इस गोल के साथ ही जमशेदपुर एफसी की जीत पूरी तरह तय हो गई और स्टेडियम में जश्न का माहौल बन गया।
गोवा से कहां हुई चूक ?
इस मैच में जमशेदपुर की जीत का सबसे बड़ा कारण उनका ‘धैर्य’ रहा। उन्होंने गोवा को पहले 70 मिनट तक थकाया और जब विपक्षी टीम के पैरों में भारीपन आने लगा, तब अपने स्ट्राइकर्स का सही इस्तेमाल किया। दूसरी ओर, गोवा की हार की वजह उनकी खराब फिनिशिंग रही। उन्होंने मौके तो बनाए लेकिन उन्हें गोल में तब्दील करने वाला कोई ‘फिनिशर’ मैदान पर नजर नहीं आया।गोवा के कोच ने मैच के बाद अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा, “हमने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन आखिरी के 10 मिनटों में ध्यान भटकना हमें भारी पड़ गया। जमशेदपुर ने मौकों का फायदा उठाया और वे जीत के हकदार थे।”
अंक तालिका का हाल
इस जीत के साथ मिले 3 अंकों ने जमशेदपुर एफसी को अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है। सीजन की शुरुआत में जिस टीम को ‘अंडरडॉग’ माना जा रहा था, वह अब खिताब की सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। फर्नेस अब एक ऐसा किला बन चुका है जिसे भेदना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा।
आगे की राह
फुटबॉल एक ऐसा खेल है जहाँ हर मैच एक नई कहानी लिखता है। जमशेदपुर ने आज अपनी कहानी स्वर्णिम अक्षरों में लिखी है। 2-0 की यह जीत उन्हें न केवल मानसिक मजबूती देगी, बल्कि आने वाले बड़े मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी सातवें आसमान पर होगा। एफसी गोवा को यहाँ से वापस जाकर अपनी गलतियों को सुधारना होगा, क्योंकि लीग अभी लंबी है और वापसी के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं।जमशेदपुर एफसी के लिए यह रात जश्न की है, लेकिन उनके कोच जानते हैं कि शीर्ष पर बने रहना वहां पहुंचने से ज्यादा कठिन है। क्या यह टीम इस लय को बरकरार रख पाएगी? यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन आज फर्नेस के नायक मोहम्मद सनान और मदीह तलाल ही हैं।







