भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 19 मई 2026 को भारत का मौसम दो विपरीत छोरों पर खड़ा नजर आ रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर और निकोबार द्वीप समूह को पार करते हुए केरल की ओर समय से पहले बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाके भीषण लू (Heatwave) की चपेट में झुलस रहे हैं। देश के पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।
19 मई 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है और इस बदलते मौसम में आपको खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
क्षेत्रीय मौसम का संक्षिप्त पूर्वानुमान
- उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा) – इस क्षेत्र में गर्मी अपने चरम पर होगी। पश्चिमी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘गंभीर लू’ (Severe Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में भी दोपहर के समय तेज, गर्म और शुष्क हवाएं (लू) चलेंगी। इन राज्यों में अधिकतम तापमान 42°C से 45°C के बीच रहने की संभावना है।
- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ) – मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में तापमान में 2-3 °Cकी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे यहां भी हीटवेव का असर दिखेगा। हालांकि, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी स्थानीय स्तर पर थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन उमस और गर्मी का प्रभाव बना रहेगा।
- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल) – पूर्वी भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। झारखंड और बिहार के कई जिलों में 19 मई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (Thundersquall) चलने और बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।
- दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्र (केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु) – दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती हलचल के कारण केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ व्यापक रूप से बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट है। केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) – असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रभाव से भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक जलभराव (Flash Floods) की आशंका है।
भीषण लू और गर्मी से बचाव के उपाय (उत्तर व मध्य भारत के लिए)
जिन राज्यों में तापमान 40°Cके पार जा रहा है, वहां के नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
- हाइड्रेशन बनाए रखें – प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। अपने साथ पानी की बोतल हमेशा रखें। घर से बाहर निकलते समय नींबू पानी, छाछ, लस्सी, ओआरएस (ORS) का घोल या नारियल पानी का सेवन करें।
- दोपहर में बाहर जाने से बचें – सुबह 11:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
- उचित पहनावा – बाहर जाते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। अपने सिर को टोपी, स्कार्फ या छाते से ढककर रखें और धूप का चश्मा (Sunglasses) जरूर लगाएं।
- बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान – घर के बुजुर्गों, बच्चों और पालतू जानवरों को सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाएं। उन्हें कभी भी खड़ी और बंद गाड़ी के अंदर अकेला न छोड़ें।
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आंधी, तूफान और भारी बारिश से सुरक्षा के उपाय (पूर्वी, दक्षिणी व पूर्वोत्तर भारत के लिए)
जहां मौसम विभाग ने तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहां निम्नलिखित सावधानियां बरतें
- आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें – जब तेज हवाएं चल रही हों या बिजली कड़क रही हो, तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में शरण लें। पेड़ों, कमजोर दीवारों, साइनबोर्ड और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग – आकाशीय बिजली (Lightning) चमकने के दौरान घर के बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का उपयोग करने से बचें।
- यात्रा टालें – भारी बारिश और आंधी की स्थिति में विशेषकर पहाड़ी रास्तों (जैसे पूर्वोत्तर भारत या उत्तराखंड) पर यात्रा करने से बचें, क्योंकि वहां दृश्यता कम हो सकती है और जलभराव या भूस्खलन का खतरा रहता है।
- किसानों के लिए सलाह – जिन क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश का अनुमान है, वहां किसान भाई अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रख लें ताकि वे भीगने या नष्ट होने से बच सकें।
19 मई 2026 का दिन भारत के भौगोलिक विविधताओं वाले मौसम को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। देश का एक हिस्सा जहां मॉनसून के आगमन की आहट के साथ बारिश का स्वागत कर रहा है, वहीं दूसरा हिस्सा भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी इन चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित रखें।







