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FIH प्रो लीग में भारत की शर्मनाक हार -अर्जेंटीना ने 8–0 से रौंदा 

FIH प्रो लीग में भारत की शर्मनाक हार -अर्जेंटीना ने 8–0 से रौंदा 
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 13, 2026 1:49 अपराह्न
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राउरकेला  — भारतीय पुरुष हॉकी टीम को सोमवार देर रात राउरकेला के बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में एफआईएच मेन्स प्रो लीग 2025–26 के मुकाबले में अर्जेंटीना के हाथों सर्वाधिक अंतर से हार का सामना करना पड़ा। मेजबान भारतीय टीम को अर्जेंटीना ने 8–0 के भारी मुकाबले में हराया, जो वर्षों के बाद भारतीय हॉकी के लिए सबसे शर्मनाक परिणामों में से एक रहा।

यह मैच उस दौर में खेला गया जब दोनों टीमों ने लीग के अंक तालिका में अपना स्थान मजबूत करने के लिए मैदान पर उतरी थीं। लेकिन जिस प्रदर्शन की भारतीय टीम ने शुरुआत में उम्मीद लगाई थी, वह बहुत ही निराशाजनक साबित हुई। 

मु्क़ाबला कैसे रहा: शुरुआत से अंत तक अर्जेंटीना का दबदबा

मैच की शुरुआत भारतीय टीम ने अपेक्षित उर्जा और आक्रमण के साथ की। भारत ने पहले क्वार्टर में ही बहुमूल्य मोमेंटम हासिल करने की कोशिश की और जल्दी ही अर्जेंटीना के डिफेंस पर दबाव बनाया। लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर टॉमस सैंटियागो ने शानदार बचाव किया और भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी स्ट्रोक को रोक दिया, जिससे भारत की पहली ख़राब ख़बर आई। 

अर्जेंटीना की ओर से टॉमस रुइज़ ने 14वें मिनट में शानदार बैकट्रैक शॉट के साथ मैच का पहला गोल किया, जिससे अर्जेंटीना को बढ़त मिल गई। उसके तुरंत बाद टॉमस डोमेने ने 15वें मिनट में गोल कर टीम का स्कोर 2–0 कर दिया। 

पहले क्वार्टर में ही अर्जेंटीना ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया और इंडिया के डिफेंस को बुरी तरह परेशान करना शुरू कर दिया। दूसरे ही मिनट में लुसियो मेंडेज़ (22′), इग्नासियो इबार्रा (25′) और निकोलस डे ला टॉरे (30′) ने गोल कर पहले हाफ में 7–0 की बेहद मजबूत लीड बना दी। टॉमस डोमेने ने 15′, 20′, 26′ सहित लगातार गोल दागते हुए अपने नाम हैट-ट्रिक दर्ज की। 

दूसरे हाफ में भारतीय टीम हालांकि कुछ अवसर जुटा पाई— शिलानंद लाकड़ा और आदित्य लालगे जैसे खिलाड़ियों ने कोशिशें कीं, लेकिन गोल करने में सफल नहीं हो पाए। अंत में मैच के 60वें मिनट में डोमेने ने एक और गोल दागा और अर्जेंटीना ने 8–0 से मैच को पूरा कर दिया। 

क्यों भारत के लिए यह हार निराशाजनक है?

यह हार भारतीय हॉकी के लिए बहुत निराशापूर्ण और चिंताजनक रही। 8–0 का अंतर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम के लिए कोई मामूली मामला नहीं है। इससे पहले भी भारत को कुछ बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन इतनी भारी हार एक ऐसे मैच में जो घर पर खेला गया, यह एक चेतावनी है कि टीम की प्लानिंग और तैयारी पर गंभीर पुनर्विचार की आवश्यकता है। 

भारतीय टीम के कई अनुभवी खिलाड़ी—जिनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह भी शामिल हैं—ने बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद जताई थी। लेकिन इस मैच में गोल रोकने और गोल करने दोनों मोर्चों पर टीम बेहद संघर्ष करती दिखी। विशेष रूप से पेनल्टी कॉर्नर और गोल स्कोरिंग अवसरों को भुनाने में टीम असफल रही। 

अर्जेंटीना की रणनीति और सफलता की वजहें

अर्जेंटीना ने मैच की शुरुआत ही अपनी रणनीति के अनुरूप की। उन्होंने सफल टैकल और मजबूत पासिंग से भारतीय डिफेंस को भ्रमित किया और जल्द ही मैच का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। टॉमस डोमेने की शानदार फिनिशिंग ने अर्जेंटीना को गति दी और टीम ने किसी भी मौके को गंवाने नहीं दिया। 

भारतीय टीम की कमजोरियाँ विशेष रूप से दूसरी क्वार्टर में उजागर हुईं, जब उन्होंने गोल रोकने और विरोधियों को दबाव में रखने की क्षमता खो दी। अर्जेंटीना ने बॉक्स में त्वरित पोज़ीशनिंग से गोल के अवसर खड़े किए, और भारत की अंतरराष्ट्रीय हॉकी की स्थिति इस मैच में स्पष्ट रूप से कमजोर दिखाई दी। 

भारतीय टीम के लिए आगे की राह और सुधार

अब भारतीय टीम के पास यही मौका है कि वह इस हार से सीख लेकर अपनी रणनीति और कोचिंग में संशोधन करे। अभी एफआईएच प्रो लीग में अधिक मैच होने हैं। आगामी मैचों में भारत को बेलेज़ियम, नीदरलैंड, और ऑस्ट्रेलिया जैसे मजबूत टीमों से भिड़ने की संभावना है, इसलिए टीम को सुधार के लिए समय मिल गया है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय हॉकी को तकनीकी और मानसिक दोनों स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है। डिफेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाना होगा और फिनिशिंग क्षमता को बढ़ाना होगा। हार से निराश होने के बजाय टीम के अनुभवी खिलाड़ी और युवा प्रतिभागियों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि आगे चलकर भारत फिर से जीत की पटरी पर लौट सके।

 एक सबक और एक नई शुरुआत

यह 8–0 की हार भारतीय हॉकी के इतिहास में एक शर्मनाक अध्याय के रूप में दर्ज होगी। हालांकि हार से पहले और बाद के खिलाड़ियों और प्रबंधन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी, लेकिन यह स्पष्ट है कि टीम को इस हार से उबरने के लिए कठोर प्रशिक्षण, रणनीतिक बदलाव और आत्मविश्वास की आवश्यकता है।

भारतीय हॉकी प्रेमियों को उम्मीद है कि आगामी मैचों में टीम अपने कौशल को बेहतर प्रदर्शन करेगी और फिर से आत्म-विश्वास के साथ मैदान में उतरेगी।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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