21 मई 2026 दिन गुरुवार को भारत में मौसम के दो पूरी तरह विपरीत रूप देखने को मिलेंगे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार जहां उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) की चपेट में रहेगा वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में प्री-मॉनसून गतिविधियों के कारण तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
उत्तर और मध्य भारत – भीषण लू का प्रकोप (Heat Wave to Severe Heat Wave)
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में सूरज का सितम जारी रहेगा। शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में बढ़त दर्ज की जाएगी।
- दिल्ली और NCR – राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दिन के समय 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से गर्म हवाएं (लू) चलेंगी। यहाँ अधिकतम तापमान 43°C से 45°C के बीच रहने की संभावना है जो सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक है।
- पंजाब और हरियाणा (चंडीगढ़ सहित) – इन दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। दोपहर के समय तीव्र धूप के कारण लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।
- राजस्थान – राजस्थान के अधिकांश जिलों विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में तापमान 45°C या उससे ऊपर जा सकता है। तीव्र हीट वेव के कारण जनजीवन प्रभावित रहेगा।
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश – पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘गंभीर लू’ (Severe Heat Wave) की स्थिति रहेगी। मध्य प्रदेश और विदर्भ जैसे अमरावती, वर्धा के इलाकों में भी तापमान 45°C के पार जा सकता है जिससे रातें भी गर्म महसूस होंगी।
दक्षिण भारत – गरज-चमक के साथ प्री-मॉनसून बारिश
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बनी ट्रफ लाइन छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु वाया कर्नाटक के सक्रिय होने के कारण दक्षिणी राज्यों में मौसम खुशनुमा और वर्षाकाल जैसा रहेगा।
- केरल और माहे – केरल में प्री-मॉनसून गतिविधियां काफी तेज हैं क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके 26 मई के आसपास केरल तट पर दस्तक देने की उम्मीद है। 21 मई को केरल के विभिन्न जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है।
- कर्नाटक – तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक बेंगलुरु सहित में शाम या रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।
- तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा – तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार वाले झोंकेदार हवाओं के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत – भारी वर्षा की चेतावनी
- असम और मेघालय – इन राज्यों में व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही 40-50 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा – इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
- पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बारिश हो सकती है जबकि बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ मौसम शुष्क या छिटपुट बूंदाबांदी वाला रहेगा।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा संबंधी सुझाव
- लू से बचाव के लिए – दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अत्यंत आवश्यक न होने पर बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। बुजुर्गों, बच्चों और बाहरी श्रमिकों का विशेष ध्यान रखें।
- बारिश और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए – दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों के लोग गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित पक्के भवनों के अंदर शरण लें। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
- मछुआरों के लिए चेतावनी- मौसम विभाग ने खराब मौसम और 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मन्नार की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास के क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
विशेष नोट – भारत इस समय मौसम के दो चरम छोरों का गवाह बन रहा है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां भीषण गर्मी से बचने के लिए हाइड्रेटेड रहना और दोपहर में बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के लोगों को तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और भारी बारिश को देखते हुए सतर्क रहने तथा स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता है।







