व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

Iran Peace Deal Row: Senate Vote के बाद Trump ने अपने ही Republicans को घेरा

Iran Peace Deal Row: Senate Vote के बाद Trump ने अपने ही Republicans को घेरा
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 24, 2026 12:16 अपराह्न
Follow Us:

ईरान के साथ संघर्ष और संभावित शांति समझौते के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने ही देश में राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी सीनेट द्वारा ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई सीमित करने संबंधी प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद ट्रंप ने अपने ही रिपब्लिकन सहयोगियों की आलोचना की है।

राष्ट्रपति का कहना है कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब ईरान बातचीत के लिए तैयार दिखाई दे रहा था। वहीं, सीनेट की वोटिंग ने अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था के भीतर ईरान नीति को लेकर गहरे मतभेद भी उजागर कर दिए हैं।

सीनेट के प्रस्ताव पर ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ किसी भी नए सैन्य अभियान को कांग्रेस की मंजूरी के बिना आगे बढ़ाने पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पारित किया। इस घटनाक्रम के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

ट्रंप ने कहा कि जिस समय ईरान वार्ता की मेज पर आने और अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने की स्थिति में था, उसी दौरान सीनेट के इस कदम ने उनकी कोशिशों को कमजोर कर दिया। उनके अनुसार, इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश गया कि अमेरिका अपनी रणनीति को लेकर एकजुट नहीं है।

ईरान की अमेरिका को दोटूक समझौता तोड़ा तो फिर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना

रिपब्लिकन सहयोगियों पर साधा निशाना

राष्ट्रपति ने विशेष रूप से उन चार रिपब्लिकन सीनेटरों की आलोचना की जिन्होंने डेमोक्रेट सांसदों के साथ मिलकर प्रस्ताव का समर्थन किया।

ट्रंप का दावा था कि वोटिंग के बाद ईरान की ओर से भी यह सवाल उठाया जाने लगा कि अमेरिका के भीतर आखिर क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उनकी चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

किन सांसदों ने किस पक्ष में मतदान किया?

प्रस्ताव 50-48 मतों के अंतर से पारित हुआ।

रिपब्लिकन पार्टी की ओर से लिसा मुर्कोव्स्की, सुसान कॉलिन्स, रैंड पॉल और बिल कैसिडी ने डेमोक्रेट सांसदों के साथ मतदान किया। दूसरी ओर, डेमोक्रेट सांसद जॉन फेटरमैन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।

इस मतदान ने यह संकेत दिया कि ईरान को लेकर मतभेद केवल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दलों के बीच ही नहीं, बल्कि दोनों दलों के भीतर भी मौजूद हैं।

Senate Vote के बाद Trump ने अपने ही Republicans को घेरा

कांग्रेस का संदेश और प्रशासन की प्रतिक्रिया

बताया गया कि यह पहली बार है जब इस प्रकार का प्रस्ताव कांग्रेस के दोनों सदनों से पारित हुआ है। इससे ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति को लेकर बढ़ती राजनीतिक असहजता सामने आई है।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने प्रस्ताव के प्रभाव को सीमित बताते हुए इसकी अहमियत कम करके दिखाने की कोशिश की। प्रशासन का कहना है कि यह एक “कंकरेन्ट रेजोल्यूशन” है, जिसके लिए राष्ट्रपति के हस्ताक्षर आवश्यक नहीं होते और जिसका कानूनी प्रभाव भी सीमित रहता है।

इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषण में इसे कांग्रेस की ओर से एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

रैंड पॉल ने शांति समझौते की वकालत की

वोटिंग के बाद रैंड पॉल ने कहा कि युद्ध की तुलना में शांति बेहतर विकल्प है।

उनके अनुसार, ट्रंप को ऐसा समझौता करने का अवसर मिलना चाहिए जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोके, लेकिन अमेरिका को एक और लंबे समय तक चलने वाले मध्य-पूर्वी युद्ध में न धकेले।

वैश्विक कूटनीति में ऐतिहासिक मोड़- अमेरिका और ईरान के बीच 14-सूत्रीय शांति समझौता

गिरती लोकप्रियता और बढ़ती राजनीतिक चुनौती

इसी बीच, एक नए राष्ट्रीय सर्वेक्षण में ट्रंप की लोकप्रियता घटकर 30 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया गया है।

ईरान युद्ध की संभावित लागत, अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं और 2026 के मध्यावधि चुनावों की तैयारियों के बीच यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में लगातार बड़ा विवाद बनता जा रहा है।

Conclusion

ईरान को लेकर अमेरिकी नीति पर विवाद अब केवल विदेश नीति का विषय नहीं रह गया है, बल्कि घरेलू राजनीति का भी प्रमुख मुद्दा बन चुका है। सीनेट की हालिया वोटिंग ने ट्रंप प्रशासन और कांग्रेस के बीच मतभेदों को उजागर किया है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आई हैं। ऐसे में ईरान से जुड़ी रणनीति और संभावित शांति समझौते को लेकर राजनीतिक बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment