भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में कई महान पारियां खेली गई हैं लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के एक मुकाबले में झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने जो किया उसने क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी। रांची के मैदान पर जब झारखंड की टीम संकट में थी तब ईशान किशन ने नंबर 6 पर उतरकर वह कर दिखाया जिसे दुनिया असंभव मान रही थी। उन्होंने 33 गेंदों में शतक और मात्र 39 गेंदों पर 125 रनों की यह पारी न केवल एक रिकॉर्ड है बल्कि आधुनिक क्रिकेट के आक्रामक तेवरों का प्रमाण है।

मैच की स्थिति जब संकट में थी झारखंड की टीम
मैच की शुरुआत झारखंड के लिए अच्छी नहीं रही थी। विपक्षी टीम के तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही झारखंड के ऊपरी क्रम को तहस-नहस कर दिया था। 150 रनों के कुल योग तक पहुंचते-पहुंचते टीम के 4 महत्वपूर्ण विकेट गिर चुके थे।
आमतौर पर ईशान किशन सलामी बल्लेबाज Opener के तौर पर जाने जाते हैं लेकिन टीम प्रबंधन ने इस मैच में फिनिशर की भूमिका निभाने के लिए उन्हें छठे नंबर पर भेजा।
जब ईशान क्रीज पर आए तो झारखंड को एक स्थिर साझेदारी की जरूरत थी लेकिन ईशान के मन में कुछ और ही चल रहा था।
पारी का आगाज – संयम से विध्वंस तक
ईशान किशन ने अपनी पहली दो गेंदें संभलकर खेलीं। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को लगा कि आज पॉकेट डायनेमो रक्षात्मक खेल दिखाएंगे। लेकिन तीसरी गेंद पर मिले एक ओवरपिच शॉट को उन्होंने कवर के ऊपर से बाउंड्री के बाहर भेजा और यहीं से तबाही की शुरुआत हुई।
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विस्फोटक आंकड़ों का सफर
- पहली 10 गेंदें 18 रन
- अगली 10 गेंदें 42 रन कुल 60 रन 20 गेंद
- ऐतिहासिक शतक 33 गेंदें
- कुल स्कोर – 125 रन 39 गेंदें
33 गेंदों में शतक एक नया कीर्तिमान
क्रिकेट जगत में एबी डिविलियर्स का 31 गेंदों में वनडे शतक और क्रिस गेल का आईपीएल में 30 गेंदों का शतक हमेशा चर्चा में रहता है। विजय हजारे ट्रॉफी लिस्ट-ए क्रिकेट में 33 गेंदों पर शतक जड़ना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
ईशान ने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए। स्पिनरों के खिलाफ उनके ट्रेडमार्क स्लॉग स्वीप और तेज गेंदबाजों के खिलाफ हेलीकॉप्टर शॉट ने गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी वीडियो गेम के चीट कोड का इस्तेमाल कर रहे हों।
पारी की मुख्य विशेषताएं
इस 125 रनों की पारी में कुछ ऐसी बातें रहीं जिन्होंने इसे ऑल टाइम ग्रेट की श्रेणी में खड़ा कर दिया|
नंबर 6 की चुनौती
आमतौर पर मध्यक्रम में बल्लेबाजी करना मुश्किल होता है क्योंकि गेंद पुरानी हो चुकी होती है और फील्डिंग फैली होती है। ईशान ने इसे अपनी ताकत बनाया।
स्ट्राइक रेट
उनका स्ट्राइक रेट 320.51 का रहा जो 50 ओवर के फॉर्मेट में अकल्पनीय है।
बाउंड्री की बारिश
अपनी पारी में उन्होंने 12 छक्के और 10 चौके जड़े। यानी 125 में से 112 रन केवल बाउंड्री से आए।
चयनकर्ताओं के लिए कड़ा संदेश
ईशान किशन पिछले कुछ समय से भारतीय राष्ट्रीय टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। 2025-26 के इस सीजन में उनकी यह पारी चयनकर्ताओं के लिए एक वेक-अप कॉल’ की तरह है। ऋषभ पंत और संजू सैमसन जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच ईशान ने यह साबित कर दिया कि उनमें मैच को अकेले दम पर पलटने की क्षमता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईशान की यह पारी उन्हें आगामी विश्व कप की योजनाओं में दोबारा सबसे आगे खड़ा कर सकती है। उनकी विकेटकीपिंग और अब मिडिल ऑर्डर में इस तरह की बल्लेबाजी उन्हें एक X-Factor खिलाड़ी बनाती है।
पिच और विपक्षी गेंदबाजों का हाल
मैच के बाद विपक्षी कप्तान ने स्वीकार किया कि हमें समझ नहीं आ रहा था कि गेंद कहाँ फेंकें। हमने यॉर्कर की कोशिश की तो उन्होंने स्कूप कर दिया शॉर्ट फेंकी तो उन्होंने पुल कर दिया। ईशान आज अलग ही ग्रह पर बल्लेबाजी कर रहे थे।
रांची की पिच वैसे तो संतुलित थी लेकिन ईशान के बल्ले के संपर्क ने इसे बल्लेबाजों का स्वर्ग बना दिया। गेंद और बल्ले का संपर्क इतना मधुर था कि स्टेडियम में बैठा हर दर्शक मंत्रमुग्ध था।
झारखंड क्रिकेट का गौरव
झारखंड ने भारतीय क्रिकेट को महेंद्र सिंह धोनी जैसा दिग्गज दिया है। ईशान किशन को अक्सर धोनी का उत्तराधिकारी माना जाता है। इस पारी के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने उन्हें रांची का दूसरा सुल्तान कहना शुरू कर दिया है। झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन JSCA ने इस ऐतिहासिक पारी के बाद ईशान के लिए एक विशेष सम्मान समारोह की भी घोषणा की।






