महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों नगर परिषद और नगर पंचायत के परिणाम घोषित हो चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने राज्य में एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाया है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों की लहर को बरकरार रखते हुए भाजपा राज्य में नंबर वन पार्टी बनकर उभरी है।

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025 मुख्य परिणाम और सीटों का गणित
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग SEC द्वारा जारी आंकड़ों और रुझानों के अनुसार 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में महायुति का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भाजपा ने न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण इलाकों से सटे नगर निकाय क्षेत्रों में भी बड़ी जीत दर्ज की है।
निकाय चुनाव के लिए 2 दिसंबर 2025 को मतदान हुआ था जबकि दूसरे चरण का मतदान 20 दिसंबर को हुआ था राज्य निर्वाचन आयोग के दौरान इस चुनाव में मतदाताओं का भारी उत्साह दिखा औसतम 67% से अधिक मतदान दर्ज किया गया
सीट समीकरण किसको कितनी सीट मिली
ताजा आंकड़ों के अनुसार महायुति 213 निकायो पर अपना परचम लहराया है मुख्य दलों की स्थिति इस प्रकार है-
- बीजेपी -118
- शिवसेना शिंदे- 58
- अजीत पवार -37
- कांग्रेस-31
- शिवसेना UBT – 10
- शरद पवार MCP-9
अन्य मिलकर चुनाव परिणाम आये|
Also read – 13 साल के लंबे इंतजार के बाद – अंडर 19 एशिया कप 2025 का खिताब पाकिस्तान के पास से
तीन प्रमुख उम्मीदवार जो बिना काउंटिंग के ही निर्विरोध जीत गए
इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा उन उम्मीदवारों की रही जिन्होंने बिना किसी विरोध के यानी निर्विरोध Unopposed जीत हासिल की। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान से पहले ही 3 प्रमुख निकायों में अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला एकतरफा हो गया था|
- साधना महाजन जामनेर, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन जामनेर नगर परिषद की अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुनी गईं। विपक्ष के उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद उनकी जीत का रास्ता साफ हो गया था।
- नयन कुंवर रावल दोंडाईचा, पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल की माता नयन कुंवर रावल दोंडाईचा-वरवड़े नगर परिषद धुले जिला की अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुईं। यहाँ विपक्षी उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने के बाद वे अकेली उम्मीदवार बची थीं।
- अल्हाद कलोती चिखलदरा, अमरावती जिले की चिखलदरा नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने निर्विरोध जीत दर्ज की जो भाजपा के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत मानी गई।
इनके अलावा राज्य भर में लगभग 100 से अधिक पार्षदों Councillors ने भी अपने-अपने वार्डों से निर्विरोध जीत हासिल की है जिनमें सबसे बड़ी संख्या भाजपा उम्मीदवारों की है।
चुनाव के प्रमुख निष्कर्ष और राजनीतिक प्रभाव
विपक्ष MVA के लिए चिंता का विषय, महा विकास अघाड़ी शिवसेना UBT कांग्रेस और शरद पवार की NCP के लिए ये नतीजे चुनौतीपूर्ण रहे हैं। विशेष रूप से विदर्भ और मराठवाड़ा में जहां कांग्रेस और शरद पवार गुट से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी वहां भाजपा और महायुति ने सेंध लगा दी है।
लाडली बहना योजना का असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनाव की तरह स्थानीय निकाय चुनाव में भी मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना का व्यापक असर देखने को मिला है। महिला मतदाताओं ने महायुति के पक्ष में जमकर मतदान किया जिसका लाभ सीधे तौर पर भाजपा और उसके सहयोगियों को मिला।
आगामी महानगरपालिका चुनावों का ट्रेलर
यह चुनाव परिणाम आने वाले समय में होने वाले मुंबई BMC पुणे नागपुर और ठाणे जैसे बड़े महानगरपालिका चुनावों के लिए एक आधार तैयार करेंगे। महायुति की इस जीत ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।






