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जानिए कौन है प्रतीक जैन जिसके घर पड़ा ED का छापा पहुंची ममता बनर्जी लगाया भाजपा पर आरोप

प्रतीक जैन जिसके घर पड़ा ED का छापा पहुंची ममता बनर्जी लगाया भाजपा पर आरोप
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 8, 2026 7:38 अपराह्न
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने भूचाल ला दिया है। हाल ही में कोलकाता के व्यवसायी प्रतीक जैन के ठिकानों पर ED की छापेमारी और उसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कड़ा रुख इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में केंद्र और राज्य के बीच टकराव और बढ़ेगा।

कौन हैं प्रतीक जैन

प्रतीक जैन कोलकाता के एक प्रमुख व्यवसायी और उद्यमी हैं। आधिकारिक तौर पर उनका नाम रियल एस्टेट और व्यापारिक लेन-देन से जुड़ा रहा है। हालांकि ED की जांच के रडार पर आने से पहले वे सार्वजनिक जीवन में बहुत चर्चित चेहरा नहीं थे।

  • व्यवसाय-प्रतीक जैन का मुख्य कार्य रियल एस्टेट सेक्टर और निवेश से जुड़ा बताया जाता है।
  •  क्यों हैं ED के रडार पर-सूत्रों के अनुसार प्रतीक जैन का नाम कुछ वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध बैंक लेन-देन की जांच के दौरान सामने आया। ED को संदेह है कि उनके माध्यम से कुछ प्रभावशाली लोगों के धन का प्रबंधन (Money Laundering) किया जा रहा था।
  • ED की छापेमारी का घटनाक्रम-बीते दिनों ED की टीम ने कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में प्रतीक जैन के आवास और दफ्तरों पर एक साथ छापेमारी की।
  • तलाशी की प्रक्रिया-करीब 12 से 15 घंटे तक चली इस तलाशी में भारी मात्रा में डिजिटल दस्तावेज बैंक पासबुक और संपत्तियों के कागजात जब्त किए गए।
  • आरोप-ED का प्राथमिक आरोप है कि प्रतीक जैन की कंपनियां शेल कंपनियों (Shell Companies) के रूप में कार्य कर रही थीं जिनका उपयोग अवैध धन को वैध बनाने के लिए किया जा रहा था।

ममता बनर्जी का हस्तक्षेप और भाजपा पर आरोप

जैसे ही प्रतीक जैन के यहाँ छापेमारी की खबर फैली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी भाजपा पर हमला बोला।

ममता बनर्जी के मुख्य आरोप

एजेंसियों का दुरुपयोग-ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा चुनावी लाभ के लिए ED और CBI जैसी एजेंसियों को अपना हथियार बना रही है।

लोकतंत्र पर हमला-उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी व्यवसायी या व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब होता है या भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं होता उसे निशाना बनाया जाता है।

संघीय ढांचे का अपमान-सीएम ने तर्क दिया कि राज्य की कानून व्यवस्था में हस्तक्षेप किए बिना केंद्रीय एजेंसियां जिस तरह से छापेमारी कर रही हैं वह संघीय ढांचे के खिलाफ है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और वार-पलटवार

  • TMC तृणमूल कांग्रेस-यह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। भाजपा बंगाल के विकास को रोकना चाहती है और डराने की राजनीति कर रही है। |
  • BJP भाजपा-एजेंसियां अपना काम स्वतंत्र रूप से कर रही हैं। यदि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो डर कैसा  ममता बनर्जी भ्रष्टाचारियों को बचा रही हैं। 
  • ED प्रवर्तन निदेशालय-छापेमारी पुख्ता सबूतों और इनपुट के आधार पर की गई है। कानून अपना काम कर रहा है। 
  • कानूनी और आर्थिक निहितार्थ-प्रतीक जैन का मामला केवल एक छापेमारी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कई जटिल कानूनी बिंदु हैं
  • PMLA एक्ट-  प्रतीक जैन पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई की जा रही है जिसमें जमानत मिलना काफी कठिन होता है।
  • लिंक की जांच-  जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन पैसों का संबंध हाल ही में बंगाल में हुए किसी बड़े घोटाले जैसे शिक्षक भर्ती या राशन घोटाला से तो नहीं है।

प्रतीक जैन के घर पड़ी यह रेड आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकती है। जहां एक तरफ ममता बनर्जी इसे भाजपा की साजिश बताकर जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही हैं, वहीं भाजपा इस मुद्दे को भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में पेश कर रही है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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