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मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल मीडिया रिपोर्टों का दावा 

मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल मीडिया रिपोर्टों का दावा 
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 13, 2026 2:37 अपराह्न
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मार्च 2026 के मध्य में ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के स्वास्थ्य और उनकी स्थिति को लेकर वैश्विक मीडिया और सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरों और दावों की बाढ़ सी आ गई है। इन रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में वे न केवल गंभीर रूप से घायल हुए हैं बल्कि कोमा में भी जा चुके हैं।

घटना का मुख्य सारांश – क्या दावा किया जा रहा है?

​मार्च 2026 की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके दूसरे बेटे, मुजतबा खामेनेई को नया ‘सुप्रीम लीडर’ घोषित किया गया था। पदभार ग्रहण करने के कुछ ही दिनों के भीतर, पश्चिमी और क्षेत्रीय मीडिया जैसे The Sun, New York Times और कुछ इजरायली सूत्रों ने निम्नलिखित दावे किए

  • हवाई हमला – 28 फरवरी और मार्च के शुरुआती सप्ताह के बीच तेहरान में “लीडरशिप कंपाउंड” पर हुए इजरायली हवाई हमलों में मुजतबा खामेनेई मौजूद थे।
  • गंभीर चोटें –  रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में वे गंभीर रूप से घायल हुए। दावों में कहा गया कि उन्होंने अपना एक पैर खो दिया है (Amputation) और उनके पेट या लीवर में गहरी आंतरिक चोटें आई हैं।
  • कोमा की स्थिति –  कुछ सूत्रों ने दावा किया कि उनकी हालत इतनी नाजुक है कि उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल (Sina University Hospital) में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है और वे कोमा में हैं।
  • ईरान का आधिकारिक पक्ष –  ईरानी अधिकारियों और राष्ट्रपति के सलाहकारों ने इन खबरों को “दुश्मन का दुष्प्रचार” बताते हुए खारिज किया है और कहा है कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

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​मुजतबा खामेनेई कौन हैं? (पृष्ठभूमि)

​मुजतबा खामेनेई (जन्म 1969) अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे पुत्र हैं। दशकों तक वे ईरान की सत्ता के गलियारों में एक ‘शक्तिशाली पर्दे के पीछे के खिलाड़ी’ के रूप में जाने जाते रहे।

  • धार्मिक शिक्षा –  उन्होंने कोम (Qom) के मदरसों में शिक्षा प्राप्त की है। हालांकि उनकी धार्मिक रैंक (हुज्जतुल इस्लाम) उनके पिता की तुलना में कम रही है लेकिन हाल के वर्षों में उन्हें ‘अयातुल्ला’ के रूप में प्रचारित किया जाने लगा था।
  • सुरक्षा बलों से जुड़ाव – उनका IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) और बसीज मिलिशिया पर गहरा नियंत्रण माना जाता है। 2009 के विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
  • उत्तराधिकार –  मार्च 2026 में ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने आपातकालीन स्थिति में उन्हें ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना।

​विरोधाभासी रिपोर्टों का विश्लेषण

​वर्तमान में मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर तीन अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं

​ पश्चिमी और इजरायली मीडिया के दावे

  • गंभीर चोट –  रिपोर्टों के अनुसार जिस हमले में उनके पिता अली खामेनेई मारे गए थे उसी मलबे में मुजतबा भी दबे थे। उनके अंगों को गंभीर क्षति हुई और वे कई दिनों से सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए हैं।
  • कोमा का दावा – कुछ सूत्रों का कहना है कि उनकी ओर से जारी होने वाले बयान केवल लिखित रूप में आ रहे हैं
  •  जो इस बात का संकेत है कि वे बोलने या दिखने की स्थिति में नहीं हैं।

​ ईरानी सरकार का आधिकारिक रुख

  • अखंडता का दावा –  ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के पुत्र और सरकार के करीबी सूत्रों ने टेलीग्राम पर पोस्ट कर कहा कि मुजतबा “पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित” हैं।
  • घायल दिग्गज का टैग – रोचक बात यह है कि ईरानी सरकारी टीवी ने उन्हें “रमजान युद्ध का घायल दिग्गज” (Wounded veteran of the Ramadan war) कहा है। यह पद इस बात की पुष्टि करता है कि वे घायल तो हुए हैं लेकिन ‘कोमा’ या ‘पैर कटने’ जैसी खबरों की पुष्टि नहीं करता।

​स्वतंत्र विशेषज्ञों की राय

​विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के नए नेता को सुरक्षा कारणों से ‘अंडरग्राउंड’ रखा गया है। इजरायल द्वारा “टारगेटेड किलिंग” के डर से उन्हें किसी सुरक्षित बंकर में रखा जा सकता है जिसे मीडिया द्वारा कोमा या अस्पताल में भर्ती होना समझा जा रहा है।

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​उत्तराधिकार और सत्ता संघर्ष की चुनौतियां

​मुजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता बनना ईरान के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है लेकिन उनकी कथित बीमारी/चोट ने नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं

  • वैधता का संकट –  मुजतबा को उनके पिता के प्रभाव और IRGC के दबाव में चुना गया है। यदि वे लंबे समय तक कोमा में रहते हैं या कार्य करने में असमर्थ होते हैं तो ईरान में एक बार फिर ‘लीडरशिप काउंसिल’ या किसी अन्य नाम पर विचार किया जा सकता है।
  • क्षेत्रीय तनाव – अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे सीधे संघर्ष के बीच नेतृत्व का कमजोर होना ईरान के ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (हिजबुल्ला, हमास आदि) के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।
  • आंतरिक विद्रोह – यदि जनता को यह आभास होता है कि शीर्ष नेतृत्व अस्थिर है तो ईरान के भीतर नागरिक असंतोष फिर से भड़क सकता है।

​ वर्तमान स्थिति (मार्च 13, 2026 तक)

​आज की तारीख तक मुजतबा खामेनेई का कोई वीडियो या सार्वजनिक दर्शन उपलब्ध नहीं हुआ है। 12 मार्च को उनकी ओर से एक लिखित संदेश जारी किया गया जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।

महत्वपूर्ण नोट –  “कोमा” की खबरें अभी भी अपुष्ट हैं और खुफिया जानकारी के लीक होने या मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा हो सकती हैं।

​भविष्य की संभावनाएँ

​ईरान का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि क्या मुजतबा खामेनेई जल्द ही कैमरे के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो सत्ता के भीतर IRGC का प्रभाव और अधिक बढ़ जाएगा और ईरान एक “सैन्य-धर्मशास्त्रीय” (Military-Theocratic) शासन की ओर तेजी से बढ़ेगा।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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